
Rajasthan highway illegal construction : राजस्थान में नेशनल हाईवे (National Highway) के आसपास तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माणों पर अब सरकार सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद राज्य सरकार और सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने प्रदेशभर में हाईवे किनारे बने अवैध होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, सर्विस सेंटर, दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई विशेष रूप से नेशनल हाईवे के मीडियन (बीच के केंद्रीय बिंदु) से दोनों ओर 75 मीटर की सीमा में आने वाले निर्माणों पर केंद्रित रहेगी।
हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में पीडब्ल्यूडी ने पिछले महीने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को एक विस्तृत पत्र जारी किया है। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हाईवे सीमा के भीतर आने वाले सभी अवैध स्ट्रक्चरों को चिन्हित कर उन्हें नोटिस जारी किया जाए और नियमानुसार उन्हें हटाने की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता
75 meter rule highway Rajasthan : यह निर्देश राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा हिम्मत सिंह गहलोत बनाम राजस्थान सरकार मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि हाईवे के आसपास अनियंत्रित और अवैध निर्माणों की वजह से सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि हाईवे सुरक्षा के मानकों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण न केवल यातायात में बाधा बन रहे हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले हाईवे विकास कार्यों में भी बड़ी रुकावट पैदा कर रहे हैं।
75 मीटर दायरे में कोई निर्माण मान्य नहीं
PWD bulldozer action Rajasthan : पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि नेशनल हाईवे के सेंटर पॉइंट से 75 मीटर तक की दूरी में किसी भी प्रकार का Commercial या Residential Construction कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा। इस क्षेत्र में आने वाले सभी होटल, ढाबे, दुकानें, रेस्टोरेंट, सर्विस स्टेशन, भवन, गोदाम, अस्थायी ढांचे और अन्य निर्माण अवैध की श्रेणी में माने जाएंगे और उन्हें हटाया जाएगा। प्रशासन को यह भी निर्देश दिया गया है कि ऐसे निर्माणों की सूची तैयार कर संबंधित लोगों को पहले नोटिस दिया जाए। यदि निर्धारित समय सीमा में स्वयं हटाने की कार्रवाई नहीं की जाती है तो प्रशासन बुलडोजर एक्शन लेकर इन्हें ध्वस्त करेगा।

हाईवे विस्तार और विकास कार्यों में बाधा
Highway encroachment removal : राजस्थान में कई स्थानों पर हाईवे चौड़ीकरण (Highway Widening), सर्विस रोड निर्माण, फ्लाईओवर और अन्य विकास परियोजनाएं लंबे समय से प्रभावित हो रही थीं। इसका प्रमुख कारण हाईवे भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण थे। कई जगहों पर परियोजनाओं की लागत बढ़ी और समयसीमा भी प्रभावित हुई। कोर्ट ने इस पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अवैध कब्जों के कारण सार्वजनिक हित की परियोजनाएं अटक रही हैं, जो स्वीकार्य नहीं है।
“Safety Over Property” – कोर्ट का स्पष्ट संदेश
Rajasthan High Court highway order : हाईकोर्ट ने अपने आदेश में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा — “Safety Over Property”, यानी किसी की निजी संपत्ति से अधिक महत्वपूर्ण आम लोगों की सुरक्षा है। यदि कोई निर्माण सड़क सुरक्षा के मानकों के खिलाफ है, तो उसे हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी नगर निकाय (Municipality) या ग्राम पंचायत ने ऐसे निर्माणों को अनुमति दी है, तो वह अनुमति हाईवे नियमों के विरुद्ध होने पर स्वतः अमान्य मानी जाएगी। ऐसे निर्माणों को वैध नहीं माना जाएगा और उन्हें हटाया जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई मैदानी कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। कई जिलों में हाईवे किनारे बने ढांचों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हाईवे सीमा का सटीक मापन कर अवैध निर्माणों की पहचान करें। जल्द ही ऐसे निर्माण मालिकों को नोटिस जारी कर हटाने की समयसीमा तय की जाएगी। इसके बाद भी यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो प्रशासनिक कार्रवाई के तहत बुलडोजर चलाया जाएगा।
दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे किनारे अनियोजित होटल, ढाबे और दुकानें अचानक रुकने वाले वाहनों, अवैध पार्किंग और भीड़भाड़ का कारण बनती हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। इस कार्रवाई से सड़क सुरक्षा (Road Safety) को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
