Skip to content
March 12, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • वेब स्टोरी
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • Privacy Policy
  • धार्मिक

Bayan Mata History : अद्भुत मंदिर, जहां एक शिला पर 9 देवियों का वास, मेवाड़ राजघराने की है कुलदेवी

Jaivardhan News October 3, 2024 1 minute read

Bayan Mata History : शारदीय नवरात्रि में माँ के नौ रूपों की आराधना का विशेष महत्व है। आज, हम राजस्थान के प्रसिद्ध बाण माता मंदिर का इतिहास जानेंगे। यहां एक ही शिला पर माता के नौ स्वरूप विराजमान हैं। मेवाड़ के पूर्व राजघराने की कुलदेवी होने के नाते, यह मंदिर देश-विदेश से आने वाले भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है।

चित्तौड़गढ़ दुर्ग में विराजमान माता की पूजा का महत्व भगवान एकलिंग नाथ के समान ही है। ऐतिहासिक मान्यता है कि वैशाख शुक्ल अष्टमी को चित्तौड़गढ़ दुर्ग में देवियों की स्थापना हुई थी, इसीलिए इस दिन को चित्तौड़गढ़ की स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसे चित्तौड़ी आठम के नाम से जाना जाता है। बाण माता की पहली मूर्ति 7वीं सदी में बप्पा रावल द्वारा स्थापित की गई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश आक्रमणकारियों द्वारा इस मूर्ति को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बाद में 18वीं सदी के अंत में महाराणा सज्जन सिंह ने मूल मूर्ति के आगे एक नई मूर्ति की स्थापना करवाई। आज भी मंदिर में दोनों मूर्तियां विराजमान हैं, जबकि मूल मूर्ति को श्रृंगार से ढक दिया जाता है। चित्तौड़गढ़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य आज भी विशेष अवसरों पर अपनी कुलदेवी बाण माता का आशीर्वाद लेने के लिए इस मंदिर में आते हैं।

Bayan Mata Mandir History : बप्पा रावल और बाण माता की प्रतिमा: एक रोचक कथा

Bayan Mata Mandir History : पुजारी मुकेश पालीवाल के अनुसार, चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध देवी मंदिर में विराजमान बाण माता की प्रतिमा को गुजरात से बप्पा रावल द्वारा लाया गया था। बप्पा रावल का जन्म और पालन-पोषण गुजरात में ही हुआ था। वहां से विस्थापित होकर वे एकलिंग नाथ जी की तलहटी पहुंचे। 7वीं शताब्दी में रुहिल वंश के राजा रहे बप्पा रावल को पुरोहितों द्वारा लालन-पालन करने के कारण रावल की उपाधि दी गई थी। 13वीं सदी में यह उपाधि महाराणा में परिवर्तित हो गई।

चित्तौड़गढ़ पर विजय प्राप्त करने के बाद बप्पा रावल ने इसे मेवाड़ की राजधानी बनाया। जीत के उपलक्ष्य में वे सूरत गए। सूरत के पास देवबंदर द्वीप पर इस्फगुल राजा का शासन था। बप्पा रावल ने इस्फगुल राजा की पुत्री से विवाह किया और उसे चित्तौड़गढ़ लेकर आए। मान्यता है कि बप्पा रावल देवबंदर से ही बाण माता की प्रतिमा को लेकर चित्तौड़गढ़ आए थे। इस प्रकार, बाण माता की प्रतिमा न केवल एक देवी के रूप में पूजनीय है, बल्कि चित्तौड़गढ़ के इतिहास और बप्पा रावल के जीवन से भी जुड़ी हुई है।

Ban Mata Mandir Chittorgarh : हंसवाहिनी है प्रतिमा

Ban Mata Mandir Chittorgarh : पुजारी ने बताया कि बाण माता की प्रतिमा का स्वरूप अत्यंत आकर्षक और विशिष्ट है। मां के चार हाथ हैं, जिनमें से दो ऊपर उठे हुए हैं और दो नीचे की ओर हैं। दाहिने हाथों में अंकुश और बाण तथा बाएं हाथों में पाश और धनुष धारण किए हुए हैं। यह वर्णन दुर्गा सप्तशती के आठवें अध्याय के प्रथम श्लोक से मेल खाता है, जो स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि यह एक हंसवाहिनी प्रतिमा है। हंसवाहिनी को ब्रह्मा से उत्पन्न शक्ति माना जाता है। मां का यह स्वरूप अत्यंत प्राचीन है और शक्ति की देवी के रूप में पूजा जाता है। मां के मस्तक पर मुकुट, कानों में कुंडल, गले में हार और हाथों-पांवों में आभूषण उनकी दिव्यता को दर्शाते हैं। मेवाड़ क्षेत्र में इन्हें बाण माता या बयाण माता के नाम से जाना जाता है, जबकि गुजरात में इन्हें ब्रह्माणी के नाम से पूजा जाता है।

