
Chandrabhaga River Bridge Delay : आमेट को भीलवाड़ा जिले से जोड़ने वाले एकमात्र मुख्य मार्ग पर चंद्रभागा नदी पर बन रहा पुल एक साल बीत जाने के बाद भी अधूरा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने पिछले साल अप्रैल में बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के वर्षों पुराने पुल को तोड़ दिया था। ठेकेदार ने 9 महीने में काम पूरा करने का दावा किया था। 12 महीने बाद भी निर्माण कछुआ चाल से चल रहा है। वर्तमान में पुल के केवल पिलर खड़े हैं। महज तीन पिलरों पर छत डाली गई है। बाकी काम अधूरा है।
मानसून करीब आने के साथ ही क्षेत्र के तीन दर्जन गांवों और इंदिरा कॉलोनी के लोगों को फिर से रास्ता बंद होने का डर सता रहा है। पिछले साल भी पुल टूटने और वैकल्पिक रास्ता बहने के कारण भीलवाड़ा से संपर्क तीन दिनों तक पूरी तरह कटा रहा था । पीडब्ल्यूडी ने पिछले साल अप्रैल में बिना तैयारी के पुराने पुल को गिरा दिया था। इसके बाद आवागमन के लिए नदी के पेटे में मिट्टी का कच्चा पुल बनाया गया। निर्माण शुरू होने के एक सप्ताह बाद ही तेज बारिश से नदी में बाढ़ आ गई। वैकल्पिक रास्ता बह गया। इससे आजादी के बाद पहली बार यह मार्ग लगातार तीन दिन तक बंद रहा। वर्तमान में ठेकेदार ने मिट्टी और सीमेंट के पाइप डालकर अस्थायी रास्ता फिर से तैयार किया है। इस ऊबड़-खाबड़ रास्ते पर हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। विभाग द्वारा पुल के आकार में बदलाव करने के कारण भी देरी की बात सामने आ रही है। आमजन की सुविधा के लिए कोई ठोस प्लानिंग नजर नहीं आ रही।
प्रभावित हो रही शिक्षा और व्यापार
Amet Bridge Construction News : नदी के दूसरी ओर इंदिरा कॉलोनी और कई बस्तियां बसी हैं। वहां स्कूल, कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। रोजाना सैकड़ों छात्र और व्यापारी इसी रास्ते से होकर आमेट कस्बे में आते हैं। इसके अलावा भीलवाड़ा जिले के दर्जनों गांवों के लिए भी यही मुख्य सड़क है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मई 2025 के अंत में हुई बारिश ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी थी। अब 2026 की बारिश सिर पर है। काम की गति देखते हुए नहीं लगता कि पुल समय पर पूरा हो पाएगा। यदि समय रहते काम पूरा नहीं हुआ, तो स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ सकती है। व्यापारिक गतिविधियों पर भी आर्थिक असर पड़ेगा। Amet news today

निर्माण में देरी और पेनल्टी
Rajsamand Latest News Today : नियमानुसार सरकारी प्रोजेक्ट्स में देरी होने पर ठेकेदार पर पेनल्टी लगाने का प्रावधान है। चंद्रभागा नदी पुल मामले में पीडब्ल्यूडी पहले भी ठेकेदार पर जुर्माना लगा चुका है। इसके बावजूद कार्य की गति नहीं बढ़ी। अक्सर पुल निर्माण में मानसून से पहले सब स्ट्रक्चर (नींव और पिलर) का काम पूरा करना अनिवार्य होता है। इससे पानी के बहाव से निर्माण को नुकसान न पहुंचे।
मई में काम पूरा करने के निर्देश
Chandrabhaga River Bridge Latest News : ठेकेदार को मई 2026 के अंत तक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। देरी के कारण पहले भी पेनल्टी लगाई गई थी । हमारी कोशिश है कि बारिश से पहले आवागमन शुरू हो जाए। हम लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
नवनीत कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी, आमेट



