
Rajasthan Panchayat Elections : राजस्थान में प्रस्तावित पंचायत और शहरी निकाय चुनावों (Panchayat–Nikay Elections) को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियों की रफ्तार बढ़ा दी है। निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोग ने एक अहम प्रशासनिक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत गृह क्षेत्र में तैनात अधिकारियों और एक ही स्थान पर लंबे समय से पदस्थ अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने साफ किया है कि जिन अधिकारियों की पोस्टिंग अपने गृह जिले या गृह निकाय क्षेत्र में है, उन्हें अनिवार्य रूप से वहां से हटाया जाएगा। इसके साथ ही, जो अधिकारी या कर्मचारी एक ही जगह तीन साल से अधिक समय से कार्यरत हैं, उनका भी स्थानांतरण किया जाएगा।
28 फरवरी तक पूरे करने होंगे तबादले
Rajasthan Municipal Elections Update : आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि सभी संबंधित तबादले 28 फरवरी 2026 तक पूरे कर लिए जाएं। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही ट्रांसफर पर पूरी तरह रोक (Transfer Ban) लागू कर दी जाएगी। आयोग का मानना है कि चुनाव के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जैसे ही चुनाव कार्यक्रम (Election Schedule) की आधिकारिक घोषणा होगी, तब से लेकर पूरी चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने तक किसी भी प्रकार के तबादले नहीं किए जा सकेंगे।
गृह जिले से हटाए जाएंगे वरिष्ठ अधिकारी
राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद कई अहम पदों पर तैनात अधिकारियों को उनके गृह जिलों से हटाया जाएगा। इनमें संभागीय आयुक्त (Divisional Commissioner), पुलिस महानिरीक्षक (IG), जिला कलेक्टर (Collector), पुलिस अधीक्षक (SP), अतिरिक्त जिला कलेक्टर (Additional Collector), तहसीलदार, पुलिस के वृत्ताधिकारी (Circle Officer) से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP) तक शामिल हैं।
इसके अलावा जयपुर और जोधपुर जैसे बड़े शहरों में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) से लेकर पुलिस आयुक्त (Commissioner) तक को भी उनके गृह जिले से बाहर पोस्ट किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह के स्थानीय प्रभाव या हितों के टकराव से बचा जा सके।

निकाय और पंचायत स्तर पर भी लागू होंगे निर्देश
State Election Commission Rajasthan : आयोग ने नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका में कार्यरत कर्मचारियों पर भी यह आदेश लागू किया है। पुलिस, नायब तहसीलदार और पुलिस उपनिरीक्षकों को उनके गृह निकाय क्षेत्र से हटाया जाएगा। वहीं, पंचायत समिति स्तर पर कार्यरत बीडीओ (BDO), थानाधिकारी (SHO), नायब तहसीलदार और पुलिस उपनिरीक्षक को उनके स्वयं के पंचायत समिति क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाएगा।
इसके साथ ही तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को भी हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश की प्रभावी अवधि 30 अप्रैल 2026 तक रहेगी।
बिना अनुमति तबादलों पर सख्त पाबंदी
Rajasthan Panchayat Chunav Kab Honge : राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एसडीएम (SDM), तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य चुनाव से जुड़े अधिकारियों का मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तक बिना आयोग की अनुमति तबादला नहीं किया जा सकेगा। दरअसल, केन्द्रीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) कार्यक्रम के तहत 14 फरवरी को मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाना है। इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर पहले से ही रोक लगी हुई है।
14 से 28 फरवरी के बीच ही मिलेगी सीमित छूट
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्वाचन से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले केवल 14 फरवरी से 28 फरवरी के बीच ही किए जा सकेंगे। इसके बाद किसी भी तरह की प्रशासनिक अदला-बदली की अनुमति नहीं होगी।
निष्पक्ष चुनाव की दिशा में बड़ा कदम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य निर्वाचन आयोग का यह आदेश आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। गृह क्षेत्र में तैनात अधिकारियों को हटाने से स्थानीय दबाव, राजनीतिक प्रभाव और पक्षपात की संभावनाएं कम होंगी।



