
Shrimad Bhagwat Katha Mahotsav Mohi : मोही ठिकाना परिवार मोही के तत्वावधान में राजपूत सामुदायिक भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का श्रद्धा, भक्ति और वैदिक परंपराओं के साथ भव्य समापन हुआ। समापन दिवस पर आयोजित हवन, पूर्णाहुति और महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।
Rajsamand Bhagwat Katha : प्रातःकाल यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में परिवार सहित उपस्थित हुए और यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं लोककल्याण की कामना की। कथा महोत्सव के अंतिम दिन कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। सात दिनों तक चले इस आयोजन के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला।
सेवा, त्याग और प्रेम का दिया संदेश
Shrimad Bhagwat Katha Mohi : कथा वाचक पंडित विष्णुकांत शास्त्री ने अपने अंतिम प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारित और आध्यात्मिक बनाने का दिव्य माध्यम है। उन्होंने कहा कि कथा का वास्तविक फल तभी प्राप्त होता है, जब उसके संदेशों को जीवन में आत्मसात किया जाए। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श, सेवा, त्याग, प्रेम और धर्म के मार्ग का अनुसरण कर मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।

धर्म-संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश
Bhagwat Katha Mahotsav : इस अवसर पर उपस्थित संत-महात्माओं ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए धर्म, संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण का संदेश दिया। संतों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ-साथ सामाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करते हैं। महाआरती के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सात दिनों तक चले इस कथा महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंग दिया।

समाज को जोड़ने का लिया संकल्प
Mohi Bhagwat Katha : आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति ठिकाना परिवार ने आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को एकजुट करने का संकल्प दोहराया। ठिकाना परिवार ने सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों एवं सहयोगकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।



