Skip to content
May 14, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • वेब स्टोरी
  • Privacy Policy
  • स्वास्थ्य

Matka water benefits : मटके का पानी : सेहत के लिए आयुर्वेदिक वरदान, जानें फायदे और 10 जरूरी सावधानियां

Parmeshwar Singh Chundwat May 6, 2025 1 minute read

Matka water benefits : गर्मी के मौसम में ठंडा पानी पीना हर किसी को सुकून देता है। आज के आधुनिक दौर में ज्यादातर लोग फ्रिज (Fridge) में रखा ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं। लेकिन इसके बावजूद मिट्टी से बने मटके या घड़े का आकर्षण आज भी कम नहीं हुआ है। मटके का पानी न केवल प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, बल्कि यह हमारी सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है। भारत में सदियों से मिट्टी के घड़े या सुराही में पानी रखने और पीने की परंपरा रही है, और आयुर्वेद इसे सेहत के लिए एक अनमोल तोहफा मानता है। आधुनिक विज्ञान भी इस प्राचीन परंपरा के लाभों को मान्यता देता है।

जर्नल ऑफ इजिप्शियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन (JEPHA) में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मिट्टी के बर्तन में रखा पानी प्लास्टिक बोतल की तुलना में कहीं अधिक साफ और सुरक्षित होता है। इसके अलावा, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) भी मिट्टी के बर्तनों को पानी के भंडारण के लिए सबसे सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प मानते हैं। इस लेख में हम मटके के पानी के सेहत लाभ, इसके प्राकृतिक ठंडक के पीछे का विज्ञान, और इस्तेमाल के दौरान जरूरी सावधानियों को विस्तार से जानेंगे।

मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा कैसे होता है?

Benefits of drinking water from clay pot : विज्ञान और प्रकृति का अनोखा संगम

मटके का पानी ठंडा रहने का रहस्य मिट्टी की संरचना में छुपा है। मिट्टी के बर्तनों में छोटे-छोटे छिद्र (Pores) होते हैं, जो पानी को बर्तन की सतह तक रिसने देते हैं। जब यह पानी बाहरी सतह पर पहुंचता है, तो यह वाष्पीकरण (Evaporation) की प्रक्रिया से भाप बनकर उड़ जाता है। यह एक ऊष्मा-शोषी प्रक्रिया (Endothermic Process) है, जिसमें पानी को भाप में बदलने के लिए ऊष्मा की जरूरत होती है। यह ऊष्मा मटके और उसके अंदर मौजूद पानी से ली जाती है, जिसके परिणामस्वरूप मटके का पानी धीरे-धीरे ठंडा हो जाता है।

यह प्रक्रिया बिल्कुल वैसी ही है, जैसे हमारे शरीर में पसीना निकलने से त्वचा ठंडी हो जाती है। यह प्राकृतिक ठंडक शरीर के लिए हानिकारक नहीं होती और गर्मी में राहत देती है। मटके का पानी आमतौर पर 20-25 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा रहता है, जो शरीर के तापमान के लिए आदर्श होता है।

मटके का पानी सेहत के लिए क्यों फायदेमंद है?

Earthen pot vs fridge water : आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर पानी

मटके का पानी सेहत के लिए एक अमृत समान है। मिट्टी की प्राकृतिक गुणवत्ता इसे विशेष बनाती है। मिट्टी स्वाभाविक रूप से क्षारीय (Alkaline) होती है, जो शरीर के pH लेवल को संतुलित करने में मदद करती है। pH लेवल यह दर्शाता है कि कोई तरल कितना अम्लीय या क्षारीय है। मटके का पानी शरीर में अम्लता (Acidity) और गैस की समस्याओं को कम करता है, जिससे पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।

मटके के पानी के प्रमुख लाभ:

