
Gold Silver Price Update : सर्राफा बाजार में मंगलवार, 21 अप्रैल को सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी के दाम में मामूली गिरावट देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 59 रुपये बढ़कर 1,52,155 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इससे पहले 20 अप्रैल को यही सोना 1,52,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। दूसरी ओर, चांदी 612 रुपये सस्ती होकर 2,50,063 रुपये प्रति किलो पर आ गई। एक दिन पहले इसकी कीमत 2,50,675 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई थी।
वर्ष 2026 में अब तक सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बीच मजबूत बढ़त देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 1.52 लाख रुपये के स्तर तक पहुंच गया है। यानी इस साल अब तक सोना लगभग 19 हजार रुपये महंगा हो चुका है। इसी तरह चांदी भी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो से बढ़कर 2.50 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इस दौरान चांदी में करीब 20 हजार रुपये की तेजी दर्ज की गई है। IBJA gold price
ऑलटाइम हाई ने चौंकाया था बाजार
IBJA silver price : कीमती धातुओं के बाजार में इस साल कई बार तीव्र उछाल देखने को मिला। 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई छुआ था, जबकि चांदी 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इन रिकॉर्ड कीमतों ने निवेशकों, ज्वेलर्स और आम खरीदारों, सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था।

अलग-अलग शहरों में सोने के दाम क्यों बदलते हैं?
Sone ka Bhav : देशभर में सोने की कीमतें एक जैसी नहीं होतीं। अलग-अलग शहरों में इनमें अंतर देखने को मिलता है और इसके पीछे कई व्यावहारिक कारण होते हैं।
पहला कारण है ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी कॉस्ट। सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाने में परिवहन, बीमा और सुरक्षा पर खर्च आता है। लंबी दूरी होने पर यह लागत बढ़ जाती है, जिसका असर अंतिम कीमत पर पड़ता है।
दूसरा कारण है मांग और खरीद की मात्रा। देश के कुछ हिस्सों, खासकर दक्षिण भारत में सोने की खपत बहुत अधिक है। वहां बड़ी मात्रा में खरीदारी होने के बावजूद स्थानीय बाजार की स्थिति, स्टॉक और मांग के दबाव के कारण कीमतों में अंतर बना रह सकता है।
तीसरा कारण है स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन की भूमिका। राज्य और शहर स्तर पर ज्वेलर्स संगठन स्थानीय मांग, उपलब्धता और बाजार की चाल के आधार पर रेट तय करने में प्रभाव डालते हैं।
चौथा कारण है पुराने स्टॉक और खरीद मूल्य का अंतर। ज्वेलर्स ने किस दर पर पुराना स्टॉक खरीदा है, यह भी बिक्री मूल्य तय करने में अहम भूमिका निभाता है। इसी वजह से एक ही दिन अलग-अलग दुकानों और शहरों में कीमतों में थोड़ा फर्क दिखाई दे सकता है।
सरकार के फैसले का बाजार पर असर
Chandi ka Bhav : हाल ही में सरकार ने सोने, चांदी और प्लेटिनम से बने आभूषणों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में शामिल कर दिया है। इसका सीधा असर आयात व्यवस्था और बाजार की सप्लाई पर पड़ सकता है। इस फैसले के बाद अब विदेश से सोना, चांदी या प्लेटिनम के जेवर मंगाने के लिए विशेष लाइसेंस या सरकारी अनुमति जरूरी होगी।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA के कथित दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से घरेलू बाजार में सप्लाई सीमित हो सकती है, जिसका असर कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
सोना खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान
IBJA gold price : ज्वेलरी खरीदते समय उपभोक्ताओं को सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। सबसे पहले हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना तय शुद्धता का है। इस पर अंकित अल्फान्यूमेरिक कोड उसकी प्रमाणिकता का संकेत देता है।
दूसरी महत्वपूर्ण बात है कीमत की पुष्टि। खरीदारी से पहले सोने का वजन, कैरेट और उस दिन का बाजार भाव अलग-अलग भरोसेमंद स्रोतों से मिलान कर लेना चाहिए। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतों में अंतर होता है, इसलिए ग्राहक को यह स्पष्ट रूप से समझकर ही खरीदारी करनी चाहिए।
असली चांदी की पहचान कैसे करें
चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता जांचना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए कुछ सामान्य तरीके अपनाए जा सकते हैं।
मैग्नेट टेस्ट में असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। यदि धातु चुंबक की ओर आकर्षित हो रही है, तो उसमें मिलावट होने की आशंका हो सकती है।
आइस टेस्ट भी काफी प्रचलित है। असली चांदी ऊष्मा को तेजी से संचालित करती है, इसलिए उस पर रखी बर्फ जल्दी पिघलती है।
स्मेल टेस्ट के जरिए भी शुरुआती पहचान की जा सकती है। शुद्ध चांदी में सामान्यतः कोई गंध नहीं होती, जबकि नकली या मिश्रित धातु में तांबे जैसी गंध आ सकती है।
क्लॉथ टेस्ट में चांदी को सफेद कपड़े से रगड़कर देखा जाता है। कई बार असली चांदी पर ऑक्सीडेशन के कारण काला निशान दिखाई देता है, जो उसकी पहचान का संकेत हो सकता है।
निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत?
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव यह संकेत देते हैं कि बाजार अभी भी संवेदनशील बना हुआ है। जो लोग निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करना चाहते हैं, उन्हें बाजार की चाल, सरकारी नीतियों और वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए। वहीं शादी-विवाह या व्यक्तिगत उपयोग के लिए खरीदारी करने वाले ग्राहकों को प्रमाणिकता, हॉलमार्क और सही कीमत की पुष्टि के बाद ही निर्णय लेना चाहिए।