Where is Temple Bayan Mata : बाण माता की मूर्ति का इतिहास

Where is Temple Bayan Mata : 7वीं शताब्दी में बप्पा रावल द्वारा मेवाड़ पर विजय प्राप्त करने के पश्चात, बाण माता की मूर्ति की स्थापना चित्तौड़गढ़ दुर्ग में की गई थी। 13वीं शताब्दी में महाराणा हम्मीर सिंह ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया और मंदिर को और अधिक भव्य बनाया।महाराणा अमर सिंह द्वारा मुगलों से की गई संधि के कारण, चित्तौड़गढ़ दुर्ग लगभग 200 वर्षों तक वीरान रहा। इस दौरान मंदिर और मूर्तियां भी उपेक्षित रहीं। 15वीं शताब्दी में हुए आक्रमणों में मूल मूर्ति क्षतिग्रस्त हो गई। 18वीं शताब्दी के अंत में, महाराणा सज्जन सिंह ने दुर्ग का जीर्णोद्धार करवाया और क्षतिग्रस्त मूल मूर्ति के समान ही एक नई संगमरमर की मूर्ति बनवाई। वर्तमान में, मूल मूर्ति को श्रृंगार से ढक दिया जाता है और नई मूर्ति को ही दर्शन के लिए रखा जाता है। इस प्रकार, बाण माता की मूर्ति का इतिहास चित्तौड़गढ़ के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है और यह मेवाड़ के लोगों की आस्था का केंद्र है।

Baan mata Photo : मंदिर की वास्तुकला और प्रतिमाओं का विवरण

Baan mata Photo : बाण माता मंदिर की दोनों प्रतिमाएं शुद्ध श्वेत संगमरमर से निर्मित हैं और आकार व मुद्रा में लगभग एक समान हैं। प्रतिमाओं के मुखारविंद अत्यंत मनमोहक हैं, ऐसी सुंदरता वाली प्रतिमाएं बहुत कम ही देखने को मिलती हैं। मंदिर का निर्माण उत्तर भारतीय नागर शैली में किया गया है। मंदिर के शिखर पर काले पत्थर पर 12 नृत्य करती हुई अप्सराओं की प्रतिमाएं थीं, जिनमें से अब केवल चार ही शेष रह गई हैं। ये नृत्यांगनाएं विभिन्न वाद्य यंत्र बजा रही हैं और अलग-अलग मुद्राओं में हैं। मंदिर में दो स्तंभ हैं, जिनमें से एक स्तंभ पर घंटियां बनी हुई हैं जबकि दूसरा स्तंभ सादा है। यह संभवतः इस बात का संकेत है कि मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान आसपास से जो भी स्तंभ मिला होगा, उसे मंदिर में जोड़ दिया गया होगा। मंदिर की यह वास्तुकला और प्रतिमाएं न केवल धार्मिक महत्व को दर्शाती हैं बल्कि उस काल की कला और शिल्पकला का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

बाण माता को कुलदेवी के रूप में पूजते हैं ये समाज

ब्राम्हण समाज : पुरोहित (पालीवाल), नागर, मेनारिया, पानेरी, मारवाड़ के राजपुरोहित, रावल।
क्षत्रिय समाज : महाराणा साहब मेवाड़, मेवाड़ के भाई, बेटे यानी चुण्डावत, शक्तावत, राणावत, सांरगदेवोत, सिसोदिया, गुहिल, गहलोत, मांगलिया, बडगुजर, मराठा, राणे, भौंसले, सांवत।
वैश्य समाज : ओसवाल, सिसोदिया, पीपाड़ा, हीरण, कोठारी, विनायका, गुगल्या, डांगी, चतर, मुनोत।
अन्य गुहिल वंश : माली, गांची, प्रजापत, मालवीय लोहार, गोराना, सिखी, जाणना, चौधरी, जाट, देवासी, सुथार, छीपा, दर्जी, मेवाड़ा, कलाल, नाई, सेन।

