
राजसमंद। Fertilizer Booking app : जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब खाद खरीदने के लिए दुकानों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। भारत सरकार की राष्ट्रीय उर्वरक विक्रय प्रणाली के तहत राजसमंद और सिरोही जिले को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान घर बैठे ऑनलाइन खाद बुक कर सकेंगे और 24 घंटे बाद निर्धारित विक्रेता से खाद प्राप्त कर सकेंगे।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), कांकरोली जिला परिषद राजसमंद द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कृषि विभाग ने 12 जून को 190 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया था। इसके बाद 16 जून को आत्मा सभागार, राजसमंद में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जयपुर से स्टेट डीबीटी को-ऑर्डिनेटर सुमन तथा सहायक निदेशक कृषि (फर्टिलाइजर) अनीता मीणा ने उर्वरक विक्रेताओं और विभागीय अधिकारियों को डिजिटल प्रणाली के संचालन और तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।अधिकारियों के अनुसार किसान अब फर्टिलाइजर सेल्स एप्लीकेशन सिस्टम (FSAS) ऐप या पोर्टल के माध्यम से खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री आईडी और आधार कार्ड आवश्यक होंगे। बुकिंग के बाद किसानों को 24 घंटे के भीतर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
तीन दिन तक मान्य रहेगा टोकन
Rajsamand Fertilizer Online Booking खाद की बुकिंग के बाद जारी टोकन या रजिस्ट्रेशन आईडी 48 घंटे से लेकर अधिकतम तीन दिन तक मान्य रहेगी। निर्धारित अवधि में खाद नहीं उठाने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी। जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से भी प्री-बुकिंग करवा सकेंगे।
खाद की अग्रिम बुकिंग (Book Fertilizer in Advance)

4 आसान चरणों में किसान खाद प्राप्त कर सकेंगे।
1. आधार से सत्यापन करें
- Online Fertilizer Booking for Farmers आधार OTP या e-KYC के माध्यम से सत्यापन करें।
- किसान आईडी या भूमि विवरण दर्ज करें।
2. फसल और खाद का चयन करें
- अपनी फसल का चयन करें।
- आवश्यकता के अनुसार खाद की मात्रा चुनें।
- यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों का चयन किया जा सकेगा।
3. उपलब्ध स्टॉक वाले विक्रेता का चयन करें
- अपने क्षेत्र के रिटेलर की जानकारी देखें।
- जहां स्टॉक उपलब्ध हो, उसी विक्रेता का चयन करें।
4. QR कोड या टोकन नंबर प्राप्त करें
- QR कोड या टोकन नंबर जनरेट करें।
- निर्धारित समय पर चयनित विक्रेता से खाद प्राप्त करें।
बुकिंग के बाद कब मिलेगी खाद?
- T0 (बुकिंग का दिन): खाद खरीदने की अनुमति नहीं होगी।
- T1 (बुकिंग के अगले दिन): खाद खरीदी जा सकेगी।
- T2 (बुकिंग के दूसरे दिन): खाद खरीदी जा सकेगी।
अग्रिम बुकिंग के फायदे
- Fertilizer Sales Application System समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
- भीड़ और लंबी कतारों से राहत मिलेगी।
- समय पर खाद मिलने से बेहतर फसल उत्पादन में मदद मिलेगी।
- किसान डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे।

खाद कौन प्राप्त कर सकता है?
- स्वयं किसान।
- किसान का परिवार का सदस्य या अधिकृत प्रतिनिधि।
नई व्यवस्था की विशेषताएं
- तेज
- सरल
- सुरक्षित
- पारदर्शी
किसानों को तीन श्रेणियों में बांटा गया
Online Urea DAP Booking Rajasthan नई व्यवस्था के तहत किसानों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकृत किसान, बिना फार्मर आईडी वाले किसान तथा बंटाईदार एवं काश्तकार किसान शामिल हैं। केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की जमीन और पहचान को डिजिटल रूप से जोड़कर यूनिक फार्मर आईडी तैयार की जा रही है।
किसानों को मिलने वाले फायदे
- ✅ सही समय पर उर्वरक की उपलब्धता।
- ✅ समय और मेहनत की बचत।
- ✅ मोबाइल आधारित आसान प्रक्रिया।
- ✅ आधार के जरिए सुरक्षित और सरल सत्यापन।
- ✅ परिवार के सदस्य द्वारा भी खाद प्राप्त करने की सुविधा।
- ✅ जिस विक्रेता के पास स्टॉक उपलब्ध हो, उसका चयन करने की सुविधा।
- ✅ QR कोड या टोकन नंबर के माध्यम से खाद प्राप्ति।
- ✅ सभी किसानों को पारदर्शी तरीके से खाद का आवंटन।
- ✅ खाद खरीदने की प्रक्रिया तेज, सरल और सुविधाजनक।
- ✅ पूरी व्यवस्था पारदर्शी और भरोसेमंद।
पारदर्शी बनेगी उर्वरक वितरण व्यवस्था
कृषि विभाग का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से उर्वरक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी। इससे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में आसानी होगी और अनावश्यक भीड़ तथा अव्यवस्था पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।