  1. मिनरल्स का प्राकृतिक स्रोत: मिट्टी में मौजूद मैग्नीशियम (Magnesium), कैल्शियम (Calcium), और अन्य सूक्ष्म खनिज पानी में घुल जाते हैं। ये खनिज शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखते हैं, जो हाइड्रेशन और मांसपेशियों के कार्य के लिए जरूरी है।
  2. टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है: मिट्टी में प्राकृतिक रूप से शुद्ध करने वाले गुण होते हैं, जो पानी से हानिकारक तत्वों को हटाते हैं। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने में मदद करता है।
  3. प्राकृतिक ठंडक: मटके का पानी शरीर के तापमान के अनुकूल होता है। इसे पीने से गले को झटका नहीं लगता, और शरीर का तापमान संतुलित रहता है।
  4. पाचन में सहायक: यह पानी पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और कब्ज, अपच जैसी समस्याओं से राहत देता है।
  5. प्रतिरक्षा बढ़ाता है: मटके का पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
AC side effects at night : आरामदायक नींद या सेहत का दुश्मन? पूरी रात AC में सोने से हो सकते हैं ये 5 गंभीर नुकसान

फ्रिज के पानी की तुलना में मटके का पानी क्यों बेहतर?

Ayurvedic drinking water tips : सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद

डॉ. श्रीवास्तव बताते हैं कि फ्रिज का पानी बहुत ज्यादा ठंडा (4-5 डिग्री सेल्सियस) होता है, जो शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। अत्यधिक ठंडा पानी पीने से गले में सूजन, थ्रोट इन्फेक्शन (Throat Infection), और सर्दी-जुकाम की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, यह पाचन तंत्र को धीमा कर सकता है, जिससे अपच और गैस की समस्या हो सकती है।

दूसरी ओर, मटके का पानी प्राकृतिक रूप से 20-25 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा रहता है, जो शरीर के तापमान के लिए आदर्श है। यह पाचन को बेहतर करता है और शरीर को अंदर से स्वस्थ रखता है। साथ ही, मटके का पानी बिजली की खपत को कम करता है, जिससे यह पर्यावरण के लिए भी एक टिकाऊ विकल्प है। फ्रिज के पानी में अक्सर प्लास्टिक की बोतलों के रसायन घुल सकते हैं, जो लंबे समय तक सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जबकि मटके का पानी पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित होता है।

क्या रोजाना मटके का पानी पीना सुरक्षित है?

How to clean clay pot for water : सेहत के लिए एक सुरक्षित और लाभकारी विकल्प

मटके का पानी रोजाना पीना न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी भी है। यह शरीर को पर्याप्त हाइड्रेशन देता है और मिट्टी से मिलने वाले प्राकृतिक खनिजों के कारण शरीर को पोषण भी प्रदान करता है। हालांकि, मटके की सही देखभाल और सफाई जरूरी है, ताकि पानी शुद्ध और सुरक्षित रहे।

मटके को साफ करने का सही तरीका क्या है?

Summer hydration naturally : स्वच्छता बनाए रखने के आसान उपाय

मटके की सही सफाई उसके पानी को शुद्ध और सुरक्षित रखने के लिए बहुत जरूरी है। डॉ. श्रीवास्तव निम्नलिखित तरीके सुझाते हैं:

  1. सबसे पहले मटके को पूरी तरह खाली कर दें।
  2. इसे अंदर से मुलायम कपड़े या स्पंज (Sponge) से साफ करें। मटके के अंदर हाथ डालकर जोर से रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे इसके छिद्र बंद हो सकते हैं और पानी ठंडा होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
  3. बाहर से मटके को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।
  4. अगर मटके के अंदर सफेद परत (जो मिनरल्स के जमाव के कारण बनती है) दिखे, तो उसे हटाने के लिए प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करें। नींबू का रस, बेकिंग सोडा, विनेगर, या नमक को पानी में मिलाकर मटके में डालें और अच्छी तरह हिलाएं। इसके बाद साफ पानी से धो लें।
  5. मटके को धोने के बाद धूप में अच्छी तरह सुखाएं, ताकि उसमें नमी न रहे और बैक्टीरिया न पनपें।

अतिरिक्त टिप:

मटके को साफ करने के लिए कभी भी तेज डिटर्जेंट या साबुन का इस्तेमाल न करें, क्योंकि ये मिट्टी के प्राकृतिक गुणों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

क्या मटके में बैक्टीरिया पनपने का खतरा होता है?

