
Compassionate Appointment Update : राज्य सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) से जुड़े नियमों में अहम संशोधन करते हुए मृतक सरकारी कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार के इस फैसले से उन परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा, जो कर्मचारी की असामयिक मृत्यु के बाद आर्थिक संकट से जूझते हैं और समय पर आवेदन नहीं कर पाने के कारण नौकरी के अवसर से वंचित रह जाते थे।
नए नियमों के तहत अब अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन करने की समय-सीमा बढ़ाकर 180 दिन कर दी गई है। यानी कर्मचारी की मृत्यु की तिथि से लेकर उसके आश्रित परिवार के सदस्य छह महीने के भीतर संबंधित विभाग या राज्य सरकार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। पहले यह अवधि केवल 90 दिन निर्धारित थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है।
क्यों जरूरी था नियमों में यह बदलाव
State Government Compassionate Appointment News : कार्मिक विभाग (Personnel Department) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह संशोधन मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए किया गया है। किसी भी परिवार के लिए कर्मचारी की मृत्यु के बाद शुरुआती कुछ महीने मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से बेहद कठिन होते हैं। ऐसे में सीमित समय-सीमा के कारण कई परिवार अनुकंपा नियुक्ति के लिए समय पर आवेदन नहीं कर पाते थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला लंबे समय से लंबित मांगों को देखते हुए लिया गया है। इससे पहले भी सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति नियमों में सुधार करते हुए आवेदन की अवधि को 45 दिनों से बढ़ाकर 90 दिन किया था। अब 180 दिन की समय-सीमा तय होने से आश्रितों को पर्याप्त समय मिलेगा, ताकि वे दस्तावेज़ जुटाकर सोच-समझकर आवेदन कर सकें।

पत्नी को पहला अधिकार, संतान को भी मौका
Compassionate Job Application Time Limit : अनुकंपा नियुक्ति नियम 1996 (Compassionate Appointment Rules, 1996) के अनुसार, मृतक कर्मचारी की पत्नी को नौकरी पाने का पहला और प्राथमिक अधिकार दिया गया है। यदि किसी कारणवश पत्नी स्वयं नौकरी नहीं करना चाहती या असमर्थ होती है, तो वह अपना अधिकार स्वेच्छा से त्याग (Waiver) कर सकती है।
ऐसी स्थिति में पत्नी अपने पुत्र या पुत्री में से किसी एक को अनुकंपा नियुक्ति के लिए नामित कर सकती है। यह प्रावधान परिवार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, ताकि परिवार का कोई योग्य सदस्य सरकारी नौकरी के जरिए परिवार की जिम्मेदारी संभाल सके।
आश्रित परिवारों को मिलेगी राहत
Compassionate Appointment 180 Days Rule : सरकार के इस फैसले से उन परिवारों को विशेष राहत मिलेगी, जो ग्रामीण क्षेत्रों या दूरदराज के इलाकों में रहते हैं और कागजी प्रक्रिया पूरी करने में अधिक समय लग जाता है। 180 दिनों की समय-सीमा से अब उन्हें जल्दबाजी में निर्णय लेने की मजबूरी नहीं रहेगी।
इसके साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि आवेदन प्रक्रिया को अब व्यवस्थित और व्यावहारिक बनाया गया है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों में विवाद और अपीलों की संख्या भी कम होगी।
मानवीय दृष्टिकोण की मिसाल
Compassionate Appointment New Guidelines : अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य केवल नौकरी देना नहीं, बल्कि मृतक कर्मचारी के परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार का यह कदम इसी भावना को मजबूत करता है। लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि सीमित समय-सीमा के कारण कई पात्र परिवार लाभ से वंचित रह जाते हैं।
अब नए नियम लागू होने के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार इस योजना का लाभ उठा सकेंगे और कठिन समय में उन्हें सरकारी नौकरी के रूप में स्थायी सहारा मिल सकेगा।
कुल मिलाकर, अनुकंपा नियुक्ति नियमों में किया गया यह संशोधन राज्य सरकार का एक संवेदनशील और दूरदर्शी फैसला माना जा रहा है, जो मृतक कर्मचारियों के आश्रितों के हितों की बेहतर रक्षा करेगा।
