
Gulab Chand Kataria : उदयपुर की सियासत में गुटबाजी को लेकर फिर बयानबाजी तेज हो गई है। 10 साल पुराने एक वीडियो और हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति जनता की सेवा करता है, तो उसमें सार्वजनिक जीवन में मजबूती से खड़े रहने का साहस भी होना चाहिए।
कटारिया ने तंज कसते हुए कहा कि यदि टिकट देने की स्थिति थी, तो फिर पूर्व विधायक केवल एक चुनाव लड़कर विधानसभा क्यों छोड़कर चले गए। उन्होंने संकेतों में कहा कि कुछ लोगों का दर्द कहीं और है, लेकिन वे बात कहीं और की कर रहे हैं। ऐसे रोगों का इलाज किसी के पास नहीं होता, मगर समय अच्छे-अच्छों का इलाज कर देता है। राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया उदयपुर प्रवास के दौरान होटल लक्ष्मी विलास में मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों, उदयपुर में बार-बार आने, जनता से जुड़े रहने और विरोधियों की टिप्पणी पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी। उनका अंदाज संयमित जरूर रहा, लेकिन जवाबों में राजनीतिक संदेश साफ नजर आया। उन्होंने सीधे-सीधे किसी पर व्यक्तिगत हमला करने से बचते हुए भी अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया।
कटारिया बोले- मेरा मूल्यांकन जनता करेगी
Kataria statement Udaipur : कटारिया ने कहा कि किसी भी नेता का असली मूल्यांकन जनता ही करती है। उन्होंने कहा कि लोग चाहे जो कहें, वह उन्हें सुन रहे हैं। उन्होंने अपने आलोचकों को विद्वान बताते हुए कहा कि वे जो भी बोल रहे हैं, शायद सोच-समझकर ही बोल रहे होंगे। लेकिन अंततः फैसला जनता के हाथ में ही होता है। उन्होंने कहा कि वह चंडीगढ़ जाने के बाद से अब तक किए गए अपने कार्यों का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध करा रहे हैं। उनका कहना था कि उन्होंने जहां भी जिम्मेदारी निभाई, वहां सक्रियता और जनसंपर्क को प्राथमिकता दी।
‘मैं जितना प्रवास करता हूं, उतना मिलना-जुलना भी करता हूं’
Udaipur BJP factionalism : राज्यपाल ने अपने दौरों को लेकर उठ रहे सवालों पर भी खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनवरी, फरवरी और मार्च तक के अपने दैनिक कार्यक्रमों का पूरा ब्यौरा वह साथ लाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वह जितना प्रवास करते हैं, उतना ही जनता के बीच भी रहते हैं और लोगों के काम करते हैं। कटारिया ने कहा कि कोई भी व्यक्ति डायरेक्टरी उठाकर 20 लोगों को फोन कर पूछ सकता है कि वह कितने सक्रिय हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि उन्हें छोटा बच्चा भी पहचानता है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि कई बार लंबे समय तक संवैधानिक पदों पर रहने वाले लोगों को जनता याद भी नहीं रखती, लेकिन उनका जनता से रिश्ता अब भी कायम है।
राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र पर भी दिया जवाब
Gulab Chand Kataria news : कुछ दिनों पहले राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र में कटारिया के बार-बार उदयपुर दौरे और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए थे। इस पर कटारिया ने कहा कि इस मुद्दे का जवाब लोग खुद बेहतर तरीके से दे सकते हैं, क्योंकि वह आज से नहीं, बल्कि पिछले 40-50 साल से इसी क्षेत्र में सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि इतने लंबे सार्वजनिक जीवन में यदि जनता ने उन्हें लगातार स्वीकार किया है, तो इसका मतलब है कि उन्होंने कुछ न कुछ जरूर किया होगा। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि वह न तो किसी बड़े घर में पैदा हुए, न ही उनके पास कोई बड़ी संपत्ति है। वह एक सामान्य परिवार से आते हैं और जनता के भरोसे ही यहां तक पहुंचे हैं।
‘कमियां हो सकती हैं, लेकिन दाग नहीं लगा’
Udaipur political controversy : कटारिया ने अपने राजनीतिक जीवन को लेकर कहा कि हर व्यक्ति में कुछ कमियां हो सकती हैं, लेकिन उन पर कोई दाग नहीं लगा सका। उन्होंने कहा कि वह कभी गलत कामों में शामिल नहीं रहे। साथ ही यह भी कहा कि जो व्यक्ति गलत कार्यों में लिप्त होता है, वह उनकी नजरों से उतर जाता है। उनका यह बयान साफ तौर पर खुद को एक साफ-सुथरी सार्वजनिक छवि वाले नेता के रूप में पेश करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया कमेंटबाजी पर बोले- मैंने कुछ सीरियस नहीं लिया
पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी की सोशल मीडिया टिप्पणी और उनके समर्थक नेताओं की ओर से की गई बयानबाजी पर भी कटारिया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने इन बातों को गंभीरता से नहीं लिया है। कटारिया ने मीडिया से कहा कि वह अपने कामकाज की पूरी जानकारी एक किताब के रूप में दे रहे हैं, जिसे उन लोगों तक भी पहुंचा दिया जाए जो सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना था कि वह किसी का अपमान या तिरस्कार नहीं करना चाहते। बल्कि यदि कोई वास्तव में समस्या बता दे, तो उसे सुधारने की कोशिश की जा सकती है।
उदयपुर भाजपा की स्थिति पर बोले- इस पर बोलना मेरा अधिकार नहीं
जब उनसे उदयपुर भाजपा के मौजूदा हालात और अंदरूनी गुटबाजी पर सवाल किया गया, तो उन्होंने बहुत संतुलित जवाब दिया। कटारिया ने कहा कि जिस संवैधानिक पद पर वह हैं, उस स्थिति में उन्हें पार्टी लाइन से हटकर कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, उन्होंने उसी अनुरूप काम किया। साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वह उदयपुर से 11 बार चुनाव लड़ चुके हैं और उनमें से 9 बार जीत दर्ज कर चुके हैं। इस आंकड़े के जरिए उन्होंने अपने जनाधार और राजनीतिक अनुभव का संकेत भी दिया।
‘मैं पद पर रहूं या न रहूं, उदयपुर से मेरा रिश्ता नहीं टूटेगा’
कटारिया ने कहा कि जब तक वह जीवित रहेंगे, उदयपुर के प्रति उनका प्रेम कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पद एक-दो साल का हो सकता है, लेकिन उसके बाद भी वह उदयपुर में रहेंगे और जनता के बीच सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी लोग उनके काम को देखकर स्वयं तय कर लेंगे कि उन्होंने इस क्षेत्र के लिए कितना किया है। इस बयान के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनका रिश्ता पद से नहीं, बल्कि जनता से है।
पूर्व विधायक को लेकर बोले- विरोध नहीं, तकलीफ बताएं
कटारिया ने कहा कि वह किसी का विरोध नहीं करते। यदि किसी को कोई शिकायत या तकलीफ है, तो उसे साफ-साफ सामने रखना चाहिए, ताकि उसमें सुधार किया जा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव हारना-जीतना राजनीति का हिस्सा है, लेकिन हिम्मत हारकर मैदान छोड़ देना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वह खुद इंदिरा गांधी के दौर में 1100 वोटों से चुनाव हार चुके हैं, लेकिन कभी मैदान नहीं छोड़ा। हार को उन्होंने लोकतंत्र का हिस्सा बताया और कहा कि राजनीतिक जीवन में संघर्ष से ही व्यक्ति मजबूत बनता है।

‘सब अच्छे हैं, तभी पार्टी ने जिम्मेदारी दी होगी’
कटारिया ने भाजपा पदाधिकारियों और संगठन के अन्य नेताओं को लेकर भी नरम रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी खराब व्यक्ति को जिम्मेदारी नहीं देती, इसलिए जो भी पदों पर हैं, वे सभी अच्छे ही होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे घटनाक्रमों से उन्हें कोई पीड़ा नहीं होती। वह जीवन के इतने उतार-चढ़ाव देख चुके हैं कि अब ऐसी बातों से उनकी नींद तक प्रभावित नहीं होती। उन्होंने हंसते हुए कहा कि वह पांच मिनट में सो जाते हैं और उनकी नींद कभी डिस्टर्ब नहीं होती।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, हाल ही में करीब 10 साल पुराना एक वीडियो सामने आया था। बताया गया कि यह वीडियो फेसबुक पर उदयपुर के मावली से पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी के नाम से बने अकाउंट से शेयर किया गया था। इस वीडियो में वह पूर्व सांसद भानूकुमार शास्त्री समेत अन्य नेताओं के साथ कटारिया का विरोध करते नजर आ रहे थे।
इसी के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई। दूसरी ओर, कुछ दिन पहले धर्मनारायण जोशी के करीबी भाजपा नेता विजय प्रकाश विप्लवी ने भी राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कटारिया के बार-बार उदयपुर दौरे पर सवाल उठाए थे। पत्र में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया गया था।