About the Author

Jaivardhan News

Administrator

जयवर्द्धन न्यूज डेस्क टीम। पांच से 15 वर्ष तक पत्रकारिता के अनुभवी एक्सपर्ट शामिल है, जो प्रत्येक कंटेंट का गहन अवलोकन के बाद मौजूदा स्थिति के अनुसार बेहतर, निष्पक्ष, सारगर्भित व पठनीय कंटेंट तैयार करते हैं। Jaivardhan News Desk Team

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 1,978

Post navigation

Previous: Ajab Gajab Tradition : कब्र से उठकर मुर्दे पीते हैं सिगरेट! ये डरावनी अजीब रस्म देगी आपको झटका
Next: Badiya Mata Mandir : बाड़िया माता का चमत्कारिक मंदिर, लकवा ठीक होने की मान्यता

Related Stories

STALE FOOD IN HINDU BELIEFS
  • धार्मिक

STALE FOOD IN HINDU BELIEFS : क्या बासी खाना सच में बढ़ाता है दुर्भाग्य? जानें धार्मिक मान्यता का बड़ा रहस्य

Parmeshwar Singh Chundwat March 9, 2026
Festival Calendar March 2026
  • धार्मिक
  • दिन विशेष

Festival Calendar March 2026 : मार्च 2026 में त्योहारों की बहार: होली, नवरात्र और शादी के शुभ मुहूर्त से सजेगा महीना

Parmeshwar Singh Chundwat February 27, 2026
Saint Lalitprabh
  • धार्मिक

Lalitprabh Maharaj pravachan : प्रतिकूलता में भी मुस्कुराओ — राष्ट्रसंत का ऐसा मंत्र, बदल जाएगी जिंदगी!

