Skip to content
March 12, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • वेब स्टोरी
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • Privacy Policy
  • धार्मिक

Mahakumbh 2025 : अघोरी बनने की कठिन राह – 3 मुश्किल परीक्षाएं और मौत-जीवन का खेल

Jaivardhan News January 18, 2025 1 minute read

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ 2025 में इस बार एक नई आस्था और रहस्य से भरी यात्रा होगी, जिसमें अघोरी साधु एक प्रमुख आकर्षण बनकर सामने आएंगे। ये साधु जीवन और मृत्यु दोनों के रहस्यों को अपने साधना के माध्यम से समझने का प्रयास करते हैं। अघोरी बनने की राह आसान नहीं होती; यह एक कठोर यात्रा है, जिसमें कई कठिन परीक्षाएं पार करनी होती हैं। आइए जानते हैं अघोरी बनने की प्रक्रिया, उनके कड़े नियम, और उनके जीवन की असाधारण यात्रा के बारे में, जो सिर्फ अपने गुरु और शास्त्रों के आदेशों का पालन करने से ही संभव हो पाती है।

Mahakumbh Facts : अघोरी साधु – एक रहस्यमय जीवन की शुरुआत

Mahakumbh Facts : अघोरी साधु का जीवन समाज के मुख्यधारा से बहुत अलग और विचित्र होता है। ये साधु शिव, शव, और श्मशान की साधना करते हैं, और न केवल नागा साधुओं की तरह महाकुंभ के आकर्षण का केंद्र होते हैं, बल्कि उनका जीवन दर्शन भी बेहद अलग होता है। अघोरी साधु भगवान शिव को अघोर पंथ का प्रणेता मानते हैं और अपनी साधना को इसी सिद्धांत पर आधारित करते हैं। अघोरी पंथ का शाब्दिक अर्थ “जो घोर नहीं है”, यानी सरल और सौम्य है। हालांकि, उनकी साधना बेहद कठोर होती है, और एक अघोरी बनने के लिए आपको कई कठोर और कठिन परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है।

Aghori Sadhu History : अघोरी पंथ का संदेश

Aghori Sadhu History : अघोर पंथ का उद्देश्य किसी के प्रति भेदभाव नहीं रखना, बल्कि सभी को समान दृष्टि से देखना होता है। यह पंथ लोक कल्याण के लिए कार्य करता है, और यह मान्यता रखता है कि साधना का मुख्य उद्देश्य आत्मा की शुद्धता और समाज की भलाई होती है। अघोरी साधु समाज में दयालुता, समानता और विनम्रता का प्रतीक होते हैं। हालांकि, उनकी साधना और दीक्षा प्रक्रिया बहुत कठिन और जटिल होती है।

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ का कितना पुराना है इसका इतिहास? जानें अद्भुत तथ्य और रोमांचक इतिहास

Who are Aghoris? : अघोरी बनने की प्रारंभिक प्रक्रिया – 3 कठिन परीक्षाएं

पहली परीक्षा – गुरु का चयन और हिरित दीक्षा

अघोरी बनने के लिए सबसे पहली आवश्यकता है एक योग्य गुरु की खोज। एक गुरु ही शिष्य को सही मार्गदर्शन दे सकता है, और शिष्य को गुरु के प्रति पूर्ण समर्पण होना आवश्यक होता है। गुरु की हर बात और हर आदेश को शिष्य को शिरोधार्य करना होता है। इस चरण में गुरु शिष्य को एक बीज मंत्र देते हैं, जिसे शिष्य को पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ साधना करनी होती है। इस बीज मंत्र को साधने की प्रक्रिया को हिरित दीक्षा कहा जाता है। शिष्य को इस दीक्षा से जुड़ी कठिनाइयों और नियमों का पालन करना होता है, और यह पहली परीक्षा होती है जो शिष्य को पार करनी होती है।

दूसरी परीक्षा – शिरित दीक्षा और कठोर नियमों का पालन

हिरित दीक्षा के बाद अगला कदम होता है शिरित दीक्षा। इस दीक्षा के दौरान गुरु शिष्य को कुछ महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी देते हैं और शिष्य से वचन लेते हैं। इस प्रक्रिया में गुरु शिष्य के शरीर के विभिन्न अंगों जैसे हाथ, गला और कमर पर काले धागे बांधते हैं, जो शिष्य को दिव्य और धार्मिक रूप से कृत्य की जिम्मेदारी का अहसास कराते हैं। इस दीक्षा के दौरान शिष्य को कुछ विशेष वचन भी दिए जाते हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य होता है। यदि शिष्य इन नियमों का पालन नहीं कर पाता, तो दीक्षा की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती।

