
Mumbai Viral Video Controversy : मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़, बूंदी के ब्रिगेडियर भूपेश सिंह हाड़ा तथा इतिहासकार राजवीर सिंह चलकोई की तस्वीरों के कथित अपमान का मामला सामने आने के बाद राजस्थान में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उदयपुर सहित मेवाड़ क्षेत्र और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में राजपूत समाज के साथ-साथ अन्य समाजों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन के बीच इन तीनों हस्तियों की तस्वीरों को जमीन पर रखकर पैरों से रौंद दिया। इस घटना के वीडियो सामने आने के बाद समाज के विभिन्न संगठनों ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना का वीडियो Mumbai Latest Controversy सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद उदयपुर, नाथद्वारा और मेवाड़ अंचल के कई लोगों ने नाराजगी जताई है। समाज के लोगों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध और असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी सम्मानित व्यक्ति की तस्वीरों के साथ इस तरह का व्यवहार समाज की भावनाओं को आहत करने वाला माना जा रहा है। Vishwaraj Singh Mewar News
क्या है पूरे विवाद की वजह?
Vishwaraj Singh Mewar News इस पूरे विवाद की जड़ राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की पाठ्यपुस्तकों में प्रकाशित मराठा साम्राज्य के नक्शे को माना जा रहा है। दरअसल, एनसीईआरटी की एक पुस्तक में प्रकाशित नक्शे में राजस्थान के कुछ हिस्सों और मेवाड़ क्षेत्र को मराठा साम्राज्य के अधीन दर्शाया गया था। इस पर इतिहासकारों और राजपूत समाज के कई प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई थी और इसे ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत बताया था। राजपूत समाज और इतिहास से जुड़े लोगों का कहना था कि मेवाड़ का इतिहास स्वतंत्रता और स्वाभिमान का प्रतीक रहा है। उनका दावा है कि मेवाड़ कभी भी मराठा साम्राज्य के अधीन नहीं रहा और इसलिए इस प्रकार के नक्शे को लेकर विरोध दर्ज कराया गया था। विरोध के बाद इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई और संबंधित नक्शे को लेकर भी बदलाव की मांग उठाई गई। इसी मुद्दे को लेकर चल रही बहस के बीच मुंबई में हुई Rajput Karni Sena Protest इस घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया है।

उदयपुर में करणी सेना ने जताई नाराजगी
Rajveer Singh Chalkoi News : श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना उदयपुर के जिला अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत गढ़पुरा ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन किसी सम्मानित व्यक्ति की तस्वीरों को सार्वजनिक रूप से पैरों तले रौंदना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली हैं और ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
महाराष्ट्र सरकार और केंद्र से कार्रवाई की मांग
राजपूत समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों और संगठनों ने महाराष्ट्र सरकार तथा केंद्र सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाज के लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आंदोलन की चेतावनी
Mumbai Latest Controversy समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए गए, तो मेवाड़ क्षेत्र में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न समाजों के लोग इस मुद्दे पर एकजुट हो रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा।
विभिन्न समाजों में भी दिखाई दे रहा है रोष
घटना के बाद केवल राजपूत समाज ही नहीं, बल्कि कई अन्य सामाजिक संगठनों और सर्व समाज के लोगों ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि किसी भी मतभेद या विरोध को अभिव्यक्त करने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों का पालन किया जाना चाहिए।



