
Bhagwat Katha Mahotsav : राजसमंद जिले के मोही में ठिकाना परिवार के तत्वावधान में राजपूत सामुदायिक भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के चतुर्थ दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का श्रवण किया और भक्तिरस में सराबोर हो गए। भजनों, संकीर्तन और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
Rajsamand Bhagwat Katha : कथा वाचक पंडित विष्णुकांत शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, बाल लीलाओं, पूतना वध, शकटासुर वध, तृणावर्त वध तथा गोप-गोपियों के साथ उनकी विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना, अधर्म के विनाश और भक्तों के कल्याण के लिए हुआ था। उनकी लीलाएं मानव जीवन को प्रेम, भक्ति और धर्म का संदेश देती हैं। अपने प्रवचन में पंडित शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज को संस्कारित बनाने का सशक्त माध्यम है। Rajsamand Religious News

‘नंद के आनंद भयो’ के जयघोषों से गूंजा कथा पंडाल
Krishna Leela Katha : भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग आते ही पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोषों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे और महिलाओं ने मंगल गीतों के माध्यम से उत्सव का माहौल बना दिया। कथा के समापन पर भगवान की महाआरती की गई तथा क्षेत्र, प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की गई।

कथा महोत्सव में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
Mohi Shrimad Bhagwat Katha : ठिकाना परिवार के सदस्यों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन 12 जून तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जारी रहेगा। कथा महोत्सव में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।