तीसरी परीक्षा – रंभत दीक्षा और जीवन-मृत्यु का अधिकार गुरु को देना

अघोरी बनने की सबसे बड़ी और निर्णायक परीक्षा रंभत दीक्षा होती है। इस दीक्षा में शिष्य को अपने जीवन और मृत्यु दोनों का अधिकार गुरु को देना पड़ता है। यानि, यदि गुरु शिष्य से प्राण भी मांग ले, तो शिष्य को वह देना होता है। इस दीक्षा से पहले गुरु शिष्य से कई कठिन परीक्षा लेता है, जिनमें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कठिनाइयां शामिल होती हैं। जब शिष्य इन सभी परीक्षाओं को सफलतापूर्वक पार कर लेता है, तब गुरु उसे रंभत दीक्षा प्रदान करते हैं। इस दीक्षा के माध्यम से शिष्य को अघोर पंथ के गहरे रहस्यों की जानकारी दी जाती है और उसे तांत्रिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है।

How to become an Aghori Sadhu : अघोरी साधना: श्मशान और शव के माध्यम से सिद्धियां

How to become an Aghori Sadhu : अघोरी साधु अपने साधना के लिए श्मशान का चयन करते हैं, जहां वे भगवान शिव की साधना करते हैं और तांत्रिक क्रियाओं को सिद्ध करने का प्रयास करते हैं। श्मशान में शव पर बैठकर या खड़े होकर भी ये साधना करते हैं, जो अन्य साधकों से बिलकुल अलग होती है। शव साधना के दौरान अघोरी साधु शव को भोग लगाते हैं और उसे अपना गुरु मानकर उसकी सहायता से तंत्र साधना करते हैं। यह एक अति रहस्यमय और असाधारण प्रक्रिया है, जिसे अघोरी केवल एक खास प्रकार के साधक ही कर सकते हैं।

अघोरी साधुओं के प्रमुख साधना स्थल कामाख्या पीठ (असम), त्र्यम्बकेश्वर (महाराष्ट्र), और उज्जैन के चक्रतीर्थ के श्मशान हैं। इन स्थानों पर वे तांत्रिक साधनाएं करते हैं और कई तरह की सिद्धियां प्राप्त करते हैं, जो उन्हें जीवन और मृत्यु के रहस्यों को समझने में मदद करती हैं।

अघोरी साधुओं की सिद्धियां

अघोरी साधुओं की साधना का मुख्य उद्देश्य तंत्र की सिद्धियां प्राप्त करना होता है। यह सिद्धियां उन्हें न केवल शारीरिक शक्तियों से संपन्न करती हैं, बल्कि आत्मिक शक्ति और ज्ञान की प्राप्ति भी होती है। अघोरी सिद्धियों के जरिए वे ऐसी शक्तियों को प्राप्त करते हैं, जो सामान्य इंसान के बस की बात नहीं होती। इन शक्तियों का प्रयोग समाज और लोक कल्याण के लिए किया जाता है, और यही अघोरी पंथ का मुख्य उद्देश्य होता है।

अघोरी जीवन – मृत्यु और जीवन के बीच का रहस्य

अघोरी का जीवन मृत्यु और जीवन के बीच के एक रहस्य को समझने का प्रयास होता है। यह साधु अपनी साधना के दौरान न केवल मृत्यु से डरते हैं, बल्कि मृत्यु को एक अनिवार्य सत्य के रूप में स्वीकार करते हैं। वे शवों और श्मशान में अपनी साधना करके यह समझने की कोशिश करते हैं कि मृत्यु के बाद आत्मा कहां जाती है। यही कारण है कि अघोरी साधु अन्य साधकों से बहुत अलग होते हैं, क्योंकि वे जीवन और मृत्यु दोनों के परे जाकर एक अदृश्य सत्य को जानने का प्रयास करते हैं।

अघोरी साधु बनने की प्रक्रिया बहुत ही कठिन और चुनौतीपूर्ण होती है। यह सिर्फ एक साधना नहीं बल्कि एक जीवन का उद्देश्य होता है, जिसमें व्यक्ति को अपनी सारी इच्छाओं और भयों को पार करना होता है। अघोरी पंथ जीवन के रहस्यों को समझने और आत्मा की शुद्धता के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है। महाकुंभ 2025 में अघोरी साधु एक नई आस्था और रहस्य से भरी यात्रा की शुरुआत करेंगे, जो हम सभी को जीवन और मृत्यु के परे जाकर जीवन के उद्देश्य को समझने की प्रेरणा देगा।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक विश्वासों और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और इन तथ्यों की सत्यता की पुष्टि Jaivardhannews द्वारा नहीं की जाती है।

About the Author

Jaivardhan News

Administrator

जयवर्द्धन न्यूज डेस्क टीम। पांच से 15 वर्ष तक पत्रकारिता के अनुभवी एक्सपर्ट शामिल है, जो प्रत्येक कंटेंट का गहन अवलोकन के बाद मौजूदा स्थिति के अनुसार बेहतर, निष्पक्ष, सारगर्भित व पठनीय कंटेंट तैयार करते हैं। Jaivardhan News Desk Team

