
Bhairaram Siyol viral video : राजस्थान की राजनीति में अपने बेबाक और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले ओसियां विधायक भैराराम सियोल एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। जोधपुर में आयोजित एक धार्मिक जागरण कार्यक्रम के दौरान दिया गया उनका एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस बयान ने जहां कार्यक्रम में मौजूद लोगों को हंसी से लोटपोट कर दिया, वहीं सोशल मीडिया पर नई बहस भी छेड़ दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक भैराराम सियोल ने अपने बचपन के दिनों को याद किया और माता-पिता के संस्कारों व अनुशासन की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज में कहा कि आज वे जो कुछ भी हैं, वह अपने माता-पिता के संस्कारों की वजह से हैं। इसी दौरान उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “बचपन में पिता ने तीन जूते मारे, तो मैं विधायक बन गया। अगर पांच जूते मारते, तो शायद सांसद बन जाता।” उनके इस बयान पर पंडाल में मौजूद लोगों के बीच ठहाके गूंज उठे। हालांकि, उनके इस कथन के पीछे केवल हास्य नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी छिपा हुआ था। विधायक सियोल ने कहा कि आज की नई पीढ़ी अक्सर माता-पिता के अनुशासन को दबाव या बंधन समझ लेती है, जबकि यही अनुशासन जीवन में आगे बढ़ने की मजबूत नींव तैयार करता है।
अनुशासन और संस्कार पर दिया जोर
Rajasthan BJP MLA : भैराराम सियोल ने अपने संबोधन में कहा कि माता-पिता का अनुभव जीवन की सबसे बड़ी पाठशाला होता है। जो बच्चे अपने बुजुर्गों का सम्मान करते हैं और उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़ते हैं, वे जीवन में कम भटकते हैं और सफलता के रास्ते पर मजबूती से चलते हैं। उनके मुताबिक, संस्कारों से जुड़ा युवा अपने लक्ष्य को बेहतर ढंग से समझता है, जबकि मूल्यों से दूर होने पर भटकाव की संभावना बढ़ जाती है।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को केवल सुख-सुविधाएं ही नहीं, बल्कि नैतिक शिक्षा और अनुशासन के संस्कार भी दें। उनका मानना है कि परिवार से मिले संस्कार ही व्यक्ति के व्यक्तित्व को दिशा देते हैं और भविष्य को मजबूत बनाते हैं।

पहले भी बयानों को लेकर बटोर चुके हैं सुर्खियां
Osian MLA Bhairaram Siyol : यह पहला मौका नहीं है जब विधायक भैराराम सियोल अपने बयान को लेकर चर्चा में आए हों। इससे पहले भी वे प्रेम विवाह और भागकर शादी करने जैसे मुद्दों पर अपनी टिप्पणी को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। उन्होंने विधानसभा में यह सुझाव भी दिया था कि माता-पिता की सहमति के बिना होने वाले विवाह को कानूनी मान्यता नहीं दी जानी चाहिए।
उनके इस ताजा बयान के बाद एक बार फिर समाज में संस्कार, अनुशासन, पारिवारिक मूल्यों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक वर्ग जहां इसे पारंपरिक सोच और पारिवारिक मर्यादा के समर्थन के रूप में देख रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे अलग नजरिए से भी देख रहा है। कुल मिलाकर, विधायक सियोल का यह बयान अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बन गया है। Rajasthan politics viral video



