
राजसमंद। Rajpura Dariba Agro Producer Company : हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की ओर से बायफ के सहयोग से संचालित समाधान परियोजना के तहत राजपुरा-दरीबा एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की वार्षिक आम सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पशुपालन विभाग से डॉ. टीपू सुल्तान, कृषि विभाग से सहायक कृषि अधिकारी दिनेश जाट, कृषि पर्यवेक्षक कपिल तथा सद्दाम हुसैन सहित समस्त समाधान टीम, सीएसआर एवं बायफ टीम के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वार्षिक आम सभा में 133 किसानों ने भाग लिया।
राजपुरा-दरीबा एफपीओ ने 2,187 शेयरधारकों के मजबूत आधार के साथ वित्तीय वर्ष में 1.59 करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर दर्ज किया है। कार्यक्रम की शुरुआत एफपीओ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा संगठन के दृष्टिकोण और मिशन की जानकारी देने के साथ हुई। इस दौरान वित्त वर्ष 2025-26 की व्यावसायिक उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। बैठक में आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के एफपीओ बिजनेस प्लान, निदेशक चुनाव और बोनस शेयर वितरण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान एफपीओ की आगामी कार्ययोजना और किसानों को मिलने वाले लाभों को लेकर भी जानकारी साझा की गई। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने किसानों को उनके क्षेत्र में संचालित विभिन्न कृषि एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और विभागीय स्तर पर उपलब्ध सहायता के बारे में भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के डिप्टी सीएसआर हेड अभय गौतम ने किसानों को संबोधित किया। उन्होंने बदलते कृषि परिदृश्य के अनुरूप किसानों को नई और उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। अभय गौतम ने खेती में आधुनिक तकनीकों के उपयोग के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों और समाधानों को समझने तथा आवश्यकता के अनुसार कृषि कार्यों में इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से किसानों की उत्पादकता, निर्णय लेने की क्षमता और कृषि से होने वाली आय को बेहतर बनाने की दिशा में मदद मिल सकती है।
एफपीओ के जरिए किसानों को सशक्त बनाने पर जोर
Rajpura Dariba FPO : समाधान परियोजना के माध्यम से कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत एफपीओ की स्थापना कर किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इन संगठनों के माध्यम से किसानों को कृषि आदानों की खरीद, उत्पादन, कटाई, ग्रेडिंग, एकत्रीकरण और कृषि उपज के विपणन में सहयोग प्रदान किया जाता है। कार्यक्रम का उद्देश्य सामुदायिक संगठनों को मजबूत करने और एफपीओ आधारित विकास के माध्यम से किसानों को बाजार से जुड़ी पूर्व एवं पश्चात सेवाएं उपलब्ध कराना है। समाधान पहल के तहत हिंदुस्तान जिंक और बायफ ने 6 जिलों में 6 एफपीओ स्थापित किए हैं, जिनसे 9,000 से अधिक शेयरधारक लाभान्वित हो रहे हैं।

किसानों को मिल रहा बाजार और लागत प्रबंधन में सहयोग
Rajsamand FPO news : राजपुरा-दरीबा एफपीओ के माध्यम से किसानों को खेती की लागत का बेहतर प्रबंधन करने के साथ-साथ बाजार मूल्यों की नियमित जानकारी भी मिल रही है। इससे किसान सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंच बनाने, उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान करने और अपनी कृषि उपज के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। एफपीओ के माध्यम से किसानों को सामूहिक रूप से कृषि गतिविधियों से जुड़ने और बाजार की जरूरतों को समझने का अवसर भी मिल रहा है। Hindustan Zinc Samadhan Project
6 एफपीओ चला रहे 4 सूक्ष्म उद्यम
Rajpura Dariba FPO annual general meeting : समाधान परियोजना के तहत स्थापित इन 6 एफपीओ द्वारा 4 सूक्ष्म उद्यम भी संचालित किए जा रहे हैं। इनमें बायोमास पैलेट, डेयरी माइक्रोएंटरप्राइज, पशुओं के लिए मिनरल मिक्सचर और कैटल फीड माइक्रोएंटरप्राइज शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों को खेती के साथ-साथ अतिरिक्त आर्थिक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका को मजबूत करने में मदद मिल रही है। राजपुरा-दरीबा एफपीओ की उपलब्धियों को राजस्थान में सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। समाधान कार्यक्रम के माध्यम से समुदायों को सशक्त बनाने और क्षेत्र में कृषि के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।



