
Rajsamand jewellery market slowdown : राजसमंद : सोने की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची कीमतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोना आयात कम करने की अपील का असर अब सीधे राजसमंद के सर्राफा बाजार पर दिखाई देने लगा है। जिले के प्रमुख सर्राफा बाजारों में कारोबार अचानक सुस्त पड़ गया है। हालात यह हैं कि सालाना करीब 600 करोड़ रुपए का कारोबार करने वाले बाजार में बीते दो दिनों से बुकिंग घटकर महज 10 प्रतिशत तक रह गई है। राजसमंद मुख्यालय सहित नाथद्वारा, आमेट, रेलमगरा, देवगढ़ और भीम के बड़े शोरूमों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
ज्वैलर्स एसोसिएशन राजसमंद के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सियोल के अनुसार जिले में प्रतिदिन औसतन करीब 2 करोड़ रुपए का सोना-चांदी कारोबार होता था, लेकिन अब यह घटकर करीब 20 लाख रुपए तक पहुंच गया है। जीएसटी सहित सोने के दाम 1 लाख 66 हजार 500 रुपए प्रति 10 ग्राम और जेवराती सोना 1 लाख 53 हजार 180 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने से आम ग्राहक खरीदारी से दूरी बना रहे हैं। इसका असर सबसे ज्यादा विवाह सीजन की तैयारियों पर पड़ा है।
कारीगरों पर संकट और शेयर बाजार में गिरावट
Gold price hike impact India : राजसमंद का सर्राफा बाजार केवल स्थानीय खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक ज्वैलरी और चांदी के कलात्मक उत्पादों के लिए देशभर में पहचान रखता है। यहां करीब 2 हजार कारीगर सोने-चांदी के आभूषण, धार्मिक कलाकृतियां और बर्तन बनाने के काम से जुड़े हैं। बाजार में आई अचानक मंदी के कारण इन कारीगरों के पास काम लगभग ठप हो गया है। कई कारीगर पूरे दिन खाली बैठने को मजबूर हैं, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि मांग में कमी का असर बड़े ज्वैलरी ब्रांड्स पर भी पड़ा है। शेयर बाजार में कई प्रमुख ज्वैलरी कंपनियों के शेयर 6 से 10 प्रतिशत तक टूट गए हैं।

विदेशी मुद्रा बचाने की कवायद और सोना आयात घटाने पर जोर
Rajsamand sarafa market news : प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है, क्योंकि भारत दुनिया के बड़े सोना आयातकों में शामिल है। मध्य पूर्व के तनाव के चलते सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका के बीच सरकार आयात कम करने की रणनीति पर काम कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मांग में इसी तरह की कमी बनी रहती है, तो आने वाले समय में कीमतों में स्थिरता या गिरावट आ सकती है। वर्तमान में राजसमंद में सालाना 300 किलो सोने की खपत होती है और हर महीने करीब 50 करोड़ रुपये के आभूषण बिकते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों ने इस पूरे गणित को बिगाड़ दिया है।
धार्मिक ज्वेलरी का हब है राजसमंद
Gold rate record high Rajasthan : विशेषकर नाथद्वारा क्षेत्र पारंपरिक गढ़ाई और चांदी की धार्मिक कलाकृतियों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां निर्मित ज्वैलरी और धार्मिक बर्तन बड़े मंदिरों और राजघरानों तक सप्लाई किए जाते हैं। बाजार की मौजूदा सुस्ती से धार्मिक हस्तशिल्प कारोबार भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि बीते दो दिनों में चांदी के भाव करीब 32 हजार रुपए प्रति किलो और सोना करीब 9 हजार रुपए प्रति तोला तक बढ़ चुका है, जिससे ग्राहक खरीदारी से बच रहे हैं।
भीम सर्राफा बाजार में 60 से ज्यादा दुकानें, करोबार ठप
Gold business crisis Rajsamand : भीम के सर्राफा बाजार में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। यहां 60 से अधिक दुकानें और उनसे जुड़े कारीगर प्रभावित हो रहे हैं। व्यापारी कन्हैयालाल सोनी, बाबूलाल देरासरिया, खेमराज सोनी और गौतम मुणोत ने बताया कि पिछले छह महीनों से बाजार कमजोर चल रहा था, लेकिन अब हालात और खराब हो गए हैं। दुकानों का किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल होता जा रहा है।
क्यों घटाई जा रही है मांग
भारत अपनी सोने की जरूरत का अधिकांश हिस्सा विदेशों से आयात करता है। इसके लिए भुगतान डॉलर में करना पड़ता है, जिससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार कम होता है और व्यापार घाटा बढ़ता है मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध और तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की सप्लाई चैन बाधित हो रही है, जिससे कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।



