
Narega Latest News : लावासरदारगढ़ : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रहा काम बिना पूर्व सूचना के बंद किए जाने से शुक्रवार को श्रमिकों का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह करीब 6:30 बजे, जब 50 से अधिक श्रमिक अपने घरों से दो किलोमीटर दूर डंपिंग यार्ड के पास नई नाड़ी निर्माण कार्यस्थल पर पहुंचे, तो उन्हें काम बंद होने की जानकारी मिली।
Fake attendance in MGNREGA : मेट ने बताया कि सचिव ने व्हाट्सएप मैसेज के जरिए बजट खत्म होने और काम बंद करने के निर्देश दिए हैं। अचानक रोजगार छिनने से नाराज श्रमिक पंचायत भवन पहुंच गए। वे दोपहर 12 बजे तक धरने पर बैठे रहे। श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें वर्तमान मस्टररोल में केवल 6 दिन का काम मिला है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इधर, प्रशासन ने मस्टररोल में गड़बड़ी मिलने पर दो मेट के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पंचायत भवन पर प्रदर्शन कर रही महिला श्रमिकों ने मनरेगा कार्यों में भारी अनियमितता के आरोप लगाए हैं। श्रमिकों के अनुसार, नर्सरी में संचालित मस्टररोल में मेट चेहरा प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन) के जरिए हाजिरी भरने के बाद श्रमिकों को घर भेज देते हैं। आरोप है कि मेट उन श्रमिकों के घर जाकर भुगतान का आधा हिस्सा कमीशन के रूप में मांगते हैं। महिला श्रमिकों ने यह भी बताया कि संबंधित मेट का पूरा परिवार मस्टररोल में दर्ज है। बिना काम किए सरकारी पैसा उठाया जा रहा है। श्रमिकों ने मांग की है कि अधिकारी बिना सूचना दिए साइट का निरीक्षण करें। इससे इस फर्जीवाड़े की असलियत सामने आ सके। MGNREGA workers protest news

प्रशासन की कार्रवाई
MGNREGA scam Rajsamand : अचानक काम बंद होने और फर्जीवाड़े के आरोपों पर ग्राम विकास अधिकारी संतोषसिंह रावत ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि बुधवार को नर्सरी साइट के औचक निरीक्षण के दौरान ऑनलाइन दर्ज हाजिरी के मुकाबले श्रमिक मौके पर मौजूद नहीं मिले। इस गड़बड़ी पर तत्काल ऑनलाइन हाजिरी में संशोधन किया गया। अनुपस्थिति दर्ज की गई। वीडीओ ने इस लापरवाही और अनियमितता के लिए जिम्मेदार दो मेट को ब्लैक लिस्ट करने के लिए विकास अधिकारी को पत्र भेज दिया है। सचिव प्रभुलाल भील के अनुसार, बजट समाप्त होने के कारण वर्तमान में कार्य बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। Muster roll fraud case



