
Jaipur Firecracker Factory Fire : जयपुर के खोह नागोरियान क्षेत्र स्थित आयशा नगर तलाई इलाके में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा परिसर इसकी चपेट में आ गया। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। मृतकों में रहीम, 15 वर्षीय रुबीन और अब्दुल वाहिद की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। घायल नासिर खान (23), समीर खान (30), बिलाल (30) और आदिब (25) को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Jaipur Factory Fire : एसएमएस अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. आर.के. जैन ने बताया कि समीर और नासिर करीब 95 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। वहीं बिलाल लगभग 75 प्रतिशत और आदिब 65 प्रतिशत तक जल चुका है। चारों का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में कुल छह लोगों को लाया गया था। इनमें एक व्यक्ति की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी, जबकि एक अन्य ने भर्ती होने के बाद दम तोड़ दिया। अब्दुल वाहिद की मौत भी इलाज के दौरान हुई।
कलेक्टर बोले- ज्वलनशील पदार्थ के कारण लगी आग
जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि यह फैक्ट्री आईटीआई कॉलेज के पास स्थित है। शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग लगी है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य में निभाई अहम भूमिका
Firecracker Factory Blast Jaipur : घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय निवासी हाशिम अंसारी ने बताया कि उन्हें फोन के जरिए आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद पानी का टैंकर बुलाया गया और पाइप की मदद से अंदर जाने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि तीन से चार लोगों को बाहर निकालने में सफलता मिली और एंबुलेंस पहुंचने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया। हालांकि आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि बाकी लोगों तक पहुंचना संभव नहीं हो सका। लोगों की जान बचाने के प्रयास में उनके कपड़े जल गए और उनका पैर भी झुलस गया। फैक्ट्री के भीतर मौजूद एलपीजी सिलेंडर को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा विस्फोट टल गया। उस समय फैक्ट्री में करीब 8 से 10 लोग मौजूद थे।
पटाखों का जखीरा जलकर हुआ राख
Jaipur Latest News : फैक्ट्री के भीतर बड़ी मात्रा में पटाखे और आतिशबाजी का सामान रखा हुआ था, जो आग की चपेट में आने से पूरी तरह नष्ट हो गया। जले हुए सामान के बीच ‘कोहिनूर’ नाम का रैपर भी मिला। बताया जा रहा है कि यहां शादी समारोहों में इस्तेमाल होने वाले पटाखे तैयार किए जाते थे।
विधायक अमीन कागजी ने उठाए सवाल
Factory Explosion in Jaipur : हादसे के बाद किशनपोल विधायक अमीन कागजी एसएमएस अस्पताल पहुंचे और उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आबादी वाले इलाके में यदि बारूद का गोदाम और पटाखा फैक्ट्री संचालित हो रही थी, तो क्या इसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को नहीं थी। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं इसमें मिलीभगत नजर आती है। विधायक ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले लोग राजस्थान के नहीं थे, लेकिन इससे उनके जीवन का महत्व कम नहीं हो जाता। उन्होंने इस पूरे मामले को सरकारी तंत्र की विफलता बताया।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- सिलेंडर फटने जैसे सुनाई दिए धमाके
फैक्ट्री के पास रहने वाले लियाकत ने बताया कि आग लगने के दौरान सिलेंडर फटने जैसी तेज आवाजें सुनाई दे रही थीं। हालात को देखते हुए उन्होंने अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाया और सुरक्षित स्थान पर चले गए। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि फैक्ट्री के अंदर किस प्रकार का काम होता था।

सड़क पर मदद के लिए तड़पते रहे झुलसे लोग
आग लगने के बाद कई मजदूर किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन वे गंभीर रूप से झुलस चुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोग सड़क पर पड़े मदद के लिए तड़पते रहे, जबकि आसपास मौजूद लोग उन्हें देखकर सहमे हुए थे। स्थानीय निवासी मोहम्मद जिया उल हक ने बताया कि उनका घर फैक्ट्री से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर है। उन्होंने घर से ही आग की ऊंची लपटें और पटाखों के फटने की आवाजें सुनीं। आसपास के लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की और टैंकर भी बुलाया। उन्होंने बताया कि तीन-चार लोगों को बाहर निकाला गया। एक बच्चा दर्द से तड़प रहा था, जबकि एक व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनके अनुसार प्रशासनिक टीमें करीब 40 मिनट बाद मौके पर पहुंचीं।
सरकार को जिम्मेदार ठहराया
विधायक अमीन कागजी ने इस हादसे के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि आबादी क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालित हो रही थी, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण कई लोगों की जान चली गई।
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने जताया शोक
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर राहत और बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने तथा घायलों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पुलिस ने फैक्ट्री को किया सील, जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया है और यह पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था। एडीएम युगांतर शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि रिहायशी इलाके में इस प्रकार की फैक्ट्री का संचालन नियमों के खिलाफ है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पति की तलाश में बेसुध हुई महिला
हादसे के बाद फैक्ट्री के बाहर एक महिला बेसुध हालत में मिली। उसका कहना था कि उसका पति फैक्ट्री में काम करता था और आग लगने के बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है।
मौके पर जमा हुई लोगों की भीड़
आग लगने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। हालांकि कोई भी यह बताने को तैयार नहीं था कि फैक्ट्री का मालिक कौन है। इस हादसे ने आबादी क्षेत्र में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्रियों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



