
Gold Silver Price Hike : सोना-चांदी की कीमतों में इस हफ्ते एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। सर्राफा बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव 3,666 रुपए बढ़कर 1.47 लाख रुपए तक पहुंच गया है। इससे पहले पिछले हफ्ते यानी 27 मार्च को यही सोना 1.43 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
वहीं चांदी की बात करें तो 1 किलो चांदी की कीमत में भी जोरदार उछाल दर्ज हुआ है। एक हफ्ते में चांदी 6,166 रुपए महंगी होकर 2.22 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.28 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। इसी बीच सरकार ने सोने, चांदी और प्लैटिनम से बने गहनों के आयात को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब इन कीमती धातुओं से बनी ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब विदेश से ऐसे गहने मंगाने के लिए कारोबारियों को सरकार से विशेष लाइसेंस या अनुमति लेनी होगी।विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी देश से सोने-चांदी या प्लैटिनम के गहने आयात करने के लिए विशेष लाइसेंस अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है। सरकार की इस सख्ती का सीधा असर बाजार की सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। आयात प्रक्रिया कठिन होने से बाजार में विदेशी ज्वेलरी की उपलब्धता कम हो सकती है, जिसका असर कीमतों और प्रीमियम पर भी देखने को मिल सकता है।
पुराने कॉन्ट्रैक्ट, एडवांस पेमेंट और LC पर भी राहत नहीं
silver rate latest news : DGFT ने साफ कर दिया है कि नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि जिन कारोबारियों ने पहले से विदेशी सप्लायर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट कर रखा है, एडवांस भुगतान कर दिया है या लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) जारी कर दिया है, उन्हें भी इस बार कोई विशेष छूट नहीं मिलेगी। यानी ट्रांजिशनल अरेंजमेंट, जिसे आम भाषा में बदलाव के दौरान दी जाने वाली राहत कहा जाता है, इस बार लागू नहीं होगी। जो माल अभी तक भारतीय बंदरगाहों तक नहीं पहुंचा है, उस पर नया नियम पूरी तरह लागू माना जाएगा।
नए नियम से क्या नुकसान हो सकते हैं
Sone ka bhav : इस फैसले का एक असर यह हो सकता है कि अब तक थाईलैंड जैसे देशों से कम टैक्स में आने वाले अपेक्षाकृत सस्ते गहनों की उपलब्धता घट जाएगी। ऐसे में स्थानीय बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। निवेश के नजरिए से गहने खरीदने वालों के लिए भी यह बदलाव अहम है। अब ग्राहकों को घरेलू बाजार की कीमतों पर ही निर्भर रहना होगा। यदि सप्लाई कम होती है, तो कुछ समय के लिए ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज या प्रीमियम भी बढ़ा सकते हैं।

नए नियम के फायदे भी कम नहीं
Chandi ka bhav : हालांकि इस फैसले के सकारात्मक पक्ष भी हैं। विदेशी गहनों की आमद सीमित होने पर भारत में बने गहनों की मांग बढ़ सकती है। इससे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और घरेलू ज्वेलरी उद्योग को लाभ मिलने की संभावना है। इसके अलावा ग्राहकों को भारतीय बाजार में डिजाइनों की बेहतर वैरायटी मिल सकती है। देश में बने गहनों पर हॉलमार्किंग के सख्त नियम लागू होते हैं, जिससे ग्राहकों को शुद्धता का ज्यादा भरोसा मिलता है। विदेश से आने वाले गहनों की शुद्धता की जांच कई बार चुनौतीपूर्ण होती थी, लेकिन अब घरेलू बाजार को बढ़ावा मिलने से खरीदारों को गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मामले में अधिक सुरक्षा मिल सकती है।
इस साल अब तक सोना ₹13,413 और चांदी ₹2,607 महंगी
अगर पूरे साल के रुझान पर नजर डालें तो 2026 में अब तक सोना 13,413 रुपए महंगा हो चुका है। वहीं चांदी में भी 2,607 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि सालभर का रुख पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा। 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑलटाइम हाई छुआ था। इसके बाद 28 फरवरी को अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव और जंग की स्थिति बनने के बाद बाजार में तेज उतार-चढ़ाव शुरू हुआ। पिछले 36 दिनों में सोना 12,489 रुपए और चांदी 38,887 रुपए तक सस्ती भी हुई है। इससे साफ है कि निवेशकों को अभी भी वैश्विक घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखनी होगी।
अलग-अलग शहरों में क्यों बदल जाते हैं सोने के दाम
देश के विभिन्न शहरों में सोने की कीमतें एक जैसी नहीं रहतीं। इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण होते हैं। पहला कारण ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी खर्च है। एक शहर से दूसरे शहर सोना पहुंचाने में ईंधन, बीमा और सुरक्षा पर अतिरिक्त लागत आती है, जिससे रेट में फर्क पड़ता है।
दूसरा कारण स्थानीय मांग है। दक्षिण भारत समेत कुछ क्षेत्रों में सोने की खपत ज्यादा होती है, जिससे वहां खरीदारी का दबाव अलग रहता है। तीसरा कारण लोकल ज्वेलर्स एसोसिएशन हैं, जो शहर या राज्य की मांग और सप्लाई के आधार पर रेट तय करने में भूमिका निभाते हैं। चौथा कारण पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य है। ज्वेलर्स ने पहले किस भाव पर सोना खरीदा था, उसी आधार पर वे ग्राहकों के लिए अपने रेट तय करते हैं।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का जरूर रखें ध्यान
1. हमेशा हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड खरीदें
सोना खरीदते समय यह जरूर जांच लें कि उस पर ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हो। यह हॉलमार्क अल्फान्यूमेरिक कोड के रूप में होता है, जैसे AZ4524। इससे सोने की शुद्धता और कैरेट की पुष्टि होती है।
2. खरीदने से पहले भाव जरूर क्रॉस चेक करें
सोना खरीदने के दिन उसका बाजार भाव कई विश्वसनीय स्रोतों से मिलान कर लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के दाम अलग-अलग होते हैं, इसलिए वजन और शुद्धता के हिसाब से सही तुलना करना जरूरी है।
असली चांदी की पहचान के आसान तरीके
मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। यदि चिपक रही है तो उसमें मिलावट की आशंका हो सकती है।
आइस टेस्ट: चांदी पर बर्फ रखने पर वह तेजी से पिघलती है, क्योंकि सिल्वर गर्मी का अच्छा संवाहक होता है।
स्मेल टेस्ट: असली चांदी में सामान्यतः कोई गंध नहीं होती। नकली या मिलावटी धातु में कॉपर जैसी गंध महसूस हो सकती है।
क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आए तो यह असली चांदी होने का संकेत हो सकता है।



