
Delhi Fire News : देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक होटल और रेस्टोरेंट संचालित पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस भीषण हादसे में मरने वालों में 17 अफ्रीकी नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा आग से झुलसे लोगों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस हादसे के साथ ही बहुमंजिली इमारतो में सुरक्षा प्रबंध की पोलपट्टी भी खुलकर सामने आ गई है। आग के चलते इमारत की बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों को निकाला है, जबकि 40 लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
Malviya Nagar Hotel Fire : दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट के बेसमेंट में सुबह करीब साढ़े 8 बजे अचानक आग लग गई। आग तेजी से फैलने लगी और कुछ ही देर में पूरे बेसमेंट को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय बेसमेंट में मौजूद कई लोग धुएं और लपटों के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ए.के. मलिक के अनुसार सुबह करीब 8:51 बजे आग लगने की पहली सूचना मिली थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए शुरुआत में ही कई दमकल वाहनों को मौके पर रवाना किया गया। बाद में आग की भयावहता को देखते हुए कुल 10 दमकल गाड़ियों को राहत कार्य में लगाया गया। दमकल अधिकारियों ने बताया कि बेसमेंट में फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। धुएं के कारण तीनों बेहोश हो गए थे, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। सभी घायलों का उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये तीनों अफ्रीकी मूल के बताए जा रहे हैं। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, जिसके बाद कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए डिवीजनल ऑफिसर रविंदर भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की समीक्षा की।

दिल्ली में आग के पीछे कारण में शॉर्ट सर्किट की आशंका
Delhi Fire News Today : प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच होगी। प्रशासन ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई लोग कमरों की खिड़कियों के शीशे तोड़कर मदद मांगते दिखाई दिए, जबकि कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए दूसरी और तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। चारों तरफ धुएं और आग की लपटों के बीच लोग बालकनी और छत पर फंस गए थे। इस मुश्किल समय में आसपास रहने वाले लोगों ने मानवता की मिसाल पेश की। स्थानीय निवासियों ने अपने घरों से गद्दे निकालकर इमारत के नीचे बिछा दिए ताकि ऊपर से कूदने वाले लोगों को कम चोट पहुंचे। इसी दौरान एक महिला अपने छोटे बच्चे को सीने से लगाकर तीसरी मंजिल से नीचे कूद गई। दोनों गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।

Delhi Fire News : राहत-बचाव में जुटी टीमें, हादसे की जांच शुरू
Delhi Malviya Nagar Fire : दिल्ली में आग मामले में दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। कई दमकलकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर इमारत के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालते नजर आए। हादसे की तस्वीरों में बचावकर्मी धुएं और मलबे के बीच घायलों को स्ट्रेचर पर ले जाते दिखाई दे रहे हैं। आग पर काबू पाने के बाद फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हादसे के बाद इमारत के आसपास जला हुआ मलबा, टूटे हुए सामान और बचाव कार्य में इस्तेमाल किए गए गद्दे बिखरे दिखाई दिए।

Delhi Fire News Today In Hindi : घटना की कई तस्वीरें हादसे की भयावहता को बयां कर रही हैं। एक तस्वीर में खिड़की के पीछे फंसी एक विदेशी महिला मदद के लिए गुहार लगाती नजर आ रही है, जबकि दूसरी तस्वीर में स्थानीय लोग धुएं और आग के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। मालवीय नगर का यह अग्निकांड राजधानी के हालिया वर्षों के सबसे दर्दनाक हादसों में से एक माना जा रहा है।
मलबे में तबाही के निशान
हादसे के बाद घटनास्थल पर जला हुआ मलबा, टूटे हुए सामान और बचाव कार्य में इस्तेमाल किए गए गद्दे बिखरे दिखाई दिए। यह दृश्य आग की भयावहता को बयां कर रहा था। मौके हालात देखकर हर किसी की रूह कांप उठी। पहले से गर्मी व उमस के चलते मौसम आग उगल रहा है, वहीं भीषण आग ने क्षेत्र के वातावरण को और ज्यादा तपा दिया। हादसे के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़े, जैसे थे, जिस हालात में थे, वे अपने आपको बचाते हुए भाग निकले। उनके सामान रास्ते में छुट गए, तो किसी का बैग का अता पता भी नहीं रहा।
दर्द और बेबसी की तस्वीरें
एक तस्वीर में दमकलकर्मी जले हुए हिस्से से घायल व्यक्ति को स्ट्रेचर पर ले जाते दिखाई दिए। वहीं दूसरी तस्वीर में एक विदेशी महिला बंद खिड़की के पीछे से मदद के लिए पुकारती नजर आई। कई तस्वीरों में स्थानीय लोग धुएं और आग के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालते दिखाई दिए। आग की लपटो से घिरे लोगों में बेबसी और लाचारगी दूर से ही झलक रही। लोग बदहवास थे, नन्हें बच्चे और महिलाएं चीख रही थी, मदद के लिए पुकार रही थी और बिलख रही थी। ऐसा हालात में भी दमकल कर्मी और राहतकर्मियों ने बड़ी जिंदादिली दिखाते हुए खुद की जान जोखिम में डालकर उन्हें बचाया।
रेस्टोरेंट से होटल तक पहुंची आग
दिल्ली के प्रेस एन्क्लेव रोड स्थित छह मंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने बी-एन-बी रेस्टोरेंट में आग लगने के बाद कुछ ही समय में लपटें ऊपर स्थित होटल तक पहुंच गईं। आग तेजी से फैलने के कारण पूरी इमारत में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि होटल में अक्सर मैक्स अस्पताल और एम्स में इलाज कराने आने वाले मरीजों के परिजन ठहरते थे। हादसे के समय भी कई लोग होटल में मौजूद थे।
अस्पतालों में भर्ती घायलों का इलाज जारी
मैक्स अस्पताल प्रशासन के अनुसार कुल 39 लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें से 18 लोगों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। पांच लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 15 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। इनमें आठ मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। एक गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं, एम्स में 13 घायलों का उपचार जारी है। इनमें तीन लोग ऐसे हैं जिन्होंने आग से बचने के लिए होटल की ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाई थी। हादसे में एक व्यक्ति के पैर में गंभीर चोट आई है।
लाइसेंस 6 कमरों का, बनाए गए 25 कमरे
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फ्लरिस स्टे गेस्टहाउस को बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत केवल छह कमरों की अनुमति दी गई थी, लेकिन परिसर में करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। आग लगने के बाद होटल और रेस्टोरेंट के बेसमेंट में कई लोग फंस गए थे। सबसे बड़ी समस्या यह रही कि बेसमेंट में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि होटल के पास फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था। इसके अलावा पूरी इमारत में प्रवेश और निकास के लिए भी केवल एक ही रास्ता उपलब्ध था। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों में हुई संभावित लापरवाही की पड़ताल की जा रही है।



