
VBG Ramji Yojana : जुलाई से मनरेगा की जगह लेने वाली योजना विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी- जी- रामजी) अधिनियम में पक्के विकास कार्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में विकसित ग्राम पंचायत योजनाएं बनानी होंगी। इन्हीं योजनाओं के आधार पर ब्लॉक, जिला और फिर राज्य का प्लान बनेगा। इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके लिए प्रत्येक राज्य सरकार के पास छह महीने का समय रहेगा। प्रदेश में इसकी पूर्व तैयारियां मार्च से चल रही है।
What is the VB-G RAM G Bill : 15 मई तक मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान में सभी ग्राम पंचायतों में विकसित भारत 2047 के अनुरूप मास्टर प्लान बन रहे हैं। वीबी जी रामजी में केवल मजदूरी आधारित रोजगार नहीं रहेगा। बल्कि आजीविका और संपति निर्माण के रूप में एक मॉडल विकसित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण तथा क्रियान्वयन में अधिकार दिए गए हैं। विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं की तैयारी के माध्यम से ग्राम पंचायतें स्वयं अपने विकास की दिशा निर्धारित करेंगी। ग्राम पंचायतें ग्राम सभाओं के माध्यम से गांव की जरूरतों के आधार पर ऐसे कार्यों की पहचान करेंगी। इसके बाद पंचायत समिति स्तर, जिला स्तर और राज्य स्तर पर प्लान के लिए बजट मिलेगा। विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के माध्यम से तय गए काम मूलरूप से पंचायतों के बुनियादी ढांचे से जुड़े होने जरूरी है। इनमें सड़कें, सार्वजनिक भवन, स्कूल, आंगनवाड़ी, शौचालय, डंपिंग यार्ड, सोलर एनर्जी, पीएम आवास, टांके, बाजार या दुकानों का निर्माण, अनाज भंडारण के गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, कौशल विकास केंद्र, वर्मी कंपोस्ट इकाइयां, तालाब, बांध, बाढ़-सूखा बचाव के काम, भूजल रिचार्ज सिस्टम निर्माण व मरम्मत, केंद्र सरकार की योजनाओं से जुड़े काम, सिंचाई और पौधरोपण जैसे कई काम शामिल किए गए हैं। पंचायतों के मास्टर प्लान तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहले चरण के रूप में वर्ष 2030 तक की अल्पकालीन योजना, इसके पश्चात वर्ष 2035 तक की मध्यकालीन योजना और तीसरे चरण में वर्ष 2047 तक की दीर्घकालीन योजना के जरिए आत्मनिर्भर पंचायत बनाएंगे।

राज्य साल भर में दो महीने अवकाश रख सकेंगे
Viksit Bharat ji Ram Ji yojana : मानसून, फसल बुआई और कटाई के पीक सीजन या संबंधित राज्य की आवश्कताओं के अनुसार एक साल में 60 दिन तक की अवधि में बी जी राम जी अधिनियम के तहत काम नहीं होंगे। इस दौरान किसान व ग्रामीण खेती बाड़ी में व्यस्त रहेंगे। राज्यों को यह छूट दी जाएगी कि वे एक वित्तीय वर्ष में 60 दिनों तक की अवधि को अवकाश श्रेणी में रख सकें। इससे श्रमिकों के 125 दिनों के रोजगार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्हें बाकी दिनों में काम दिया जाएगा।
मनरेगा और नई योजना में क्या फर्क होगा?
G RAM G yojana kab shuru hui : अब तक मनरेगा योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराना था। इसमें ज्यादातर अस्थायी और श्रम आधारित कार्यों पर फोकस रहता था। वहीं नई योजना ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी-जी रामजी)’ में गांवों के स्थायी विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। नई योजना के तहत केवल रोजगार देना ही लक्ष्य नहीं होगा, बल्कि गांवों में ऐसी स्थायी संपत्तियां तैयार की जाएंगी, जिनसे लंबे समय तक ग्रामीणों को फायदा मिल सके। इसमें सड़क, सार्वजनिक भवन, स्कूल, आंगनवाड़ी, सोलर एनर्जी, जल संरक्षण, सिंचाई, कोल्ड स्टोरेज और कौशल विकास केंद्र जैसे विकास कार्य शामिल किए जाएंगे। मनरेगा में योजनाएं मुख्य रूप से प्रशासनिक स्तर पर तय होती थीं, लेकिन नई व्यवस्था में ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं को ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे। पंचायतें गांव की जरूरतों के अनुसार खुद विकास योजनाएं तैयार करेंगी और 2030, 2035 व 2047 तक का मास्टर प्लान बनाएंगी। इसके अलावा नई योजना में रोजगार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने, आत्मनिर्भर गांव विकसित करने और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।



