
Rajasthan dense fog : राजस्थान के विभिन्न जिलों में मंगलवार को भी घना कोहरा छाया रहा, जिसने जनजीवन को काफी प्रभावित किया। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का प्रभाव समाप्त होने के बाद बादल छंट गए और इसके स्थान पर घना कोहरा छा गया। प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में इस कोहरे का सबसे अधिक असर देखने को मिला। मंगलवार को कई क्षेत्रों में दृश्यता (visibility) 10 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई।
बीकानेर शहर में सुबह के समय घने कोहरे ने पूरी तरह से छा लिया, जहां विजिबिलिटी 50 मीटर से कम रही। इसी तरह, सोमवार को भी छह से अधिक जिलों में घना कोहरा बना रहा। श्रीगंगानगर में तो सुबह साढ़े नौ बजे तक कोहरे की मोटी चादर बिछी रही, और विजिबिलिटी मात्र 10 मीटर के आसपास रह गई। अधिक नमी के कारण कोहरे में बारिश जैसी बूंदें महसूस हुईं, जो ठंड को और अधिक कष्टदायक बना रही थीं। कृषि अनुसंधान केंद्र में न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हल्की लेकिन ठंडी हवाओं के चलने से न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में अगले एक-दो दिनों तक तापमान सामान्य स्तर पर बना रहेगा, लेकिन घने कोहरे के कारण दैनिक जीवन पर गहरा असर पड़ सकता है। सड़क यातायात, रेल सेवाएं और यहां तक कि हवाई उड़ानें भी प्रभावित हो सकती हैं। लोगों को सलाह दी जा रही है कि सुबह के समय घर से बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतें, विशेष रूप से वाहन चालक लाइट्स का उपयोग करें और धीमी गति से ड्राइव करें।

श्रीगंगानगर की सुबह पूरी तरह कोहरे की सफेद चादर में लिपटी नजर आई, जहां दूर-दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। बीकानेर में भी मंगलवार की सुबह घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 10 मीटर से कम हो गई, जिससे शहर की सड़कें सूनी पड़ी रहीं।
तापमान में तेज गिरावट और कोहरे का व्यापक असर
Rajasthan weather update : पिछले 24 घंटों में जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, अलवर, भरतपुर और करौली जैसे क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। इस कोहरे ने इन शहरों में दृश्यता को बेहद कम कर दिया, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। हाईवे पर ट्रक और बसें रेंगती नजर आईं, और कई जगह दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया।
शेखावाटी क्षेत्र में हल्की ठंडी हवाएं चलीं, जिसके कारण न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इस क्षेत्र की ठंड हमेशा से प्रसिद्ध रही है, लेकिन इस बार कोहरे ने इसे और अधिक तीव्र बना दिया।
फतेहपुर रहा सबसे ठंडा, कई जगह पारा 10 डिग्री से नीचे
Fatehpur Rajasthan minimum temperature : सोमवार को राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान सीकर जिले के फतेहपुर में 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो पूरे राजस्थान में सबसे ठंडा स्थान बना। इसके अलावा नागौर में 5.9, लूणकरणसर में 6, दौसा में 6.5, बारां में 7.8, सिरोही में 8.1, श्रीगंगानगर में 9.3 और चूरू में 8.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में सर्दी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
कोहरे के कारण एक दिलचस्प घटना भी सामने आई, जब जयपुर से श्रीगंगानगर जा रही एक बस रास्ता भटक गई। ड्राइवर को कई किलोमीटर आगे चलने के बाद पता चला कि वह गलत मार्ग पर है। ऐसी घटनाएं कोहरे की गंभीरता को दर्शाती हैं।
दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव
Rajasthan fog warning IMD : दिन के समय अधिकतम तापमान में भी विविधता देखी गई। सोमवार को सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जोधपुर में 29.8, नागौर में 28.8, जालौर में 29.5 और दौसा में 28.1 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिली, लेकिन सुबह और शाम की ठंडक बरकरार रही।
आज भी कोहरे का कहर जारी रहेगा
Rajasthan fog affects : मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में आज भी घने कोहरे का प्रभाव बना रहेगा। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर के अलावा पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों में कोहरा सबसे अधिक घना होगा। दिल्ली-एनसीआर से लगते इलाकों में भी कोहरे की मार पड़ सकती है। इस स्थिति में यातायात और दैनिक कार्यों पर असर पड़ना स्वाभाविक है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरा न केवल विजिबिलिटी कम करता है, बल्कि ठंड को और गहरा भी बनाता है। लोगों से अपील है कि गर्म कपड़े पहनें, विशेषकर बच्चे और बुजुर्गों का ख्याल रखें।
यह मौसमी बदलाव राजस्थान की सर्दियों की विशेषता है, जहां कोहरा और ठंड मिलकर एक चुनौतीपूर्ण माहौल बनाते हैं। आने वाले दिनों में यदि कोई नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो स्थिति में बदलाव आ सकता है, लेकिन फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत है।
