
BVP Rajsamand seminar : भारत विकास परिषद राजसमंद की ओर से “प्रबुद्ध एवं समृद्ध वर्ग का राष्ट्र निर्माण में योगदान” विषय पर एक विशेष प्रबुद्ध एवं समृद्ध वर्ग संपर्क एवं संवाद संगोष्ठी का आयोजन स्थानीय केशव इन होटल में किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजन, उद्योगपति, चिकित्सक, समाजसेवी एवं परिषद के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन थे। उन्होंने अपने संबोधन में वर्तमान समय में तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश और सांस्कृतिक मूल्यों में आ रहे गिरावट को गंभीर चिंता का विषय बताया। मुख्य अतिथि सुरेश जैन ने कहा कि आज समाज में विवाह विच्छेदन के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। पारिवारिक संबंध कमजोर पड़ रहे हैं और सामाजिक ताना-बाना धीरे-धीरे बिखरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ते उत्पीड़न और पारिवारिक विघटन को रोकने के लिए समाज के प्रबुद्ध एवं समृद्ध वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल आर्थिक विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक उन्नयन और नैतिक मूल्यों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। युवाओं और युवतियों में संस्कारों का निर्माण करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।
कुटुंब प्रबोधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत

Rajsamand social seminar news : सुरेश जैन ने कहा कि परिवार भारतीय संस्कृति की मूल इकाई है और यदि परिवार मजबूत रहेगा तो समाज भी सशक्त बनेगा। उन्होंने “कुटुंब प्रबोधन” पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि परिवारों में संवाद, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती आधुनिकता के बीच पारिवारिक मूल्यों को बचाने के लिए संगठनों के माध्यम से सामूहिक प्रयास करना समय की मांग है।
भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुआ शुभारंभ
Family values and culture seminar : कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता एवं स्वामी विवेकानंद की तस्वीर पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और सामूहिक वंदेमातरम् गायन के साथ हुआ। कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों में राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन के साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष राधेश्याम रंगा, क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी तथा राजसमंद के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं समाजसेवी फतेहचंद सामसुखा उपस्थित रहे।

प्रबुद्धजनों का परिचय और स्वागत
Bharat Vikas Parishad event Rajasthan : संपर्क आयाम संयोजक कमल किशोर व्यास ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों और प्रबुद्धजनों का स्वागत किया। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों का संक्षिप्त परिचय भी प्रस्तुत किया। इसके बाद क्षेत्रीय महासचिव संदीप बाल्दी ने संगोष्ठी के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के जागरूक और सक्षम वर्ग को राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
परिषद की गतिविधियों की दी जानकारी
Rajsamand intellectuals seminar : भारत विकास परिषद राजसमंद शाखा के अध्यक्ष महेंद्र कोठारी ने परिषद द्वारा संचालित स्थानीय सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि परिषद समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
सामाजिक सरोकारों पर आए महत्वपूर्ण सुझाव
संगोष्ठी के दौरान विभिन्न प्रबुद्धजनों ने समाजहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। एडवोकेट संपत लढ्ढा ने परिषद को क्षेत्रीय समस्याओं पर अधिक ध्यान देने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से समाधान की दिशा में काम करने का सुझाव दिया। जिला गौ सेवा समिति अध्यक्ष जेठूसिंह राजपुरोहित ने परिषद को गौ सेवा और ग्राम विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
CPR प्रशिक्षण को लेकर उठी मांग
डॉ. एच.सी. सोनी और सुधीर भंडारी ने कहा कि वर्तमान समय में आमजन को आपातकालीन जीवन रक्षक प्रणाली यानी सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण दिया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने परिषद स्तर पर जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की आवश्यकता बताई।
पर्यावरण और ग्राम विकास पर जोर
पद्मश्री श्यामसुंदर पालीवाल ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और ग्राम विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा प्रकल्प शुरू करने और गांव स्तर पर सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने की जरूरत
उद्योगपति सत्यप्रकाश काबरा ने समाज में बढ़ते विवाह विच्छेदन मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने और संस्कारवान बनाने के लिए निरंतर प्रेरक संवाद एवं प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते परिवार व्यवस्था को मजबूत नहीं किया गया तो समाज में विघटन की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे प्रबुद्धजन
कार्यक्रम में क्षेत्रीय संगठन सचिव जगदीश प्रसाद, प्रांतीय उपाध्यक्ष सतीश तापड़िया, शाखा अध्यक्ष महेंद्र कोठारी, शाखा सचिव सुरेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष विनोद मेहता, द्वारकेश शाखा सचिव मनोज कोठारी, कोषाध्यक्ष गौरव दरगड़ और महिला संयोजिका विनीता कर्नावट सहित परिषद के अनेक सदस्य एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन प्रमोद सोनी और जितेंद्र लढ्ढा ने किया। अंत में द्वारकेश शाखा सचिव मनोज कोठारी ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। सामूहिक राष्ट्रगान और स्नेहभोज के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।