Parmeshwar Singh Chundwat February 26, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_k0nthY3tCZw आर्ट ऑफ लिविंग उत्कृष्ट खिलाड़ी, व्यवसायी व युवाओं का करेगा सम्मान, 15 तक आवेदन  #artofliving  #jaivardhannews
#rajsamandखेल, व्यवसाय व लीडरशिप के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान व कार्य करने पर आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा सम्मान किया जाएगा। इसके लिए कोई भी व्यक्ति या संस्था 15 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। जिला समन्वयक गणेश पालीवाल से 8003346351 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
आर्ट ऑफ लिविंग सम्मान कार्यक्रम
राजसमंद युवा सम्मान
उत्कृष्ट खिलाड़ी सम्मान
व्यवसायी सम्मान कार्यक्रम
आर्ट ऑफ लिविंग राजसमंद
राजसमंद ताजा खबर
युवाओं को सम्मान
लीडरशिप क्षेत्र सम्मान
आर्ट ऑफ लिविंग आवेदन
राजसमंद सामाजिक कार्यक्रम
Art Of Living Award Program
Rajsamand Youth Award
Outstanding Player Award Rajasthan
Business Leader Award
Art Of Living Rajsamand Event
Rajsamand Latest News
Youth Leadership Award
Art Of Living Application
Rajsamand Social Event
Youth Achievement AwardOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
आर्ट ऑफ लिविंग उत्कृष्ट खिलाड़ी, व्यवसायी व युवाओं का करेगा सम्मान, 15 तक आवेदन  #artofliving  #jaivardhannews
#rajsamandखेल, व्यवसाय व लीडरशिप के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान व कार्य करने पर आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा सम्मान किया जाएगा। इसके लिए कोई भी व्यक्ति या संस्था 15 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। जिला समन्वयक गणेश पालीवाल से 8003346351 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
आर्ट ऑफ लिविंग सम्मान कार्यक्रम
राजसमंद युवा सम्मान
उत्कृष्ट खिलाड़ी सम्मान
व्यवसायी सम्मान कार्यक्रम
आर्ट ऑफ लिविंग राजसमंद
राजसमंद ताजा खबर
युवाओं को सम्मान
लीडरशिप क्षेत्र सम्मान
आर्ट ऑफ लिविंग आवेदन
राजसमंद सामाजिक कार्यक्रम
Art Of Living Award Program
Rajsamand Youth Award
Outstanding Player Award Rajasthan
Business Leader Award
Art Of Living Rajsamand Event
Rajsamand Latest News
Youth Leadership Award
Art Of Living Application
Rajsamand Social Event
Youth Achievement AwardOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
आर्ट ऑफ लिविंग उत्कृष्ट खिलाड़ी, व्यवसायी व युवाओं का करेगा सम्मान, 15 तक आवेदन #artofliving
उदयपुर में  घर की पार्किंग में खड़ी कार का फास्टैग कटा #udaipurnews #fastagscam #rajsamandpolice  #jaivardhannews
#rajsamand
उदयपुर में घर की पार्किंग में खड़ी कार का फास्टैग से रुपए कट गए। ये फास्टैग राजसमंद से ब्यावर के बीच का कटा है। कार मालिक ने नेशनल हाइवे के नंबर पर शिकायत भी दर्ज कराई है लेकिन अब तक काटे गए रुपए वापस नहीं आए है। कार मालिक ने सीसीटीवी भी दिखाए, जिसमें उस तारीख को गाड़ी घर की पार्किंग में ही खड़ी दिख रही है।
फास्टैग से गलत कटे पैसे
उदयपुर फास्टैग मामला
कार पार्किंग में खड़ी थी
फिर भी टोल कटा
राजसमंद ब्यावर टोल प्लाजा
फास्टैग शिकायत
उदयपुर ताजा खबर
टोल प्लाजा विवाद
फास्टैग फ्रॉड मामला
उपभोक्ता समस्या न्यूज
FASTag Wrong Deduction
Udaipur FASTag Issue
Car Parked Toll Deducted
FASTag Complaint India
Rajsamand Beawar Toll Plaza
FASTag Fraud Case
Udaipur Latest News
Toll Plaza Dispute
FASTag Problem India
Consumer Complaint FASTagOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
उदयपुर में घर की पार्किंग में खड़ी कार का फास्टैग कटा #udaipurnews #fastagscam #rajsamandpolice
सांवलिया सेठ को डेढ़ महीने में 46-करोड़ रुपए का चढ़ावा #sawaliyasethji #jaivardhannews #chittorgarhnews#rajsamandचित्तौड़गढ़ (मेवाड़) के श्रीसांवलियाजी सेठ मंदिर में डेढ़ महीने (18 जनवरी से 1 मार्च तक) के दौरान चढ़ावे में 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपए मिले। वहीं, करीब 8 करोड़ 70 लाख रुपए के सोना-चांदी के गहने और आइटम भी भेंट किए गए। इनमें 2 किलो 967 ग्राम 480 मिलीग्राम सोना और 152 किलो 609 ग्राम चांदी है। राजस्थान सर्राफा संघ के महामंत्री किशन पिछोलिया का कहना है- वर्तमान बाजार भाव के अनुसार भंडार में मिले सोने की कीमत करीब 4.5 करोड़ रुपए आंकी गई। वहीं, चांदी की कीमत करीब 4 करोड़ 20 लाख रुपए आंकी गई। मंदिर मंडल सदस्य पवन तिवारी ने बताया- बुधवार को सातवें और अंतिम राउंड की गिनती पूरी हुई। इसमें ऑनलाइन और ड्राफ्ट, दोनों को मिलाकर 10 करोड़ 45 हजार 282 रुपए प्राप्त हुए। इनके अलावा चिल्लर की भी गिनती की गई। साल 2025 में होली के दौरान करीब डेढ़ महीने की अवधि में मंदिर को 29 करोड़ 8 लाख रुपए चढ़ावे में मिले थे।
सांवलियाजी सेठ मंदिर चढ़ावा
चित्तौड़गढ़ सांवलिया मंदिर
46 करोड़ चढ़ावा मंदिर
मंदिर में सोना चांदी दान
सांवलियाजी मंदिर समाचार
मेवाड़ धार्मिक समाचार
सांवलिया सेठ भंडार गिनती
चित्तौड़गढ़ ताजा खबर
राजस्थान मंदिर दान
सांवलिया सेठ दर्शन
Sanwariya Seth Temple Donation
Sanwaliya Ji Temple Chittorgarh
46 Crore Temple Donation
Temple Gold Silver Donation
Sanwariya Seth Temple News
Mewar Religious News
Sanwaliya Ji Bhent Counting
Chittorgarh Latest News
Rajasthan Temple Donation
Sanwariya Seth DarshanOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
सांवलिया सेठ को डेढ़ महीने में 46-करोड़ रुपए का चढ़ावा #sawaliyasethji #jaivardhannews #chittorgarhnews
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Go to mobile version