
राजसमंद। PM RAHAT Yojana : जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में राजसमंद पुलिस ने सड़क सुरक्षा और दुर्घटना प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिले को सड़क दुर्घटना राहत के मामले में मॉडल जिला बनाने की दिशा में प्रभावी कदम बढ़ाए हैं। इसी क्रम में e-DAR (डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) मॉनिटरिंग और PM RAHAT योजना को पूरी गंभीरता और व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा रहा है, ताकि सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर राहत और बेहतर उपचार मिल सके।
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पिछले चार दिनों में जिले के समस्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, चारों वृत्तों के अधिकारी, सभी थानाधिकारी और कंप्यूटर ऑपरेटर्स को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। NIC के डिस्ट्रिक्ट रोलआउट मैनेजर गौतम संत द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को e-DAR पोर्टल पर समयबद्ध, सटीक और पारदर्शी डेटा एंट्री के साथ डिजिटल मॉनिटरिंग की बारीकियां समझाई गईं। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा शुरू की गई PM RAHAT योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद के सबसे अहम समय, यानी गोल्डन ऑवर में पीड़ित को बिना आर्थिक बाधा के तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत चयनित अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों को प्रारंभिक सात दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
e-DAR से बढ़ी पारदर्शिता और समन्वय
PM Road Accident Victim Relief Scheme : e-DAR सिस्टम के माध्यम से सड़क दुर्घटना से जुड़ी पूरी जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज की जाती है, जिससे मुआवजे की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और तेज बनती है। इसके साथ ही पुलिस, अस्पताल और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि सूचना मिलते ही बिना किसी देरी के उपचार प्रक्रिया शुरू हो सके।
हालिया मामलों में मिला सकारात्मक परिणाम
SP Hemant Kalal Rajsamand : राजसमंद पुलिस की यह पहल अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। हाल ही में हुई सड़क दुर्घटनाओं में कई पीड़ितों को PM RAHAT योजना के तहत त्वरित उपचार उपलब्ध कराया गया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था न केवल सड़क हादसों में मृत्यु दर कम करने में मददगार साबित होगी, बल्कि आमजन के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच भी बनेगी। Rajsamand latest news

2026 के आंकड़ों में दिखा सिस्टम का असर
वर्ष 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक कुल 114 सड़क दुर्घटनाएं eDAR पोर्टल पर दर्ज की गई हैं। इनमें से 102 मामलों में FIR दर्ज हो चुकी है, जो लगभग 89.5 प्रतिशत है। वहीं 111 मामलों में डेटा एंट्री पूरी कर ली गई है, जिससे दुर्घटनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो रही है। इससे प्रशासन और पुलिस को दुर्घटना संबंधी सूचनाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हो रही हैं।
62 फेटल, 52 नॉन-फेटल केस, 66 की मौत
दर्ज मामलों के अनुसार जिले में 62 फेटल और 52 नॉन-फेटल दुर्घटनाएं सामने आई हैं। इन हादसों में कुल 66 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि 125 लोग घायल हुए हैं। दुर्घटनाओं से कुल 300 लोग प्रभावित हुए हैं तथा 193 वाहन इनमें शामिल रहे हैं। यह आंकड़े जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति की ओर संकेत करते हैं, जिसके चलते प्रशासन ने डिजिटल मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया है।
देवगढ़, भीम और नाथद्वारा बने संवेदनशील क्षेत्र
eDAR प्रणाली के विश्लेषण के आधार पर देवगढ़, भीम और नाथद्वारा क्षेत्र सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से प्रमुख रूप से चिन्हित किए गए हैं। इन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है और दुर्घटना रोकथाम के लिए अतिरिक्त निगरानी तथा रणनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस और संबंधित विभाग इन स्थानों पर बेहतर समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत कर रहे हैं।
राजसमंद पुलिस की आमजन से अपील
road accident cashless treatment scheme : राजसमंद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर वीडियो बनाने के बजाय तुरंत 112 पर कॉल करें। समय पर दी गई सूचना और त्वरित सहायता किसी भी घायल व्यक्ति के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। पुलिस का कहना है कि आमजन की सजगता और प्रशासन की तत्परता मिलकर कई अनमोल जिंदगियां बचा सकती है।



