
राजसमंद : Rajsamand ACB bribery case : जीएसटी के करोड़ों रुपए के नोटिस से परेशान व्यापारी और विभागीय अधिकारी के बीच चाचा-भतीजा दलाल कड़ी का काम कर रहे थे। 3.12 करोड़ रुपए के शो कॉज नोटिस को कम कराने के नाम पर 60 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। पीड़ित से बातचीत और अधिकारी से संपर्क कराने में केलवा निवासी अनिल पारीक की भूमिका सामने आई। एसीबी ने मंगलवार को 25 लाख रुपए की पहली किस्त लेते अनिल और उसके भतीजे सुशीलकुमार पारीक को गिरफ्तार कर लिया।
Rajsamand ACB trap latest news : एसीबी के अनुसार पीड़ित के पिता-पुत्र के नाम से संचालित तीन फर्मों को सीजीएसटी विभाग की ओर से 3 करोड़ 12 लाख रुपए का शो कॉज नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की रकम कम कराने के लिए पीड़ित का संपर्क केलवा स्थित नायरा पेट्रोल पंप संचालक अनिल पारीक से हुआ। आरोप है कि अनिल ने सीजीएसटी उदयपुर के सुपरिटेंडेंट सांवलराम से फोन पर बात कराई और मामले को निपटाने के लिए 60 लाख रुपए की मांग रखी। रिश्वत की मांग से परेशान पीड़ित ने एसीबी राजसमंद में शिकायत की। 27 सितंबर को शिकायत का सत्यापन कराया गया। इसी दौरान अनिल ने मोबाइल को लाउडस्पीकर पर रखकर पीड़ित की अधिकारी से बात कराई। बातचीत में रिश्वत की रकम को लेकर हुई चर्चा एसीबी के मोबाइल रिकॉर्डर में दर्ज हो गई। सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप की तैयारी की। मंगलवार को पीड़ित को 25 लाख की रकम लेकर भेजा गया। अनिल ने खुद केलवा में होने की बात कहते हुए रकम अपने भतीजे सुशीलकुमार के 100 फीट रोड स्थित अपोलो टायर शोरूम पर देने को कहा। इसके बाद एसीबी ने दो टीमों को अलग-अलग स्थानों पर लगाया। रिश्वत मामले की जांच के दौरान एसीबी ने उदयपुर में पदस्थापित सीजीएसटी सुपरिटेंडेंट सांवलराम के आवास पर तलाशी ली। टीम को घर से 17.30 लाख रुपए नकद मिले। इसके अलावा करीब 17.50 लाख रुपए के सोने और 75 हजार रुपए के चांदी के जेवरात बरामद किए गए।

2 लाख असली, 23 लाख डमी नोट लेकर पहुंचा पीड़ित
Rajsamand GST bribery case : ट्रैप के दौरान पीड़ित ने 25 लाख रुपए सौंपे। इनमें 2 लाख रुपए असली और 23 लाख रुपए के डमी नोट थे । इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने शोरूम से सुशीलकुमार को पकड़ लिया। दूसरी टीम ने केलवा में कार्रवाई कर अनिल पारीक को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। इधर, मामले में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) उदयपुर के सुपरिंटेंडेंट सांवलराम की भूमिका सामने आने के बाद झालावाड़ एसीबी टीम ने उसे कोटा के सुकेत से डिटेन किया।
पेट्रोल पंप से टायर शोरूम तक बना था नेटवर्क
CGST Udaipur superintendent bribery case : मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी रिश्ते में चाचा-भतीजा हैं। अनिल पारीक केलवा में नायरा पेट्रोल पंप संचालित करता है, जबकि सुशीलकुमार पारीक 100 फीट रोड पर अपोलो टायर शोरूम चलाता है। एसीबी की कार्रवाई ने जीएसटी नोटिस के निपटारे के नाम पर बिचौलियों के जरिए रकम तय किए जाने के आरोपों की जांच का रास्ता खोल दिया है। अब जांच का फोकस अधिकारी और दोनों दलालों के बीच संपर्क, पूर्व लेन-देन और ऐसे अन्य मामलों पर रहेगा। Rajsamand ACB raid
रिश्वत मांगे तो तत्काल करें शिकायत
केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार के किसी भी सरकारी कार्यालय में जायज कार्य की एवज में कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत की मांग करता है, तो मोबाइल नंबर 94135-02834 पर कॉल की जा सकती है। इसके अलावा 1064 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह कंट्रोल रूम जयपुर में कॉल जाती है। फिर व्यक्ति जिस जिले की एसीबी टीम से चाहेगा, वहां की टीम से कार्रवाई करवा सकता है। शिकायकर्ता चाहे तो उसका नाम गोपनीय भी रखा जा सकता है।