सावधानी से खतरे को करें कम

मिट्टी के बर्तनों में छोटे-छोटे छिद्र होने के कारण उनमें नमी बनी रहती है। अगर मटके की सही तरह से सफाई न की जाए, तो इस नमी के कारण फंगस (Fungus) या बैक्टीरिया पनपने का खतरा हो सकता है। लेकिन नियमित सफाई और देखभाल से इस खतरे को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। हर 2-3 दिन में मटके का पानी बदलें और उसे धूप में सुखाएं। धूप बैक्टीरिया को मारने में मदद करती है और मटके को सूखा रखती है।

मटके का इस्तेमाल करते समय 10 जरूरी सावधानियां

मटके का पानी सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसके इस्तेमाल के दौरान कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है ताकि पानी शुद्ध और सुरक्षित रहे। निम्नलिखित सावधानियों की सलाह देते हैं:

  1. नया मटका या सुराही खरीदने के बाद उसे कम से कम 12 घंटे तक साफ पानी में भिगोकर रखें। इससे मिट्टी की गंध और अशुद्धियां दूर हो जाती हैं।
  2. मटके में हमेशा साफ और फिल्टर किया हुआ पानी ही डालें।
  3. हर दिन या हर दूसरे दिन मटके का पानी जरूर बदलें, ताकि पानी ताजा रहे।
  4. मटके को नियमित रूप से धूप में सुखाएं, ताकि उसमें नमी न रहे और बैक्टीरिया न पनपें।
  5. मटके को साफ करने के लिए तेज डिटर्जेंट या साबुन का इस्तेमाल न करें। प्राकृतिक सामग्री जैसे नींबू, नमक, या विनेगर का उपयोग करें।
  6. मटके को ऐसी जगह रखें जहां धूल और गंदगी न पहुंचे। इसे ढक्कन से ढककर रखें।
  7. मटके को जमीन पर रखने के बजाय किसी स्टैंड पर रखें, ताकि नीचे से नमी न आए।
  8. मटके को बार-बार छूने से बचें, खासकर गंदे हाथों से, ताकि पानी दूषित न हो।
  9. अगर मटके से पानी में मिट्टी की गंध या स्वाद आने लगे, तो उसे अच्छी तरह साफ करें और धूप में सुखाएं।
  10. मटके को टूटने से बचाएं, क्योंकि टूटा हुआ मटका बैक्टीरिया के पनपने का कारण बन सकता है।

क्या मटके का पानी हर किसी के लिए सुरक्षित है?

कुछ लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

मटके का पानी आमतौर पर सभी लोगों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद है। लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों को मिट्टी या धूल से एलर्जी (Allergy) है, उन्हें मटके का पानी पीने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पानी पूरी तरह शुद्ध है। इसके अलावा, कीमोथेरेपी (Chemotherapy) से गुजर रहे मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बिना मटके का पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है और किसी भी तरह का जोखिम उनके लिए हानिकारक हो सकता है।

अतिरिक्त सलाह:

अगर आपको मटके के पानी से किसी तरह की असुविधा (जैसे पेट में दर्द या एलर्जी) महसूस हो, तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद करें और डॉक्टर से सलाह लें।


मटके के पानी के इस्तेमाल के अन्य फायदे

पर्यावरण और जीवनशैली पर सकारात्मक प्रभाव

मटके का पानी न केवल सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी एक टिकाऊ विकल्प है। मटके का उपयोग करने से फ्रिज पर निर्भरता कम होती है, जिससे बिजली की खपत घटती है और बिजली बिल में बचत होती है। साथ ही, मटके का पानी प्लास्टिक बोतलों से होने वाले प्रदूषण को रोकता है। यह एक पारंपरिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीका है, जो हमारी जीवनशैली को प्रकृति के करीब लाता है।

सांस्कृतिक महत्व:

भारत में मटके का पानी पीने की परंपरा न केवल स्वास्थ्य से जुड़ी है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा है। गांवों और छोटे शहरों में आज भी मटके का पानी मेहमानों को परोसने की प्रथा है, जो आतिथ्य और प्रेम का प्रतीक है।


