
Rajsamand measles case news : उदयपुर के एमबी अस्पताल में 1 से 5 मई के बीच राजसमंद जिले के दो मासूम बच्चों की मौत का मामला सामने आया है। इनमें एक 18 महीने की बच्ची की मौत संभावित मिजल्स से जुड़ी जटिलताओं के कारण हुई, जबकि साढ़े तीन महीने की दूधमुंही बच्ची ने मल्टीपल ऑर्गन फेल होने से दम तोड़ दिया। दोनों मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।
जानकारी के अनुसार राज्यावास निवासी 18 महीने की बच्ची को तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ के बाद 1 मई को आरके अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे उदयपुर रेफर किया गया। बच्ची को उदयपुर एमबी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान 3 मई को उसकी मौत हो गई। अस्पताल की डेथ समरी में पोस्ट मिजल्स निमोनिया, सेप्टीसीमिया और रेस्पिरेटरी फेल्योर का उल्लेख किया गया है। प्रारंभिक तौर पर बच्ची की मौत का कारण संभावित मिजल्स माना जा रहा है। इसी दौरान जिले की एक साढ़े तीन महीने की दूधमुंही बच्ची की भी 5 मई को उदयपुर एमबी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची के शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिससे उसकी स्थिति लगातार गंभीर बनी रही। उपचार के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। चिकित्सा विभाग दोनों मामलों की जानकारी जुटाने में लगा हुआ है।
बुखार आया और फुंसियां निकली
measles child death Rajasthan : जानकारी के अनुसार राज्यावास निवासी मृतका गुणवंती के दादा भंवरलाल ने बताया कि वे पाली जिले के नाडोल में मजदूरी का काम करते हैं। 19 अप्रैल को वे राज्यावास अपने पैतृक गांव आए थे। 20 अप्रैल को मावली में एक शादी समारोह में गए। शादी से लौटने के बाद बच्ची को बुखार आया और शरीर पर छोटी-छोटी फुंसियां निकलने लगीं। 27 अप्रैल को बच्ची को राजसमंद के आरके अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर कर दिया गया। उदयपुर एमबी अस्पताल में उपचार के दौरान 3 मई को बच्ची ने दम तोड़ दिया। एमबी अस्पताल से रिपोर्ट राजसमंद सीएमएचओ कार्यालय पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर भेजी गई।
मॉनिटरिंग : सर्वे में सामान्य सर्दी-खांसी के लक्षण मिले
Rajsamand health department alert ; जिले में 18 माह की बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। राज्यावास निवासी बच्ची अपने परिजनों के साथ उदयपुर जिले के मावली क्षेत्र गई हुई थी। वहां 23 अप्रैल को उसके शरीर पर रैशेज दिखाई दिए और सांस लेने में तकलीफ शुरू हुई। अगले दिन उसे फिर बुखार आया। 27 अप्रैल को दौरे आने पर पहले उसे आरके चिकित्सालय, राजसमंद ले जाया गया, बाद में उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय रेफर किया गया। उपचार के दौरान 3 मई की रात करीब 11 बजे बच्ची की मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में सर्वे शुरू किया। जिला स्तर की टीम और एपिडेमियोलॉजिस्ट मौके पर पहुंचे। मेडिकल टीमों ने कुल 35 घरों और आसपास के 12 मकानों का सर्वे किया। सर्वे के दौरान दो बच्चों में सामान्य सर्दी-खांसी के लक्षण मिले, जिन्हें एमोक्सीसिलिन और नेजल सलाइन ड्रॉप्स देकर उपचार शुरू कराया गया। दो बच्चों में डायरिया मिलने पर उन्हें ओआरएस और जिंक दिया गया। एक अन्य बच्चे को हल्का बुखार मिला, जिसे पीसीएम सिरप दिया गया। सभी बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

मिजल्स का कोई अन्य मरीज नहीं
“MB hospital Udaipur child death : बच्ची का परिवार नाडोल में रहता है और शादी में अपने पैतृक गांव आया हुआ था। संभावित मिजल्स को लेकर आरसीएचओ सहित अन्य टीमों को मौके पर भेजा गया। टीकाकरण की जानकारी ली गई और जो बच्चे बीमार पाए गए, उनका उपचार किया गया। फिलहाल मिजल्स का कोई अन्य मरीज सामने नहीं आया है, फिर भी हमारी टीम लगातार निगरानी कर रही है।
डॉ. हेमंत बिंदल, सीएमएचओ राजसमंद
संक्रामक वायरल बीमारी है मिजल्स
possible measles infection news : मिजल्स एक संक्रामक वायरल बीमारी है जो तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे में फैलती है। यह खांसी, छींक और संपर्क से फैलती है। इसके लक्षण में तेज बुखार, खांसी-जुकाम, आंखों में लालपन, शरीर पर लाल दाने होना शामिल है। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होता है। समय पर एमएमआर वैक्सीन लगवाना तथा संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखना, साफ-सफाई और हाथ धोना, भीड़ से बचना और इम्युनिटी मजबूत रखकर बचाव संभव है।



