
राजसमंद। Rajsamand fake doctor fraud case राजसमंद में महिला को घर आकर घुटनों का ऑपरेशन करने के नाम पर 17.30 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि डॉक्टर समेत तीन बदमाशों ने महिला को घुटनों की बीमारी को लेकर डराया और कहा कि घुटने में मवाद जमा है, जिसका इलाज नहीं कराया गया तो कैंसर हो सकता है और पैर काटना पड़ सकता है। इसके बाद घुटने पर केमिकल लगाकर 210 बार मवाद निकालने के नाम पर लाखों रुपए वसूल लिए। महिला की तबीयत में सुधार नहीं हुआ तो परिजनों ने डॉक्टर से संपर्क किया। इस पर डॉक्टर ने विदेश जाने का बहाना बनाकर दवा देने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद परिजनों को ठगी का अंदेशा हुआ और उन्होंने देवगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने जांच करते हुए महिला के 7 लाख 25 हजार 499 रुपए रिकवर करवा दिए हैं।
पीड़ित महिला के बेटे ने बताया कि उसकी मां घुटनों के दर्द से पीड़ित थीं और उन्हें चलने में परेशानी होती थी। जनवरी 2025 में परिवार उनकी मां को इलाज के लिए उदयपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में दिखाने लेकर गया था। वहां से लौटते समय चेतक सर्किल पर एक व्यक्ति मिला। उस व्यक्ति ने अपना नाम नितिन अग्रवाल निवासी उदयपुर बताया। उसने महिला से पूछा कि क्या उन्हें भी घुटनों की बीमारी है। महिला के हां कहने पर नितिन ने बताया कि उसकी मां भी ऐसी ही बीमारी से पीड़ित थीं। बेटे के अनुसार नितिन ने बातचीत के दौरान दावा किया कि उसकी मां ने दिल्ली के एक डॉक्टर से इलाज कराया था और अब वह बिल्कुल ठीक है। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी नितिन ने अपनी मां से भी पीड़ित महिला की बात कराई। जब परिजनों ने दिल्ली के डॉक्टर के बारे में पूछा तो नितिन ने तुरंत डॉ. आर. जरीवाला से बात करा दी। 4 फरवरी को डॉक्टर ने फोन पर बताया कि वह महीने में एक बार उदयपुर आता है और घर पर ही आकर इलाज कर देगा। उसने कहा कि इसके लिए अस्पताल के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। फरवरी 2025 में ही डॉक्टर का दोबारा फोन आया। उसने बताया कि वह अजमेर में मरीज देख रहा है और इसके बाद उदयपुर पहुंचेगा। उसने परिजनों से कहा कि अगर राजसमंद आकर इलाज करवाना है तो बता दें।
डराया- कैंसर हो सकता है, पैर काटना पड़ेगा
Rajsamand knee treatment fraud case बेटे ने बताया कि 5 फरवरी को दोपहर करीब 12:13 बजे डॉक्टर घर पहुंचा। घुटने को देखने के बाद उसने कहा कि हालत बेहद खराब है। घुटने में मवाद जमा है। अगर इसे नहीं निकाला गया तो कैंसर हो सकता है और पैर काटना पड़ सकता है। डॉक्टर की बात सुनकर परिवार घबरा गया और उन्होंने तुरंत इलाज शुरू करने को कहा। इसके बाद डॉक्टर ने महिला के घुटने पर कट लगाया और पीतलनुमा उपकरण उस घाव पर रख दिया। आरोप है कि उसने घाव पर किसी केमिकल जैसा पदार्थ भी लगाया था। इसके बाद उसने मुंह लगाकर वहां से खींचना शुरू किया। जैसे ही उपकरण हटाया गया, वहां से मवाद जैसा पदार्थ निकलने लगा।
210 थैरेपी के नाम पर मांगे 10.50 लाख रुपए
Doctor fraud in Rajsamand डॉक्टर ने मवाद निकालने की 5 हजार रुपए फीस बताई। इसके साथ ही करीब 210 बार इसी तरह का प्रोसेस करने के लिए 10 लाख 50 हजार रुपए मांगे। इसके अलावा दवाइयों, चेकअप, एक्सेस उपकरण और इलाज के नाम पर 6 लाख 80 हजार रुपए अलग से मांगे गए। डॉक्टर ने भरोसा दिलाया कि इसके बाद घुटने की समस्या ठीक हो जाएगी। इस तरह इलाज के नाम पर कुल 17 लाख 30 हजार रुपए की मांग की गई। परिवार ने डॉक्टर को 2 लाख 30 हजार रुपए नकद और 15 लाख रुपए के दो चेक दिए।
मवाद की फोटो लेने और सेल्फी से भी किया इनकार
पीड़ित परिवार ने जब मवाद की फोटो लेने की बात कही तो आरोपी डॉक्टर ने इनकार कर दिया। उसने कहा कि इसकी तस्वीर क्यों लेनी है, यह गंदगी है और नजर लगती है। इसके बाद इसे तुरंत बाहर फेंकने की बात कही। परिजनों ने जब महिला के इलाज के दौरान भावुक होकर डॉक्टर के साथ सेल्फी लेने की कोशिश की तो डॉक्टर ने उससे भी इनकार कर दिया।

दवाई देने से भी किया इनकार
Cancer threat medical fraud इसके बाद 12 फरवरी को जब पीड़ित परिवार ने डॉक्टर को फोन किया तो उसने कहा कि वह एक महीने के लिए बाहर जा रहा है और अब कोई दवा नहीं मिल पाएगी। डॉक्टर के इस जवाब के बाद परिजनों को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद 20 मार्च 2025 को देवगढ़ थाने में मामला दर्ज करवाया गया और पुलिस ने जांच शुरू की।
इनका क्या कहना
Knee pus treatment fraud परिजनों के पास न तो आरोपी युवक की कोई तस्वीर थी और न ही डॉक्टर की। ऐसे में पुलिस ने उस बैंक खाते की जांच शुरू की, जिसमें ठगी की रकम जमा हुई थी। जांच में सामने आया कि पैसा दमन-दीव के बैंक खाते में जमा हुआ था। इसके बाद रकम को अलग-अलग कई खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। जांच के दौरान इनमें से कुछ खाते डमी पाए गए। पुलिस ने संबंधित बैंकों से तालमेल कर कार्रवाई आगे बढ़ाई। इसके बाद 5 अगस्त 2026 को ठगी की रकम में से 7 लाख 25 हजार 499 रुपए पीड़ित को वापस दिलाए गए।
मुकेश चौधरी, थाना प्रभारी देवगढ़



