
Kumbhalgarh Festival 2025 : तीन दिवसीय कुंभलगढ़ फेस्टिवल 2025 का आगाज़ सोमवार को शानदार अंदाज़ में हुआ। भव्य आयोजन का शुभारंभ कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ और जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने कुंभलगढ़ दुर्ग पहुँचकर किया। पूरा परिसर रंग-बिरंगी रोशनी, सांस्कृतिक धुनों और लोक कलाकारों की पारंपरिक वेशभूषा से सराबोर दिखाई दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह से ही अलग-अलग लोक नृत्य शैलियों की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ हुई। उप निदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि दिनभर कलाकारों ने चकरी, सहरिया, चंग ढप, कच्छी घोड़ी, लाल अंगी, बांकिया, बहरूपिया, कालबेलिया, लंगा और गवरी जैसे प्रचलित लोकनृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को जीवंत बना दिया। कलाकारों की ताल, वाद्य यंत्रों की गूंज और दर्शकों की तालियों ने पूरे कुंभलगढ़ दुर्ग को उत्सव के रंग में रंग दिया। शाम 7 बजे एकम–मैत्रेयी पहाड़ी ने विभिन्न नृत्य शैलियों का एक आकर्षक और वाइब्रेंट परफॉर्मेंस प्रस्तुत किया, जिसे देखने के लिए पर्यटकों में खासा उत्साह दिखाई दिया। दर्शकों की तालियों ने माहौल को और भी रोमांचक बना दिया।
देशी-विदेशी पर्यटकों ने लोक धुनों पर किया जमकर डांस

Kumbhalgarh Fort Festival : दिनभर कुंभलगढ़ दुर्ग में पर्यटकों की भारी भीड़ रही। कई विदेशी पर्यटक भी स्थानीय कलाकारों के साथ थिरकते नजर आए। पारंपरिक राजस्थानी पोशाकों में सजे कलाकारों की प्रस्तुति के बीच कई पर्यटक भी खुद को रोक नहीं पाए और संगीत की ताल पर झूमते नजर आए। राजस्थानी गीत, लोक वाद्य, संस्कृति और स्वादिष्ट व्यंजनों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। पगड़ी बांधो प्रतियोगिता में भी विदेशी पर्यटकों सहित पर्यटकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। अपने सिर पर रंग-बिरंगी राजस्थानी पगड़ी सजाकर पर्यटक खुशी से भर गए और सेल्फी लेने में मशगूल दिखे।
कुंभलगढ़ दुर्ग में उमड़ी भारी भीड़

Kumbhalgarh Cultural Festival : कुंभलगढ़ फेस्टिवल के पहले दिन पूरे दुर्ग परिसर में पर्यटकों की आवाजाही लगातार बनी रही। लोग प्राचीन दीवारों और विशाल वास्तुकला का दीदार करते हुए फेस्टिवल के अलग-अलग कार्यक्रमों का आनंद उठाते रहे। परिवारों से लेकर युवा समूहों तक, सभी के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ नजर आई। पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद सख्त और व्यवस्थित रही, जिससे पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

2 और 3 दिसंबर को भी होंगी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

Rajasthan Tourism Festival : कुंभलगढ़ फेस्टिवल के अगले दो दिनों में भी कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 2 दिसंबर की शाम 7 बजे लोकराग – संदीप रत्नू द्वारा लोक संगीत पर आधारित नाट्य प्रस्तुति आयोजित होगी। 3 दिसंबर की शाम 7 बजे नगाड़ा कॉन्सर्ट – डांसिंग पीकॉक समूह द्वारा ड्रम ओडिसी का भव्य प्रदर्शन होगा। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अलावा प्रतिदिन दोपहर में भी लोक नृत्य–संगीत, पगड़ी पहनाओ प्रतियोगिता, रस्साकशी (टग ऑफ वॉर) सहित कई मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी, जिनमें पर्यटक सक्रिय रूप से हिस्सा ले सकेंगे।
ये रहे उपस्थित

Kumbhalgarh Dance Festival : उद्घाटन समारोह में पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक सुमिता सरोच, उप निदेशक शिखा सक्सेना, एसडीएम साक्षी पूरी, सहायक निदेशक विवेक जोशी, सहायक निदेशक जितेंद्र माली, पर्यटक अधिकारी नीलू राठौड़, होटल एसोसिएशन के सदस्य, स्थानीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और देश-विदेश से बड़ी संख्या में आए पर्यटक मौजूद रहे।


