
राजसमंद। Rajsakhi Mela Rajsamand : महिलाओं की अटूट इच्छाशक्ति, अथक परिश्रम और आत्मविश्वास का अनुपम उत्सव बने राजीविका के “राजसखी मेले” का भव्य समापन शनिवार, 28 तारीख को द्वारकेश वाटिका में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। 22 तारीख को प्रारंभ हुआ यह मेला सात दिनों तक उत्साह, उमंग और आत्मनिर्भरता की प्रेरक गाथा लिखता रहा। मेले के दौरान शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर खरीदारी की और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को हाथों-हाथ लिया। प्रत्येक स्टॉल पर उमड़ी भीड़ इस बात की साक्षी बनी कि अब समाज स्थानीय उत्पादों और महिला श्रम को सम्मानपूर्वक स्वीकार कर रहा है।
Women Self Help Group Exhibition Rajasthan : समापन समारोह में प्रमुख उद्योगपति, मिराज समूह के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मदन पालीवाल, जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा तथा पूर्व जिला प्रमुख रतनी देवी जाट सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. सुमन अजमेरा ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया तथा मंच से मेले के दौरान विभिन्न स्वयं सहायता समूहों को हुई आय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। जब यह बताया गया कि किस प्रकार महिलाओं ने अपने श्रम, कौशल और समर्पण से उल्लेखनीय आय अर्जित की, तो उपस्थित महिलाओं की आँखों में आत्मगौरव और आत्मविश्वास की चमक स्पष्ट दिखाई दी।

मदन पालीवाल ने अपने जीवन अनुभवों को किया साझा

Rajivika Women Empowerment Program : अपने संबोधन में उद्योगपति मदन पालीवाल ने अपने जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यदि महिलाएँ ठान लें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला नहीं, बल्कि समाज की प्रगति की धुरी है। उनके प्रेरक शब्दों ने उपस्थित महिलाओं के भीतर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित विविध उत्पादों की सराहना करते हुए अनेक उत्पाद क्रय किए और महिलाओं को आशीर्वाद दिया। साथ ही मिराज समूह के विक्रय केंद्रों में स्थान उपलब्ध कराने तथा विश्वास स्वरूपम परिसर में भी स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए स्टॉल प्रदान करने का आश्वासन दिया, जिससे महिलाओं के सपनों को नई उड़ान मिली।
जिला कलक्टर ने प्रस्तुत की कविता

Women Empowerment Event Rajsamand : जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने इस अवसर पर नारी महिमा को समर्पित एक भावपूर्ण कविता प्रस्तुत की। पहली बार जिला कलक्टर की काव्य प्रस्तुति सुनकर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने राजीविका की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं और यह मेला उन प्रयासों का सशक्त उदाहरण है।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा ने कहा कि जिला प्रशासन महिलाओं के सर्वांगीण विकास और कल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। पूर्व जिला प्रमुख रत्नी देवी जाट ने सफल आयोजन के लिए सभी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह मेला केवल व्यापार का मंच नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का उत्सव है।
स्टॉल का अवलोकन

Self Help Group Women Success Story : समापन से पूर्व अतिथियों ने प्रत्येक स्टॉल का अवलोकन किया। हस्तशिल्प, मसाले, खाद्य सामग्री, परिधान, सजावटी वस्तुएँ तथा घरेलू उपयोग की विविध वस्तुओं ने सभी को आकर्षित किया। यह केवल उत्पाद नहीं थे, बल्कि उन सपनों की अभिव्यक्ति थे जो कभी घर की चौखट तक सीमित थे और आज खुले आकाश में अपनी पहचान बना रहे हैं।
खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन

मेले के दौरान आयोजित विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं की विजेता महिलाओं को उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों का प्रायोजन भारतीय स्टेट बैंक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में ब्रांड एंबेसेडर सरिता कंवर ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राजसखी मेला महिलाओं की आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच बन चुका है।
समापन नहीं, एक नई शुरूआत

राजसखी मेला केवल सात दिनों का आयोजन नहीं था, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की सशक्त कहानी है। यह मेला इस बात की जीवंत मिसाल है कि जब महिलाओं को अवसर, मंच और विश्वास मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करती हैं, बल्कि पूरे समाज की दिशा और दशा बदलने की क्षमता रखती हैं। अंत में एसीईओ अजमेरा ने कहा कि यह समापन नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है — उस भविष्य की, जहाँ हर नारी आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बनकर आगे बढ़ेगी।
ये रहे मौजुद

कार्यक्रम में राजीविका कार्मिक संघ प्रदेश अध्यक्ष अमित जोशी, जिला प्रबंधक भेरूलाल बुनकर, मनीष मेवाड़ा, कमल मारू, जिला तकनीकी समन्वयक मुकेश नवल, जिला संसाधन केंद्र प्रभारी प्रीति लोधा, जिला लेखाकार हेमंत छिपा, युवा पेशेवर गैर कृषि दीपक चौधरी, कोषाध्यक्ष रविशंकर, दीपशिखा, प्रीति, डाली, भारती सहित विभिन्न ब्लॉकों के परियोजना प्रबंधक— मंजू चौहान, प्रेमनाथ, पुष्पा गायरी, तनवीर आलम, श्यामलाल तेली, अजय माली, राजस्थान महिला निधि प्रतिनिधि रणजीत नागर, समस्त क्षेत्र समन्वयक, प्रबंधन सूचना प्रणाली सहायक, ब्लॉक तकनीकी समन्वयक, महिला निधि स्टाफ, समस्त सामुदायिक स्तरीय महासंघ स्टाफ एवं मेला समन्वय समिति के सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त राजीविका का संपूर्ण स्टाफ कार्यक्रम में मौजूद रहा। संचालन जिला प्रबंधक भेरूलाल बुनकर एवं भावना पालीवाल द्वारा किया गया।



