
Rajasthan rooftop solar price hike : राजस्थान में बिजली बिल कम करने के लिए रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने की योजना बना रहे उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगने वाला है। प्रदेश में 1 जून 2026 से सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए स्वदेशी सोलर मॉड्यूल सेल यानी डीसीआर मॉड्यूल का उपयोग अनिवार्य किया जा रहा है। केंद्र सरकार के इस नए नियम के लागू होते ही रूफटॉप सोलर सिस्टम की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार अब नए सोलर प्रोजेक्ट्स में केवल घरेलू स्तर पर निर्मित डीसीआर मॉड्यूल ही लगाए जा सकेंगे। इसका सीधा असर आम बिजली उपभोक्ताओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों पर पड़ेगा, जो बिजली खर्च कम करने के लिए रूफटॉप सोलर का सहारा ले रहे हैं। सोलर इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों और डेवलपर्स का कहना है कि देश में डीसीआर मॉड्यूल की उपलब्धता अभी मांग के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में नए नियम लागू होने के बाद सोलर सिस्टम की लागत में 25 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। उद्योग संगठनों का दावा है कि फिलहाल देश में डीसीआर मॉड्यूल की वास्तविक उत्पादन क्षमता करीब 15 से 20 गीगावाट है, जबकि सालाना मांग लगभग 50 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर होने के कारण बाजार में डीसीआर मॉड्यूल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ेगा सीधा असर
Rajasthan solar panel new rules 2026 : अब तक पांच किलोवाट से अधिक क्षमता वाले कई रूफटॉप सोलर सिस्टम कम कीमत वाले नॉन-डीसीआर मॉड्यूल से लगाए जा रहे थे। लेकिन नए नियम के बाद यह विकल्प पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके चलते रूफटॉप सोलर सिस्टम आम लोगों के लिए पहले के मुकाबले काफी महंगा हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी होने से मध्यम वर्ग और छोटे उपभोक्ताओं के लिए सोलर सिस्टम लगवाना मुश्किल हो सकता है। इससे बिजली बिल कम करने का सपना भी प्रभावित होगा।

5 किलोवाट सिस्टम पर 65 हजार रुपए तक बढ़ेगा खर्च
Rooftop solar system cost increase : सोलर डेवलपर्स के अनुसार वर्तमान में नॉन-डीसीआर मॉड्यूल की कीमत करीब 13 से 15 रुपए प्रति वाट तक है, जबकि डीसीआर मॉड्यूल 22 रुपए प्रति वाट या उससे अधिक कीमत पर उपलब्ध हैं। इसका असर सीधे रूफटॉप सोलर सिस्टम की कुल लागत पर दिखाई देगा। पहले बिना सब्सिडी के 5 किलोवाट क्षमता वाला रूफटॉप सोलर सिस्टम करीब 2.40 लाख रुपए में लग जाता था, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद इसकी लागत बढ़कर लगभग 3.05 लाख रुपए तक पहुंच सकती है। यानी उपभोक्ताओं को करीब 65 हजार रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।
सोलर प्रोजेक्ट्स की रफ्तार थमने की आशंका
Solar panel prices increase in India : सोलर डेवलपर्स और उद्योग संगठनों ने केंद्र सरकार और ऊर्जा मंत्रालय से नए नियम को फिलहाल टालने या चरणबद्ध तरीके से लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में बाजार पूरी तरह तैयार नहीं है और अचानक नियम लागू होने से कई सोलर प्रोजेक्ट्स प्रभावित हो सकते हैं। राजस्थान सोलर एसोसिएशन के सीईओ नीतिन अग्रवाल ने कहा कि देश में स्वदेशी सोलर उपकरणों का निर्माण बढ़ाने की पहल अच्छी है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उद्योग को थोड़ा अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्दबाजी में नियम लागू किया गया तो घरों, दुकानों और उद्योगों में लगने वाले रूफटॉप सोलर सिस्टम की मांग पर बड़ा असर पड़ सकता है। Domestic solar modules new policy
बिजली बचाने की योजना पड़ सकती है महंगी
राजस्थान में बढ़ते बिजली बिलों के बीच बड़ी संख्या में लोग रूफटॉप सोलर की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन नए नियम और बढ़ती लागत के कारण अब सोलर सिस्टम लगवाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। ऐसे में आने वाले समय में आम उपभोक्ताओं पर बिजली खर्च का अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।



