
Rajasthan farmer interest scheme : राजस्थान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना की अंतिम तिथि आगे बढ़ा दी है। अब प्रदेश के पात्र किसान 30 जून 2026 तक इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। सरकार के इस फैसले से हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जो लंबे समय से पुराने कृषि ऋण और ब्याज के बोझ से परेशान थे।
भूमि विकास बैंक के सचिव एवं उप रजिस्ट्रार सुधीर भट्ट ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें कर्ज के दबाव से बाहर निकालने के उद्देश्य से इस योजना का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने अब तक योजना का लाभ नहीं लिया है, उनके लिए यह अंतिम अवसर साबित हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना के तहत पात्र किसानों को बकाया ब्याज, दंडनीय ब्याज और वसूली खर्च में शत-प्रतिशत राहत दी जा रही है। इसका मतलब यह है कि किसान यदि मूलधन जमा करवा देते हैं तो उन्हें पुराने ब्याज का पूरा बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। योजना के तहत किसानों को केवल मूल ऋण राशि, बीमा प्रीमियम और 1 जुलाई 2024 के बाद का लागू ब्याज जमा करवाना होगा। बाकी बकाया ब्याज सरकार की ओर से माफ किया जाएगा।

अब तक सैकड़ों किसानों को मिला लाभ
Rajasthan government scheme for farmers : भूमि विकास बैंक के सचिव सुधीर भट्ट ने जानकारी दी कि 3 मार्च 2026 तक इस योजना के अंतर्गत 376 किसानों को करीब 78.87 लाख रुपए की ब्याज राहत दी जा चुकी है। सरकार को उम्मीद है कि अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद और अधिक किसान इस योजना से जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि कई किसान पहले निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाए थे। ऐसे किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने योजना की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया है।
क्या है मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना?
Bhajanlal Sharma farmer scheme राजस्थान मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण किसान हितैषी योजना है। यह योजना विशेष रूप से उन किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए शुरू की गई है, जिन्होंने सहकारी भूमि विकास बैंकों से ऋण लिया था और समय पर भुगतान नहीं कर पाए। सरकार का उद्देश्य किसानों को ब्याज के बढ़ते बोझ से राहत देकर उन्हें दोबारा आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे भविष्य में नए ऋण लेने और खेती-किसानी के कार्य सुचारु रूप से कर सकें।
200 करोड़ रुपए के बजट से लागू हुई योजना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के बाद इस योजना को करीब 200 करोड़ रुपए के बजट के साथ लागू किया गया था। योजना का मुख्य मकसद किसानों को ऋण जाल से बाहर निकालना और सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति को भी मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि जब किसान पुराने कर्ज से मुक्त होंगे, तब वे खेती में नई तकनीक, बीज और संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे, जिससे कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
किन किसानों को मिलेगा लाभ?
Rajasthan farmer interest free scheme amount : इस योजना का लाभ उन किसानों को दिया जा रहा है, जिन्होंने भूमि विकास बैंकों से मध्यकालीन या दीर्घकालीन ऋण लिया था और जिनका ऋण 1 जुलाई 2024 तक अवधिपार यानी ओवरड्यू हो चुका है। हालांकि, वर्ष 2014-15 की 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान वाली कुछ विशेष योजनाओं को इससे अलग रखा गया है। बाकी पात्र किसान अपने जिले के सहकारी भूमि विकास बैंक में संपर्क कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
किसानों को मिल रही बड़ी राहत
प्रदेश के कई किसानों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत, मौसम की मार और आर्थिक दबाव के कारण ऋण चुकाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में ब्याज माफी योजना उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ने और उत्पादन में सुधार की संभावना भी बनेगी।
30 जून 2026 तक कर सकेंगे आवेदन
Rajasthan farmer interest scheme apply online : सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान 30 जून 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को अपने संबंधित सहकारी भूमि विकास बैंक में जाकर आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने होंगे। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द योजना का लाभ उठाएं, ताकि उन्हें ब्याज माफी का पूरा फायदा मिल सके।



