
Pearl Grace Academy Bhana : पर्ल ग्रेस एकेडमी, भाणा में विद्यार्थियों के मानसिक, भावनात्मक और शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए दो घंटे का “वेलनेस अवेयरनेस सेमिनार” आयोजित किया गया। सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें तनावमुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना रहा।
Wellness Awareness Seminar Rajsamand : विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में कक्षा 6वीं से 10वीं तक के सभी विद्यार्थियों की भागीदारी अनिवार्य रखी गई। कार्यक्रम के दौरान परीक्षा का दबाव, मानसिक तनाव, गुस्से पर नियंत्रण, आत्मविश्वास में वृद्धि, सकारात्मक सोच और करियर जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सेमिनार की मुख्य वक्ता प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक डॉ. सोनिका सिंघवी रहीं, जिन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में सरल और प्रभावी तरीके से जानकारी दी। डॉ. सिंघवी ने बताया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में बच्चों पर पढ़ाई, परीक्षा और भविष्य को लेकर अत्यधिक दबाव रहता है, जिससे तनाव, चिंता और नकारात्मक विचार बढ़ने लगते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा के समय शांत और सकारात्मक रहने के व्यावहारिक उपाय भी बताए। साथ ही समय प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने, भावनाओं को नियंत्रित करने और सही तरीके से अपनी बात व्यक्त करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
इंटरैक्टिव सत्र में विद्यार्थियों ने खुलकर रखी अपनी बातें

Mental Health Seminar in School : सेमिनार के दौरान इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों ने मानसिक तनाव, पढ़ाई के दबाव और करियर को लेकर अपनी जिज्ञासाएं खुलकर साझा कीं। डॉ. सोनिका सिंघवी ने विद्यार्थियों के सवालों के सहज और प्रेरणादायक जवाब दिए, जिससे छात्रों में नया आत्मविश्वास देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि मानसिक रूप से मजबूत रहना जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए बेहद जरूरी है। सकारात्मक सोच और संतुलित दिनचर्या से तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विद्यालय का फोकस
Pearl Grace Academy News : विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि उनका मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत होना भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को आत्मविश्वासी, सकारात्मक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
स्टाफ, अभिभावकों और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी
Mental Health Awareness for Students : इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ, अभिभावकों और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सभी ने कार्यक्रम को बेहद उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य वक्ता डॉ. सोनिका सिंघवी का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही सेमिनार को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों और शिक्षकों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।



