
Gold Price Today : भारतीय बाजार में इस सप्ताह कीमती धातुओं, सोने और चांदी, की कीमतों में कमी देखी गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यह बदलाव निवेशकों, ज्वैलर्स और उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये धातुएं न केवल आभूषणों के लिए, बल्कि निवेश के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं।
सोने की कीमतों में ₹2,907 की कमी
Sone ka Bhav : पिछले शनिवार, 21 जून 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹98,691 थी। लेकिन 28 जून 2025 तक यह कीमत घटकर ₹95,784 प्रति 10 ग्राम पर आ गई। इस तरह, इस सप्ताह सोने की कीमत में ₹2,907 की गिरावट दर्ज की गई। यह कमी उन लोगों के लिए राहत की बात हो सकती है, जो सोने में निवेश या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, निवेशकों के लिए यह कीमतों में अस्थिरता का संकेत भी हो सकता है।
चांदी की कीमतों में भी आई कमी
Chandi ka Bhav : चांदी की कीमतों में भी इस सप्ताह गिरावट देखी गई। IBJA के आंकड़ों के अनुसार, 21 जून को चांदी की कीमत ₹1,06,775 प्रति किलोग्राम थी, जो अब घटकर ₹1,05,193 प्रति किलोग्राम पर आ गई है। इस तरह, चांदी की कीमत में ₹1,582 की कमी आई है। चांदी, जो औद्योगिक उपयोग और आभूषणों में समान रूप से महत्वपूर्ण है, की कीमतों में यह बदलाव बाजार की गतिशीलता को दर्शाता है।
इस साल सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल
इस सप्ताह की गिरावट के बावजूद, साल 2025 में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 1 जनवरी 2025 को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹76,162 प्रति 10 ग्राम थी, जो अब ₹95,784 पर पहुंच गई है। इस तरह, इस साल सोने की कीमत में ₹19,622 की बढ़ोतरी हुई है।
इसी तरह, चांदी की कीमत भी 1 जनवरी 2025 को ₹86,017 प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर ₹1,05,193 प्रति किलोग्राम हो गई है। यानी, चांदी की कीमत में ₹19,176 की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि वैश्विक बाजारों में अस्थिरता, मुद्रास्फीति, और निवेशकों की बढ़ती मांग के कारण हो सकती है।
पिछले साल, यानी 2024 में, सोने की कीमत में ₹12,810 प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई थी। इस तरह, 2025 में सोने की कीमतों में पिछले साल की तुलना में अधिक तेजी देखी गई है। यह रुझान निवेशकों के लिए सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में और आकर्षक बनाता है।
कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण
सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह की गिरावट के पीछे कई कारक हो सकते हैं। वैश्विक बाजार में सोने की मांग में कमी, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, और ब्याज दरों में बदलाव जैसे कारक कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, स्थानीय बाजार में मांग और आपूर्ति का संतुलन भी कीमतों पर असर डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य अनिश्चित बना हुआ है।
उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए प्रभाव
सोने और चांदी की कीमतों में इस गिरावट का असर विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ सकता है। आभूषण खरीदने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं के लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है, क्योंकि कम कीमतों पर वे अपनी पसंद के आभूषण खरीद सकते हैं। वहीं, निवेशकों के लिए यह गिरावट एक रणनीतिक खरीद का मौका हो सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय के लिए सोने और चांदी में निवेश करना चाहते हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले बाजार के रुझानों का गहन अध्ययन करना चाहिए। सोने और चांदी की कीमतें कई वैश्विक और स्थानीय कारकों पर निर्भर करती हैं, इसलिए निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।
भविष्य की संभावनाएं
सोने और चांदी की कीमतों में हाल की गिरावट के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में इन धातुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, और मुद्रास्फीति जैसे कारक सोने और चांदी को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाए रखेंगे। भारत में, जहां सोना सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, खासकर शादी-विवाह और त्योहारी सीजन के दौरान।
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22 Carret and 24 Carret Gold Different : 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने में क्या अंतर है?
22 Carret and 24 Carret Gold Different : सोना खरीदते समय, हम अक्सर 22 कैरेट और 24 कैरेट जैसे शब्द सुनते हैं। ये शब्द सोने की शुद्धता को दर्शाते हैं।
- 24 कैरेट सोना: 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध सोना होता है, जिसमें लगभग 99.9% शुद्ध सोना होता है। यह सोना बेहद नरम होता है और इसे आसानी से ख़रोच या मोड़ा जा सकता है। यही कारण है कि 24 कैरेट सोने का उपयोग आमतौर पर सिक्कों या सोने की छड़ों को बनाने में किया जाता है, न कि आभूषणों को बनाने में।
- 22 कैरेट सोना: 22 कैरेट सोने में 91.67% शुद्ध सोना होता है। बाकी 8.33% हिस्सा अन्य धातुओं जैसे तांबा, चांदी या जिंक का होता है। इन धातुओं को सोने में मिलाने से सोना मजबूत और टिकाऊ बन जाता है, जिससे इसे आभूषण बनाने के लिए उपयुक्त बनाया जा सकता है। अधिकांश भारतीय आभूषण 22 कैरेट सोने के बने होते हैं क्योंकि यह एक अच्छा संतुलन प्रदान करता है – यह काफी शुद्ध है और साथ ही टिकाऊ भी है।

Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना खरीदते समय ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
Aaj Sone ka Bhav Kya hai : सोना एक महंगा और बहुमूल्य निवेश है। इसलिए, सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि आप ठगी का शिकार न बनें और आपको सही कीमत पर शुद्ध सोना मिल सके।
1. बीआईएस हॉलमार्क अनिवार्य: भारत सरकार ने सोने की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया है। अब, किसी भी ज्वैलरी शॉप पर 6 डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्क के बिना सोना नहीं बेचा जा सकता। यह हॉलमार्क कोड सोने की शुद्धता और निर्माता की पहचान को दर्शाता है।
2. सोने की कीमत की जांच: सोने की कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए, सोना खरीदने से पहले विभिन्न स्रोतों से सोने की कीमत की जांच कर लें। आप इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जाकर ताजा भाव देख सकते हैं।
3. कैरेट और शुद्धता: सोने की शुद्धता कैरेट में मापी जाती है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है, लेकिन यह बहुत नरम होता है और आमतौर पर आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता। आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोना सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। आप कैरेट के आधार पर सोने की कीमत की गणना कर सकते हैं। आज क्या है सोने -चांदी का भाव
- उदाहरण : यदि 24 कैरेट सोने की कीमत 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है, तो 1 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 6,000 रुपये होगी। इसी तरह, 18 कैरेट सोने की कीमत 1 ग्राम के लिए (18/24) x 6,000 = 4,500 रुपये होगी।
4. वजन की जांच: सुनिश्चित करें कि ज्वैलर आपको सोने का सही वजन बता रहा है। आप किसी अन्य ज्वैलर के पास जाकर सोने का वजन दोबारा जांच सकते हैं।
5. बिल: सोने की खरीदारी का बिल जरूर लें



