
Interest-Free Crop Loan : सहकारिता विभाग और दी उदयपुर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले के किसानों के हित में बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत जिले के 45 हजार से अधिक किसानों को 175 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। यह लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में 20 करोड़ रुपए अधिक है।
Crop Loan Scheme : सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अल्पकालीन फसली ऋण वितरण के मामले में राजसमंद जिला संभाग में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। वहीं, लंबे समय के लिए दिए जाने वाले दीर्घकालीन कृषि ऋण के प्रति किसानों की रुचि अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है। जिले को दीर्घकालीन सहकारी कृषि ऋण के तहत 140 करोड़ रुपए का लक्ष्य मिला है, लेकिन अब तक इसके मुकाबले काफी कम राशि का ऋण वितरित हो पाया है। इसके अलावा गैर-कृषि गतिविधियों के लिए निर्धारित 54 करोड़ रुपए के लक्ष्य में भी अभी तक विशेष प्रगति नहीं हुई है।
अल्पकालीन फसली ऋण वितरण में सबसे आगे राजसमंद
Rajsamand Farmer Loan Scheme : उदयपुर संभाग के चार जिलों—उदयपुर, सलूंबर, राजसमंद और प्रतापगढ़—के लिए कुल 459 करोड़ रुपए के अल्पकालीन खरीफ ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें राजसमंद को सबसे बड़ा 175 करोड़ रुपए का लक्ष्य मिला है। बैंक की ओर से योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए अब तक जिले के 16,381 किसानों को 76.43 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का 43.67 प्रतिशत है। यह उपलब्धि संभाग के औसत 42.94 प्रतिशत से भी अधिक है, जिससे राजसमंद इस मामले में अग्रणी बना हुआ है। Rajsamand Farmers News

Interest-Free Crop Loan : क्या होता है अल्पकालीन फसली ऋण?
Interest-Free Loan for Farmers : अल्पकालीन फसली ऋण किसानों को कम अवधि के लिए दिया जाने वाला ब्याज मुक्त ऋण है। इसका उपयोग मुख्य रूप से खरीफ या रबी सीजन की आवश्यकताओं, जैसे बीज, खाद और कीटनाशकों की खरीद के लिए किया जाता है। वहीं, दीर्घकालीन कृषि ऋण का उपयोग ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, कुएं निर्माण और अन्य बड़े कृषि कार्यों के लिए किया जाता है। इस पर सरकार की ओर से ब्याज अनुदान की सुविधा भी प्रदान की जाती है। उप रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग राजसमंद विनोद कोठारी ने बताया कि जिले में 175 करोड़ रुपए के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभागीय टीमें लगातार गांवों में मॉनिटरिंग कर रही हैं, ताकि प्रत्येक पात्र किसान को समय पर ऋण उपलब्ध हो सके और खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से पूरी की जा सकें।