मटके का पानी अपनाएं, सेहत और प्रकृति को संवारें

मटके का पानी न केवल गर्मी में राहत देता है, बल्कि यह सेहत के लिए एक प्राकृतिक औषधि भी है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों इसके लाभों की पुष्टि करते हैं। मिट्टी के बर्तन में पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है, pH लेवल को संतुलित करता है, और शरीर को जरूरी खनिज प्रदान करता है। हालांकि, इसके लाभों को बनाए रखने के लिए मटके की नियमित सफाई और सही इस्तेमाल बहुत जरूरी है। ऊपर बताई गई सावधानियों का पालन करके आप मटके के पानी को पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद बना सकते हैं। तो इस गर्मी में फ्रिज के पानी को छोड़कर मटके के पानी को अपनाएं, और सेहत के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान दें।

Heart Attack Symptoms : हार्ट अटैक से पहले शरीर देता है 6 चेतावनियां: इन संकेतों को नजरअंदाज किया तो जा सकती है जान!

About the Author

Parmeshwar Singh Chundwat

Editor

Parmeshwar Singh Chundwat ने डिजिटल मीडिया में कॅरियर की शुरुआत Jaivardhan News के कुशल कंटेंट राइटर के रूप में की है। फोटोग्राफी और वीडियो एडिटिंग में उनकी गहरी रुचि और विशेषज्ञता है। चाहे वह घटना, दुर्घटना, राजनीतिक, सामाजिक या अपराध से जुड़ी खबरें हों, वे SEO आधारित प्रभावी न्यूज लिखने में माहिर हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, थ्रेड्स और यूट्यूब के लिए छोटे व बड़े वीडियो कंटेंट तैयार करने में निपुण हैं।

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 269

Post navigation

Previous: Loan rejection reasons : अच्छा सिबिल स्कोर होने के बाद भी लोन से वंचित? जानिए इसके पीछे के कारण और समाधान
Next: Post Office FD investment plan : पोस्ट ऑफिस FD से रकम को करें तीन गुना : ₹5 लाख से बनाएं ₹15 लाख से ज्यादा, जानें आसान ट्रिक

Related Stories

HPV vaccination campaign Rajsamand
  • स्वास्थ्य

HPV vaccination campaign Rajsamand : राजसमंद में एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर कलक्टर सख्त, रोज मांगी रिपोर्ट

Parmeshwar Singh Chundwat May 13, 2026
summer fungal infection symptoms
  • स्वास्थ्य

summer fungal infection symptoms : गर्मियों में तेजी से बढ़ रहे फंगल इंफेक्शन, ये छोटी गलतियां बना सकती हैं बड़ी परेशानी

Parmeshwar Singh Chundwat May 13, 2026
High Blood Pressure Evening Habits
  • स्वास्थ्य

High Blood Pressure Evening Habits : शाम की ये 5 गलतियां बढ़ा सकती हैं Blood Pressure, ज्यादातर लोग रोज करते हैं नजरअंदाज

