
Rajasthan Panchayat Elections 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने एक अहम और बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में होने वाले पंच और सरपंच पद के चुनाव अब EVM के माध्यम से नहीं कराए जाएंगे। इस बार पंचायत राज चुनावों में मतदाताओं को फिर से पारंपरिक Ballot Paper के जरिए मतदान करना होगा।
चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद पंचायत चुनाव प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। आयोग ने न केवल मतपत्र से मतदान कराने का निर्णय लिया है, बल्कि Ballot Paper का रंग, आकार, डिजाइन, कॉलम की चौड़ाई, बॉर्डर लाइन और NOTA विकल्प तक के लिए विस्तृत गाइडलाइन भी जारी कर दी है, ताकि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह स्पष्ट, पारदर्शी और भ्रमरहित बनी रहे।
मतपत्र को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी
Panch Sarpanch Election Rajasthan : राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने पंचायत चुनाव 2026 के लिए मतपत्र से संबंधित सभी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इन निर्देशों के अनुसार पंच और सरपंच पद के लिए अलग-अलग रंग के मतपत्र होंगे, जिससे मतदाता आसानी से पहचान कर सकें।
- पंच पद के लिए मतपत्र का रंग गुलाबी (Pink Ballot Paper) होगा
- सरपंच पद के लिए मतपत्र सफेद (White Ballot Paper) रंग का रहेगा
इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदान के दौरान किसी भी तरह की गलती या भ्रम की संभावना को समाप्त करना है।
कॉलम की चौड़ाई और प्रत्याशियों की संख्या तय
Rajasthan Election Commission Decision : चुनाव आयोग ने मतपत्र के प्रत्येक कॉलम की चौड़ाई 4 इंच निर्धारित की है। प्रत्याशियों की संख्या के आधार पर मतपत्र में कॉलम की संख्या तय होगी।
- यदि NOTA सहित प्रत्याशी 9 तक होंगे, तो मतपत्र एक कॉलम में होगा
- 10 से 18 प्रत्याशी होने पर मतपत्र दो कॉलम में छापा जाएगा
- यदि प्रत्याशियों की संख्या 18 से अधिक होती है, तो मतपत्र तीन या उससे अधिक कॉलम में तैयार किया जाएगा
साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कॉलमों में प्रत्याशियों की संख्या यथासंभव समान रखी जाएगी, ताकि मतदाता को मतदान करते समय किसी प्रकार का कन्फ्यूजन न हो।
काली बॉर्डर लाइन और शेडेड पट्टी अनिवार्य
Panchayat Elections without EVM : मतपत्र को और अधिक सुव्यवस्थित और स्पष्ट बनाने के लिए आयोग ने कुछ अनिवार्य प्रावधान तय किए हैं।
- मतपत्र के ऊपरी और निचले हिस्से में काली बॉर्डर लाइन होना अनिवार्य होगा
- प्रत्येक प्रत्याशी के नाम के बीच 1.25 सेंटीमीटर चौड़ी शेडेड पट्टी दी जाएगी
- यदि मतपत्र दो कॉलम में होगा, तो कॉलमों के बीच 1 सेंटीमीटर चौड़ी खड़ी शेडेड लाइन रहेगी, जो पहले पैनल से अंतिम पैनल तक होगी
इन सभी व्यवस्थाओं का मकसद मतदाता को सही प्रत्याशी चुनने में पूरी मदद देना है।

हिंदी वर्णक्रम में होंगे प्रत्याशियों के नाम
Ballot Paper Voting Rajasthan : चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार मतपत्र पर सभी प्रत्याशियों के नाम हिंदी वर्णक्रम (Alphabetical Order in Hindi) में छापे जाएंगे। नाम पहले कॉलम में ऊपर से नीचे और फिर क्रमशः दूसरे व तीसरे कॉलम में अंकित किए जाएंगे।
अंतिम प्रत्याशी के बाद NOTA (None of the Above) का विकल्प देना अनिवार्य होगा। प्रत्येक प्रत्याशी और NOTA के सामने उनका निर्धारित Election Symbol भी छापा जाएगा। आयोग ने प्रतीकों के आकार को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए हैं।
- चुनाव चिह्न का आकार 3.5 सेमी × 2 सेमी से अधिक नहीं होगा
मतपत्र पर यह जानकारी होना जरूरी
मतपत्र के ऊपरी हिस्से में कुछ अनिवार्य जानकारियाँ छापी जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—
- पंचायत का नाम
- वार्ड संख्या
- निर्वाचन की विशिष्ट जानकारी
- सामान्य चुनाव या उपचुनाव का उल्लेख
- चुनाव वर्ष 2025
ये सभी विवरण देवनागरी लिपि में होंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं को पढ़ने और समझने में कोई परेशानी न हो।
जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, पंचायत राज विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन गाइडलाइंस की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही मतपत्र की छपाई से पहले उसके नमूनों का परीक्षण करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या मुद्रण संबंधी त्रुटि न रह जाए। गौरतलब है कि पिछले पंचायत चुनावों में EVM से मतदान कराया गया था, लेकिन इस बार आयोग ने मतपत्र प्रणाली को अपनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, सुगमता और मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
