
Rajsamand Collector meeting : राजसमंद जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मैराथन जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ जनकल्याणकारी योजनाओं, जवाबदेही व्यवस्था और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
IAS Arun Kumar Hasija latest news बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर नरेश बुनकर, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा सहित जिले के सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा राजसमंद, कुंभलगढ़, भीम, आमेट, रेलमगरा और देवगढ़ के उपखंड अधिकारी तथा सभी पंचायत समितियों के विकास अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक के दौरान जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा ने अधिकारियों को संवेदनशील और प्रेरणादायी संदेश देते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल नियमों और विभागीय प्रक्रियाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार लोग अपनी परेशानी लेकर सरकारी कार्यालयों में आते हैं, लेकिन उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि मामला किसी अन्य विभाग का है। जबकि आमजन को विभागों की सीमाओं से कोई मतलब नहीं होता, उन्हें अपनी समस्या का समाधान चाहिए। कलक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी अधिकारी “ज्ञान नहीं, समाधान” की कार्यशैली अपनाएं और हर परिस्थिति में राहत, संवेदनशीलता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उनके इस संदेश ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को प्रशासन और जनसेवा के मूल उद्देश्य की याद दिलाई।
समाचारों पर त्वरित कार्रवाई के लिए शुरू हुआ आरएनएमएस पोर्टल

RNMS portal Rajsamand : बैठक में जिला प्रशासन और एनआईसी द्वारा विकसित “रिफॉर्मेटिव न्यूज मॉनिटरिंग सिस्टम” (आरएनएमएस) पोर्टल की भी विस्तृत समीक्षा की गई। यह पोर्टल समाचारों की निगरानी, विभागीय जवाबदेही तय करने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। एनआईसी के डीआईओ मिलिंद शर्मा ने अधिकारियों को पोर्टल का प्रशिक्षण देते हुए बताया कि समाचारों पर कार्रवाई के बाद रिपोर्ट किस प्रकार अपलोड की जाएगी। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि मीडिया में प्रकाशित हर समाचार को गंभीरता से लिया जाए और उस पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से सकारात्मक और सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की भी अपील की।
वंदे गंगा अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर
Rajsamand administration meeting : बैठक में राज्य सरकार द्वारा 25 मई से 5 जून तक चलाए जाने वाले “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” की भी गहन समीक्षा की गई। जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा ने अभियान से जुड़े विभागों की जिम्मेदारियों की जानकारी दी। जिला कलक्टर ने कहा कि यह केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जल संरक्षण को लेकर सामाजिक चेतना जगाने का महाअभियान है। उन्होंने निर्देश दिए कि गंगा दशहरा के अवसर पर प्रत्येक गांव में जल स्रोतों का पूजन करवाया जाए। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से घर-घर जाकर पीले चावल देकर लोगों को आमंत्रित किया जाए।

जल संरक्षण और स्वच्छता गतिविधियों पर विशेष फोकस
Water conservation campaign Rajasthan : कलक्टर ने निर्देश दिए कि जल संग्रहण संरचनाओं पर जल पूजन, कलश यात्रा, स्वच्छता अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा निर्मित और प्रस्तावित जल संरचनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया जाए। उन्होंने भामाशाहों और उद्यमियों के सहयोग से पक्षियों के लिए परिण्डे बांधने और तुलसी के पौधों का वितरण करने के निर्देश दिए। अमृत सरोवर, तालाब, बावड़ियों और पारंपरिक जल स्रोतों की सफाई कर वहां से एकल उपयोग प्लास्टिक और जलकुंभी हटाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
मिशन मोड में होंगे सफाई और मरम्मत कार्य
जिला कलक्टर ने ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर के राजकीय परिसरों में साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण, पेयजल टंकियों की सफाई, खराब हैंडपंपों और पेयजल लाइनों की मरम्मत तथा बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की छंटाई जैसे कार्य मिशन मोड में करने को कहा। इसके साथ ही “मिशन हरियालो राजस्थान” के तहत पौधारोपण के लिए गड्ढे तैयार करवाने और जल संरक्षण कार्यों को स्वीकृत करवाने के निर्देश भी दिए गए। कलक्टर ने किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया।
धरती आबा और आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा
बैठक में धरती आबा अभियान और आदि कर्मयोगी अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं और अभियानों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता तभी संभव है, जब उसमें जनभागीदारी, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का समावेश हो।



