
चित्तौड़गढ़। Gautam Dak Viral Audio : राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक एक वायरल ऑडियो और पुलिस से कथित अभद्र व्यवहार के मामले को लेकर विवादों में घिर गए हैं। डूंगला थाना पुलिस ने मंत्री सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।वहीं, मंत्री गौतम दक ने वायरल ऑडियो को पूरी तरह से खारिज करते हुए दावा किया है कि तकनीक का दुरुपयोग कर ऑडियो को एडिट किया गया है और उसका उनसे कोई संबंध नहीं है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऑडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था। ऑडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया और इसके बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। डूंगला थाना पुलिस की Gautam Dak Viral Audio ओर से दर्ज रिपोर्ट के आधार पर अब मामले की जांच की जा रही है। थानाधिकारी शैतान सिंह द्वारा दर्ज करवाई गई रिपोर्ट के अनुसार, 25 मई को एक दर्ज प्रकरण की जांच के सिलसिले में धनराज खारोल नामक व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। जांच अधिकारी ने उससे उसके अन्य परिजनों को भी जांच में शामिल होने के लिए उपस्थित करने को कहा। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान धनराज ने अपने प्रभाव का हवाला देते हुए थाने से ही ईडरा के पूर्व सरपंच चंद्रशेखर शर्मा को फोन किया। इसके बाद कथित रूप से कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण को फोन कर दबाव बनाने का प्रयास किया गया।

मंत्री का नाम लेकर बनाई गई दबाव की स्थिति
Gautam Dak Controversy : पुलिस रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कुछ समय बाद सहकारिता मंत्री गौतम दक का फोन थानाधिकारी के पास आया। रिपोर्ट के अनुसार मंत्री ने थाने के मुख्य द्वार पर आने को कहा और वहां पहुंचने के बाद कुछ पुलिसकर्मियों को अपने सामने बुलाने की मांग की।थानाधिकारी के अनुसार उन्होंने मंत्री को कार्यालय में बैठकर बातचीत करने का आग्रह किया, लेकिन कथित तौर पर मंत्री ने बाहर ही चर्चा करने पर जोर दिया।
पुलिसकर्मियों से कथित गाली-गलौज का आरोप
Rajasthan Cooperative Minister News : रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि जैसे ही संबंधित पुलिसकर्मी बाहर पहुंचे, उनके साथ सार्वजनिक रूप से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों को अपमानित किया गया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया।इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
मारपीट के प्रयास और धमकी के आरोप
Gautam Kumar Dak FIR : थानाधिकारी द्वारा दर्ज रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिसकर्मियों को डराने-धमकाने तथा उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक पुलिसकर्मी के पूर्व ट्रांसफर का जिक्र करते हुए कथित तौर पर उसे धमकाया गया। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
मानसिक तनाव में आने का दावा
Gautam Dak Latest Update : थानाधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि अपने पूरे सेवाकाल में उन्होंने इस प्रकार की घटना का सामना कभी नहीं किया। शिकायत के अनुसार, घटनाक्रम से वे मानसिक रूप से आहत हुए और तनाव की स्थिति में आ गए। इसके बाद 27 मई को उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दी और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
मंत्री गौतम दक ने ऑडियो को बताया फर्जी
दूसरी ओर सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वायरल ऑडियो से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर ऑडियो को एडिट किया गया है। मंत्री ने कहा कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से यह सामग्री प्रसारित की गई है और सत्य सामने आने पर पूरा मामला स्पष्ट हो जाएगा।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वायरल ऑडियो की सत्यता, घटनाक्रम और दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल ऑडियो और आरोपों में कितनी सच्चाई है। इस मामले ने प्रदेश की राजनीति और पुलिस प्रशासन दोनों में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई और निष्कर्ष पर टिकी हुई है।



