
Sugar Price Today : देशभर में चीनी की कीमतों में पिछले कुछ समय से आई तेज बढ़ोतरी के बीच अब उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है। पिछले एक महीने में चीनी के दाम 20 प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब ₹56 से ₹60 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वही आज बाजार में चीनी का भाव 70 रूपए किलो तक हैं। कीमतों में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए 10 लाख टन रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की मंजूरी दी है।
ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर के अनुसार, चीनी की कीमतों में हालिया तेजी के पीछे मुख्य रूप से सट्टेबाजी के चलते की गई जमाखोरी और मौसम संबंधी परेशानियों के कारण उत्पादन में आई कमी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि भारत में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। आगामी त्योहारी सीजन में चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है, लेकिन देश में मौजूद स्टॉक इस मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। यानी मौजूदा समय में बाजार में चीनी की वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि कीमतों में तेजी के पीछे अन्य बाजार संबंधी कारण प्रमुख हैं। चीनी की कीमतें थोक और खुदरा बाजार में ₹56 से ₹60 प्रति किलो तक पहुंचने के बाद केंद्र सरकार ने 20 अगस्त को बड़ा कदम उठाया। सरकार ने बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 10 लाख टन रॉ शुगर को बिना किसी सीमा शुल्क के आयात करने की अनुमति दी है। सरकार का उद्देश्य आयात के जरिए घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों पर नियंत्रण रखना है। आयातित चीनी को प्रोसेस करने के बाद घरेलू बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
NFCSF ने भी कहा- घबराने की जरूरत नहीं
Sugar Price Increase India : नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) ने भी देश में चीनी की आपूर्ति को पर्याप्त बताया है। NFCSF के अध्यक्ष प्रकाश नाईकनवरे ने कहा कि फेडरेशन ने 2025-26 सीजन के लिए अपने नेट शुगर प्रोडक्शन के अनुमान को 2.79 करोड़ टन पर बरकरार रखा है। इस अनुमानित उत्पादन में से करीब 24 लाख टन चीनी इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की गई है। इसके बावजूद घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध रहने की उम्मीद जताई गई है।

15 अक्टूबर से पहले भारत पहुंच सकती है चीनी की पहली खेप
NFCSF के मुताबिक, आयात की गई चीनी की कुछ खेप 15 अक्टूबर से पहले भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच सकती हैं। प्रकाश नाईकनवरे ने बताया कि थाईलैंड इस समय खुद चीनी की कमी का सामना कर रहा है, इसलिए फिलहाल ब्राजील भारत के लिए आयात का प्रमुख विकल्प बना हुआ है। ब्राजील से भारत तक चीनी लाने वाले जहाजों को करीब 40 से 45 दिन का समय लग सकता है। हालांकि यह समय डीजीएफटी की मंजूरी, लेटर ऑफ क्रेडिट और बंदरगाहों पर होने वाले ट्रैफिक या कंजेशन जैसी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
31 अक्टूबर की डेडलाइन में मिल सकती है छूट
ISMA Sugar Price Update : सरकार ने आयातित चीनी के लिए 31 अक्टूबर की डेडलाइन तय की है। इस समय सीमा को लेकर प्रकाश नाईकनवरे ने कहा कि जरूरत पड़ने पर इसमें छूट मिलने की संभावना है। उनके अनुसार, जो शिपमेंट पहले ही रास्ते में होंगे, उन्हें निर्धारित तारीख के बाद भी भारत पहुंचने की अनुमति मिलने की पूरी संभावना है। इससे आयात प्रक्रिया में देरी होने पर बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा कम हो सकता है।
महाराष्ट्र समेत तटीय राज्यों को पहले मिलेगी आयातित चीनी
Duty Free Sugar Import India : आयातित रॉ शुगर सबसे पहले देश के तटीय राज्यों तक पहुंचेगी। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों को बंदरगाहों के नजदीक होने के कारण इसका लाभ पहले मिलने की संभावना है। इसके बाद इन राज्यों के बंदरगाहों से चीनी को रेल और सड़क मार्ग के जरिए उत्तर भारत के लैंडलॉक्ड यानी समुद्र से दूर राज्यों तक पहुंचाया जाएगा। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रकाश नाईकनवरे ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतें अनुकूल नहीं होने के कारण भारत ने निर्धारित 20 लाख टन के निर्यात कोटे में से केवल करीब 8 लाख टन चीनी का ही निर्यात किया। उन्होंने कहा कि अगर चीनी के निर्यात पर कोई पाबंदी नहीं होती, तब भी भारत से निर्यात की मात्रा 10 लाख टन से अधिक जाने की संभावना नहीं थी। घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 13 मई से 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात पर रोक लगा रखी है।
आयातित रॉ शुगर से कैसे बनेगी खाने वाली सफेद चीनी?
India Sugar Market News : ब्राजील से भारत आने वाली रॉ शुगर को सीधे खाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसे पहले देश की रिफाइनरियों और शुगर मिलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रोसेस किया जाएगा। रिफाइनिंग प्रक्रिया के बाद रॉ शुगर को सफेद दानेदार चीनी में बदला जाएगा। इसके बाद तैयार चीनी को रिटेल बाजार में बिक्री के लिए भेजा जाएगा।
त्योहारों से पहले कीमतों में राहत की उम्मीद
आगामी त्योहारी सीजन में देश में चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे समय में सरकार की ओर से 10 लाख टन रॉ शुगर के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति और घरेलू स्टॉक की पर्याप्त उपलब्धता बाजार के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है।
ISMA और NFCSF दोनों ने देश में चीनी की कमी की आशंका को खारिज किया है। ऐसे में यदि आयातित चीनी समय पर भारत पहुंचती है और घरेलू बाजार में इसकी आपूर्ति बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में चीनी की खुदरा कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है। फिलहाल बाजार की नजर आयात की पहली खेप, घरेलू उत्पादन और त्योहारी मांग पर बनी हुई है।