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 408

Post navigation

Previous: Poco X7 5G : दमदार फीचर्स, शानदार बैटरी और जबरदस्त कीमत के साथ पहली सेल शुरू
Next: Rinku Priya Wedding : क्रिकेटर रिंकू सिंह की दुल्हन बनेगी सपा सांसद प्रिया सरोज, शादी चर्चे की पूरी कहानी

Related Stories

STALE FOOD IN HINDU BELIEFS
  • धार्मिक

STALE FOOD IN HINDU BELIEFS : क्या बासी खाना सच में बढ़ाता है दुर्भाग्य? जानें धार्मिक मान्यता का बड़ा रहस्य

Parmeshwar Singh Chundwat March 9, 2026
Festival Calendar March 2026
  • धार्मिक
  • दिन विशेष

Festival Calendar March 2026 : मार्च 2026 में त्योहारों की बहार: होली, नवरात्र और शादी के शुभ मुहूर्त से सजेगा महीना

Parmeshwar Singh Chundwat February 27, 2026
Saint Lalitprabh
  • धार्मिक

Lalitprabh Maharaj pravachan : प्रतिकूलता में भी मुस्कुराओ — राष्ट्रसंत का ऐसा मंत्र, बदल जाएगी जिंदगी!

Parmeshwar Singh Chundwat February 26, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_7AgOE2wvaQ8 राजसमंद में महिला की अधजली लाश... मौत के कारण स्पष्ट नहीं, रिश्ते पर सवाल #rajsamandnews #jaivardhannews  #rajsamandpolice
राजसमंद जिले में केलवाड़ा थाना क्षेत्र के दादर का भीलवाड़ा (कड़िया) गांव के एक मकान में महिला की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। केलवाड़ा थाना पुलिस के बाद बुधवार दोपहर बाद उदयपुर से फोरेंसिक टीम व राजसमंद से एमओबी टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। महिला के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दी। कमरे में कपड़ो व बिस्तर में लाश जलते मिली और धुआं उठता देख ग्रामवासी पहुंचे तो घटना का पता चला। पुष्पा (40) पत्नी हिम्मतलाल नंगारची का शव किराए के कमरे में जलता हुआ मिला। सूचना पर केलवाड़ा थाना प्रभारी मनमंथसिंह मौके पर पहुंचे।
Rajsamand police
Kumbhalgarh news
women death
kelwara police stationOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में महिला की अधजली लाश... मौत के कारण स्पष्ट नहीं, रिश्ते पर सवाल #rajsamandnews #jaivardhannews  #rajsamandpolice
राजसमंद जिले में केलवाड़ा थाना क्षेत्र के दादर का भीलवाड़ा (कड़िया) गांव के एक मकान में महिला की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। केलवाड़ा थाना पुलिस के बाद बुधवार दोपहर बाद उदयपुर से फोरेंसिक टीम व राजसमंद से एमओबी टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। महिला के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दी। कमरे में कपड़ो व बिस्तर में लाश जलते मिली और धुआं उठता देख ग्रामवासी पहुंचे तो घटना का पता चला। पुष्पा (40) पत्नी हिम्मतलाल नंगारची का शव किराए के कमरे में जलता हुआ मिला। सूचना पर केलवाड़ा थाना प्रभारी मनमंथसिंह मौके पर पहुंचे।
Rajsamand police
Kumbhalgarh news
women death
kelwara police stationOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में महिला की अधजली लाश... मौत के कारण स्पष्ट नहीं, रिश्ते पर सवाल #rajsamandnews
राजसमंद में कुंभलगढ़ के एक घर में महिला की अधजली लाश, मौत के कारण स्पष्ट नहीं
#kumbhalgarhnews #rajsamandpolice #womendeath #rajsamandnews  #jaivardhannews #rajsamand
राजसमंद जिले में केलवाड़ा थाना क्षेत्र के दादर का भीलवाड़ा (कड़िया) गांव के एक मकान में महिला की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। केलवाड़ा थाना पुलिस के बाद बुधवार दोपहर बाद उदयपुर से फोरेंसिक टीम व राजसमंद से एमओबी टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। महिला के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दी। कमरे में कपड़ो व बिस्तर में लाश जलते मिली और धुआं उठता देख ग्रामवासी पहुंचे तो घटना का पता चला।
Rajsamand news
Kumbhalgarh news
Kelwara police station
Rajsamand policeOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में कुंभलगढ़ के एक घर में महिला की अधजली लाश, मौत के कारण स्पष्ट नहीं #kumbhalgarhnews
#jaivardhannews
#rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
15 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव होंगे या नहीं? #electioncommission #rajasthanelections
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Go to mobile version