
Rajasthan Weather Today : राजस्थान में सर्दी ने इस बार रिकॉर्ड तोड़ असर दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार सुबह भी प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा (Dense Fog) छाया रहा, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शेखावाटी अंचल के सीकर जिले के पलसाना क्षेत्र में हालात इतने गंभीर रहे कि फसलों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं। कई स्थानों पर ठंड से कंपकंपी छूटती नजर आई। मौसम विभाग ने रविवार के लिए राजस्थान के 14 जिलों में Cold Wave और Dense Fog का Alert जारी किया है। इनमें से 5 जिलों में शीतलहर और 9 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। हालात यह रहे कि शनिवार को प्रदेश के सिर्फ तीन शहरों को छोड़कर बाकी सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया।
माउंट आबू में दूसरे दिन भी शून्य डिग्री तापमान
Rajasthan Cold Wave Alert : प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू (सिरोही) में लगातार दूसरे दिन न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां खुले में रखी पानी की बोतलें जम गईं और पर्यटकों को भारी ठंड का सामना करना पड़ा। वहीं, सीकर जिले के पलसाना में रविवार को न्यूनतम तापमान माइनस 0.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो इस सीजन का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। शेखावाटी और जयपुर संभाग के जिलों में उत्तर दिशा से चल रही बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन और गलन और ज्यादा बढ़ गई है। सुबह और रात के समय सर्दी का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

एक सप्ताह तक सर्दी से राहत के आसार नहीं
Rajasthan Dense Fog News : मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह तक राजस्थान में तेज सर्दी, शीतलहर और कोहरा बने रहने की संभावना है। सुबह के समय कई जिलों में विजिबिलिटी (Visibility) बेहद कम रहने का अनुमान है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।
सीकर के पलसाना में पाला, फसलों पर संकट
Rajasthan Weather Forecast : सीकर जिले के पलसाना क्षेत्र में रविवार सुबह तापमान माइनस में पहुंचने के कारण खेतों में पाला जम गया। फसलों पर ओस की बूंदें बर्फ में बदल गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल को नुकसान से बचाने के लिए कई किसानों ने अपनी फसलों को प्लास्टिक शीट और कपड़े से ढक दिया।
कोटा में घना कोहरा, विजिबिलिटी सिर्फ 100 मीटर
IMD Rajasthan Weather : कोटा शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। इस सर्दी के सीजन में पहली बार इतना घना कोहरा देखने को मिला। शहर में विजिबिलिटी घटकर 100 से 150 मीटर तक रह गई। हाईवे पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। ठंडी हवाओं के कारण ठंड और अधिक बढ़ गई है।
6 दिन बाद अलवर में निकला सूरज, फिर भी ठंड बरकरार
अलवर जिले में लगातार 6 दिनों के बाद रविवार सुबह सूरज के दर्शन हुए, लेकिन ठंड से राहत नहीं मिली। जिले में हल्के बादल छाए रहे और ठिठुरन बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक यहां शीतलहर का असर जारी रहेगा। अलवर में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
माउंट आबू के बाद फतेहपुर रहा सबसे ठंडा
पिछले 24 घंटों के मौसम पर नजर डालें तो उत्तर-पूर्वी और उत्तर-दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों—जयपुर, भरतपुर, बीकानेर, कोटा और अजमेर के कुछ हिस्सों—में घना कोहरा और Cold Wave का असर देखा गया। माउंट आबू के बाद फतेहपुर (सीकर) प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 2.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फतेहपुर, सीकर और अलवर के ग्रामीण क्षेत्रों में पाला पड़ने की शुरुआत हो चुकी है।
अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4 डिग्री नीचे
शीतलहर और कोहरे के कारण धूप का असर लगभग खत्म हो गया है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया। दिन में सबसे अधिक ठंड पिलानी (झुंझुनूं) में रही, जहां अधिकतम तापमान सिर्फ 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
अन्य प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान इस प्रकार रहा—
जयपुर और सीकर: 18°C,
श्रीगंगानगर: 18.2°C,
कोटा: 17.6°C,
अलवर: 18.5°C,
अजमेर: 18.2°C,
चूरू: 16.9°C,
झुंझुनूं: 16°C,
सिरोही: 17.4°C,
उदयपुर: 20.9°C।
Cold Day की भी आशंका
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आने वाले दिनों में राज्य का मौसम शुष्क (Dry Weather) रहेगा। अगले 2–3 दिनों तक कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, जबकि कुछ शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 5 डिग्री कम रहने के कारण Cold Day (शीत दिवस) की स्थिति भी बन सकती है।
कब मिलेगी सर्दी से राहत?
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल अगले एक सप्ताह तक राजस्थानवासियों को कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। लोगों को सतर्क रहने, सुबह-शाम अनावश्यक यात्रा से बचने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
