
Hindustan Zinc Industrial Park : जयपुर। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनियों में शामिल और चांदी की प्रमुख वैश्विक उत्पादक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपने प्रस्तावित जिंक इंडस्ट्रियल पार्क को लेकर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जयपुर में आयोजित ‘जिंक एल्यूमिनियम कॉन्फ्लुएंस 2026’ (ZnAL Confluence 2026) के दौरान कंपनी ने 11 नई कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह औद्योगिक पार्क राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के खंखला क्षेत्र में विकसित किया जाना प्रस्तावित है।
इन समझौतों के जरिए विनिर्माण, इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य संबंधित क्षेत्रों की कंपनियों ने पार्क में अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखाई है। इस पहल को राजस्थान में जिंक आधारित उद्योगों का मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करने और देश में धातु के वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जिन कंपनियों के साथ एमओयू किए गए हैं, उनमें गेनवेल कॉमोसैल्स प्राइवेट लिमिटेड, एपिरॉक माइनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, साई दीपा रॉक ड्रिल्स प्राइवेट लिमिटेड, श्री नाकोड़ा इन्फ्रास्टील प्राइवेट लिमिटेड, सूर्यकिरण अर्थमूवर्स प्राइवेट लिमिटेड, जे.जी. केमिकल्स लिमिटेड, ईपीसीएम सर्विस एंड सप्लाई प्राइवेट लिमिटेड, जस्ता अलॉयज प्राइवेट लिमिटेड, जम्मू पिगमेंट्स और एम्पेक्स एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
Hindustan Zinc 11 New MoUs : इन कंपनियों की ओर से पार्क में विनिर्माण, इंजीनियरिंग और विभिन्न सेवा क्षेत्रों से जुड़ी गतिविधियां शुरू करने की मंशा जताई गई है। हिंदुस्तान जिंक इन इकाइयों को आवश्यक औद्योगिक इकोसिस्टम और सहयोग उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इससे आने वाले समय में निवेश के नए रास्ते खुलने के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और जिंक आधारित उद्योगों को विस्तार मिलेगा। गौरतलब है कि इससे पहले भी त्रिपुरा ग्रुप, सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज, ग्रुप निर्मल और सल्फोजाइम एग्रो इंडिया जैसी कंपनियां इस परियोजना में रुचि दिखाते हुए एमओयू कर चुकी हैं। अब 11 नई कंपनियों के साथ हुए समझौतों से जिंक इंडस्ट्रियल पार्क के प्रति उद्योग जगत का आकर्षण और विश्वास लगातार मजबूत होता नजर आ रहा है।

एमएसएमई और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता
Zinc Industrial Park Investment 2026 : इस अवसर पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने कहा कि जिंक इंडस्ट्रियल पार्क भारत में जिंक आधारित उद्योगों के लिए वैश्विक स्तर का औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। उद्योग जगत के भागीदारों की लगातार बढ़ती भागीदारी इस पहल की सफलता और संभावनाओं को दर्शाती है। कंपनी का उद्देश्य मजबूत औद्योगिक सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा और जरूरी आधारभूत सुविधाओं के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहित करना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना और घरेलू विनिर्माण को मजबूती देना है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अनिल अग्रवाल ने की थी घोषणा
RIICO Industrial Park Rajasthan : जिंक इंडस्ट्रियल पार्क की घोषणा पहली बार दिसंबर 2024 में आयोजित राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान की गई थी। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की थी। पार्क को राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
5 करोड़ रुपये से निवेश के अवसर, मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित पार्क में उद्योगों के लिए विकसित औद्योगिक भूमि, हिंदुस्तान जिंक की धातु उत्पादन क्षमता तक पहुंच, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) सुविधाओं का सहयोग तथा नई जिंक मिश्रधातुओं और उत्पादों के विकास के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। इस परियोजना को खासतौर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और नए उद्यमियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहां 5 करोड़ रुपये से निवेश शुरू करने के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के उद्योग भी इस औद्योगिक पहल का हिस्सा बन सकेंगे। Hindustan Zinc Employment Opportunities
जिंक आधारित उद्योगों का नया केंद्र बनने की क्षमता
चंदेरिया, दरीबा और देबारी में स्थित हिंदुस्तान जिंक की औद्योगिक इकाइयों के नजदीक होने के कारण इस पार्क को विशेष भौगोलिक और औद्योगिक लाभ मिलेगा। यहां गैल्वनाइजिंग, डाई-कास्टिंग, जिंक ऑक्साइड, जिंक मिश्रधातु, वायर निर्माण और जिंक के अन्य उन्नत उपयोगों से जुड़े उद्योगों के स्थापित होने की व्यापक संभावनाएं हैं।



