
Illegal Currency Trade : दिल्ली में नोटबंदी को भले ही आठ साल बीत चुके हों, लेकिन पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों का खेल अभी भी बंद नहीं हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शालीमार बाग मेट्रो स्टेशन के पास एक ऐसी कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस ने यहां से नोटबंदी वाले 3.5 करोड़ रुपये से ज्यादा की पुरानी करेंसी बरामद कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
Old Notes Seized : यह मामला तब सामने आया जब क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली कि पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों की अवैध खरीद–फरोख्त की जा रही है। सूचना की गंभीरता देखते हुए एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने गेट नंबर 4 के पास संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखनी शुरू की। कुछ ही देर में पुलिस ने उन चार लोगों को पकड़ लिया जो नोटों के बंडलों से भरे बैगों के साथ सौदा करने की फिराक में थे।

नोटबंदी के नोटों का काला खेल जारी!
Fake Currency Racket : गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्ष, टेक चंद, लक्ष्य और विपिन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये लोग बेहद कम कीमत पर यह पुरानी करेंसी खरीदते थे और फिर उसे दोगुनी–तिगुनी कीमत पर बेचने की कोशिश करते थे। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे लोगों को यह झांसा देते थे कि यह नोट आरबीआई में किसी विशेष प्रक्रिया के तहत बदले जा सकते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी के ऐलान के बाद से ऐसी करेंसी कानूनी रूप से बेकार हो चुकी है और स्पेसिफाइड बैंक नोट्स एक्ट के तहत इसे रखना तक अपराध है।
दिल्ली में छापा: करोड़ों के बंद हो चुके नोट मिले
Delhi Police Raid : पुलिस ने इस पूरे अवैध नेटवर्क में इस्तेमाल की जा रही दो कारें भी जब्त कर ली हैं। अब यह जांच की जा रही है कि यह पुरानी करेंसी इन तक पहुंची कैसे, इनके और कितने साथी हैं और क्या यह कोई बड़ा गिरोह तो नहीं, जो देशभर में ऐसे फर्जी सौदे कर रहा था।
Delhi Crime Branch : क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि इतने साल बाद भी नोटबंदी की अवैध करेंसी का खेल जारी होना काफी चौंकाने वाला है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई के बाद वे इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचेंगे और ऐसे सभी मॉड्यूल्स को खत्म करेंगे जो पुराने नोटों के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं।
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि अपराधियों के लिए हर मौका मुनाफे का जरिया है—भले ही वह बंद हो चुकी करेंसी क्यों न हो। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने करोड़ों रुपये के इस फर्जी कारोबार को बड़ा झटका दिया है।
