
Bedach Ka Naka Project : कुंभलगढ़ और चारभुजा के बीच अरावली की ऊंची-नीची पहाड़ियों में स्थित बेड़च का नाका लंबे समय से इस अंचल की जल-आकांक्षाओं का प्रतीक बना हुआ है। यह स्थान वर्षों से ग्रामीणों के लिए उम्मीद और प्रतीक्षा का केंद्र रहा है। बरसात के मौसम में अरावली की पर्वतमालाओं से बहकर मारवाड़ की ओर जाने वाले बहुमूल्य वर्षा जल को संरक्षित करने और पेयजल का स्थायी समाधान तैयार करने के उद्देश्य से Bedach Ka Naka Drinking Water Project की परिकल्पना की गई थी।
Kumbhalgarh Drinking Water Project इस महत्वाकांक्षी पेयजल परियोजना की आधारशिला वर्ष 1999 में उस समय रखी गई थी, जब राजस्थान में पहली बार Ashok Gehlot मुख्यमंत्री बने थे। चारभुजा क्षेत्र में तत्कालीन वरिष्ठ नेता हीरालाल देवपुरा के प्रयासों से प्रदेश के कई मंत्रियों की मौजूदगी में इस योजना का भव्य शिलान्यास हुआ था। उस समय उम्मीद जगी थी कि जल्द ही चारभुजा और कुंभलगढ़ क्षेत्र के गांवों को पानी की स्थायी सुविधा मिल जाएगी। यह परियोजना कुंभलगढ़ पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली चारभुजा क्षेत्र की 15 ग्राम पंचायतों के लगभग तीन दर्जन गांवों के लिए पेयजल की जीवनरेखा बनने वाली थी। लेकिन शिलान्यास के बाद यह योजना वर्षों तक सरकारी फाइलों और विभागीय प्रक्रियाओं में उलझकर रह गई। संसाधनों की कमी, प्राथमिकता में बदलाव और प्रशासनिक विलंब के कारण धरातल पर कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हो सका।
भजनलाल सरकार के बजट से मिली नई रफ्तार
Charbhuja Water Supply Scheme : करीब 25 साल के लंबे इंतजार के बाद अब बेड़च का नाका परियोजना को नई दिशा और गति मिलने जा रही है। Bhajan Lal Government ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इस योजना के लिए 60 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी और राहत की लहर है। ग्रामीणों ने विधायक सुरेन्द्रसिंह राठौड़ का आभार जताया।
परियोजना के पूर्ण होने पर चारभुजा क्षेत्र की 15 ग्राम पंचायतों के करीब 30 से अधिक गांवों को सीधे तौर पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। प्रस्तावित Bedach Ka Naka Dam की भंडारण क्षमता 22 MCFt (Million Cubic Feet) निर्धारित की गई है, जो आने वाले कई दशकों तक क्षेत्र की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होगी।

बेड़च का नाका परियोजना: तकनीकी और भौगोलिक विवरण
Aravalli Water Conservation Project : चारभुजा तहसील में बनने वाली यह बहुप्रतीक्षित पेयजल परियोजना अब मैप और तकनीकी स्तर पर पूरी तरह तैयार हो चुकी है। करीब 58.22 करोड़ रुपए की कुल लागत से इस योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।
- बेड़च का नाका डेम को बाघेरी बांध से लगभग 4.20 फीट अधिक ऊंचा बनाया जाएगा।
- जहां बाघेरी बांध की भराव क्षमता 32.80 फीट है, वहीं बेड़च का नाका डेम की प्रस्तावित भराव क्षमता 37 फीट रखी गई है।
- डेम की कुल लंबाई लगभग 83 मीटर (करीब 272 फीट) होगी, जो बाघेरी बांध की तुलना में कम है, लेकिन जल संग्रहण की दृष्टि से अत्यंत प्रभावी मानी जा रही है।
डेम निर्माण का कार्य Irrigation Department द्वारा कराया जाएगा, जिस पर लगभग 17.20 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं, शेष 41.20 करोड़ रुपए के कार्य Public Health Engineering Department (PHED) यानी जलदाय विभाग के माध्यम से पूरे किए जाएंगे।
कैचमेंट एरिया और जल सुरक्षा को मिलेगा बल
Rajasthan Water Project News : बेड़च का नाका डेम का कुल Catchment Area लगभग 14 वर्ग किलोमीटर निर्धारित किया गया है। चारभुजा क्षेत्र की अरावली पहाड़ियों से रिसकर आने वाला वर्षा जल सीधे इस डेम में एकत्र होगा। इससे न केवल पेयजल संकट दूर होगा, बल्कि क्षेत्र की Water Security को भी मजबूत आधार मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में गर्मियों के दौरान होने वाली पानी की भारी किल्लत काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। ग्रामीणों को टैंकरों और दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
ग्रामीणों के लिए उम्मीद की नई किरण
बेड़च का नाका परियोजना को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में लंबे समय से जो निराशा थी, वह अब आशा में बदलती दिखाई दे रही है। यह योजना न केवल पेयजल की समस्या का समाधान करेगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति देगी। खेती, पशुपालन और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार आने की पूरी संभावना है।