Parmeshwar Singh Chundwat May 10, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_wp23akiBTq8 राजसमंद में 3 दिन में 2 हार्डकोर, 6 ईनामी समेत 46 आरोपी गिरफ्तार #rajsamandpolice
#jaivardhannewsराजसमंद शहर से लेकर नाथद्वारा, आमेट, देवगढ़ सहित जिलेभर में 9 से 12 मई तक विशेष अभियान के तहत 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल ने बताया कि पुलिस ने विशेष धरपकड़ अभियान के तहत 2 हार्डकोर व 6 ईनामी आरोपी भी पकड़े हैं, जिसमें नाथद्वारा व देवगढ़ थाना पुलिस की अहम भूमिका रही।
राजसमंद न्यूज
Rajsamand police
Rajsamand News
nathdwara news
Devgarh news
Rajasthan policeOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में 3 दिन में 2 हार्डकोर, 6 ईनामी समेत 46 आरोपी गिरफ्तार #rajsamandpolice
#jaivardhannewsराजसमंद शहर से लेकर नाथद्वारा, आमेट, देवगढ़ सहित जिलेभर में 9 से 12 मई तक विशेष अभियान के तहत 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल ने बताया कि पुलिस ने विशेष धरपकड़ अभियान के तहत 2 हार्डकोर व 6 ईनामी आरोपी भी पकड़े हैं, जिसमें नाथद्वारा व देवगढ़ थाना पुलिस की अहम भूमिका रही।
राजसमंद न्यूज
Rajsamand police
Rajsamand News
nathdwara news
Devgarh news
Rajasthan policeOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में 3 दिन में 2 हार्डकोर, 6 ईनामी समेत 46 आरोपी गिरफ्तार #rajsamandpolice
राजसमंद की महिलाओं और युवाओं के लिए शानदार अवसर | Nai Jindagi foundation #naijindagifoundation  #jaivardhannews
#rajsamand
राजसमंद की महिलाओं और युवाओं के लिए शानदार अवसर 🎉📍 नई जिंदगी एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा
निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण के साथ अब GDA Nursing, Computer और Finance Skills Training भी शुरू।अगर आप रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और बेहतर करियर की तलाश में हैं, तो यह मौका आपके लिए है। 💼✨✅ Free सिलाई प्रशिक्षण
✅ GDA Nursing Training
✅ RS-CFA & RSCIT Certification Program
✅ Computer + Finance Skills
✅ 4 महीने का प्रोफेशनल कोर्स
✅ 100% Practical Training
✅ Multiple Government Recognized Certificates
✅ Job Support Available
✅ ₹18,000 तक Free Benefits👩 महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण
💻 Computer Skills
🏥 GDA Nursing Training
📈 सीखें हुनर और बनाएं शानदार करियर📍 पता:
नई जिंदगी एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन
जलचक्की चौराहा, IDBI बैंक के ऊपर, राजसमंद📞 Contact Numbers:
70231-36617
77421-86617
70735-36617#Naijindagifoundation #FreeTailoringTraining #GDANursing #NursingCourse #RSCIT #ComputerCourse #FinanceCourse #Rajsamand #WomenEmpowerment #SkillDevelopment #JobSupport #JaivardhanNews #todaynews
Owner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद की महिलाओं और युवाओं के लिए शानदार अवसर | Nai Jindagi foundation #naijindagifoundation
नाथद्वारा शहर में आधी रात किसने तोड़ी, 24 दिन हो गए, सिस्टम पर उठे सवाल ? #nathdwaranews  #jaivardhannews
#rajsamandराजसमंद जिले के नाथद्वारा शहर में आइकॉनिक गेट के पास आधी रात में दुकानों में जेसीबी से तोड़फोड़ की गई। चन्द्रभान सिंह चौधरी पुत्र बाबूलाल चौधरी ने श्रीनाथजी थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और अनुसंधान शुरू किया, मगर अभी तक आरोपियों का पता नहीं चल सका। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि जेसीबी के साथ जो भी लोग आए, वे सभी घटना स्थल के आस पास में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों में कैद हैं। फिर पुलिस त्वरित जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार क्यों नहीं कर कर रही है। बीस से ज्यादा दिन बीतने पर भी कार्रवाई नहीं होने पर राजसमंद में बाबूलाल चौधरी ने जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा को ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच व कार्रवाई की मांग उठाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष आदित्य प्रताप सिंह चौहान द्वारा भी पीड़ित के समर्थन में कलक्टर से कार्रवाई की मांग की। पीड़ित की मांग पर कलक्टर ने जांच अधिकारी बदलने के निर्देश दिए हैं। देखिए दुकान में तोड़फोड़ को लेकर पीड़ित बाबूलाल चौधरी क्या कहते हैं, सुनिए
Nathdwara News
Rajsamand News
JaivardhanNewsOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
नाथद्वारा शहर में आधी रात किसने तोड़ी, 24 दिन हो गए, सिस्टम पर उठे सवाल ? #nathdwaranews
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram