
रेलमगरा। international womens day : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गायत्री सेवा संस्थान और इम्पैक्ट गुरुग्राम द्वारा संचालित निःशुल्क बालिका शिक्षा कार्यक्रम से जुड़ी महिलाओं के लिए एक विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं, शिक्षिकाओं और बालिकाओं ने उत्साह, उमंग और पूरे जोश के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के योगदान को सम्मान देना और बालिका शिक्षा के महत्व को रेखांकित करना था। इस अवसर पर उपस्थित सभी महिलाओं का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें गुड़ खिलाकर उनके सुखद, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शैलेन्द्र पंडिया ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षित बालिका ही सशक्त नारी बनती है और सशक्त नारी ही मजबूत समाज की नींव रखती है। उन्होंने कहा कि जब बालिकाओं को शिक्षा के समान अवसर मिलते हैं, तो वे केवल अपने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। साथ ही उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में महिलाओं और बालिकाओं के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह ने कार्यक्रम को और प्रेरणादायक बना दिया। उपस्थित लोगों ने महिलाओं के योगदान की सराहना की और उनके कार्यों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
इस अवसर पर कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रेरक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया और महिला सशक्तिकरण का प्रभावी संदेश दिया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित भी किया गया। इससे बालिकाओं में आत्मविश्वास और उत्साह का संचार हुआ।
बालिका शिक्षा समाज विकास की आधारशिला
इम्पैक्ट गुरुग्राम की प्रोजेक्ट ऑफिसर गिरिजा सुथार ने अपने संबोधन में कहा कि बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जब एक बालिका शिक्षित होती है, तो वह पूरे परिवार को शिक्षित और जागरूक बनाती है।उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से आह्वान किया कि वह बालिकाओं को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने में अपनी जिम्मेदारी निभाए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे। कार्यक्रम के अंत में गायत्री सेवा संस्थान के परियोजना समन्वयक ने महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना की। साथ ही समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम ने दिया सशक्त संदेश
इस आयोजन ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब महिलाएं शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तभी समाज का समग्र और सतत विकास संभव हो सकेगा। कार्यक्रम में गिरिजा सुथार, योगिता जाट, वर्षा त्रिवेदी, सीता सालवी, ममता जाट, ममता शर्मा, मंजू कुमावत, सुनीता वैष्णव, संगीता वैष्णव, अशोक कुमावत और निकेश तिवारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।



