
लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद
Harish Murder Protest : राजसमंद शहर के धोइंदा से लापता युवक की हत्या होने पर आक्रोशित परिजन व सर्वसमाज के लोग बुधवार सुबह 11 बजे से लापरवाह पुलिस अफसरों पर कार्रवाई, आहत परिवार के सदस्य को नौकरी और मुआवजे पर अड़े हुए थे। दोपहर अब तक तीन दौर में कलक्टर अरुण कुमार हसीजा व एसपी ममता गुप्ता से वार्ता हो चुकी है। आखिरी चौथे दौर में पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी की मध्यस्थता में वार्ता हुई, जिसमें 8 लाख मुआवजा, पत्नी को संविदा नौकरी व जांच अधिकारी को एपीओ करने पर सहमति बन गई। इस दौरान उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी जिला कलक्टर से बात की। फिर शाम करीब साढ़े 6 बजे सहमति बनने पर आक्रोशित लोग धरने से उठ गए। इस दौरान कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 10 थानों को पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
Rajsamand police : कांकरोली थाना प्रभारी सरोज बैरवा ने बताया कि धोइंदा निवासी हरीश जोशी 30 दिसंबर 2025 शाम घर से लापता हो गई। कांकरोली थाने में गुमशुदगी दर्ज करते हुए पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी, मगर हरीश का मोबाइल स्वीच हो गया। इस बीच पुलिस लगातार तलाश के प्रयास में जुटी रही, मगर उसके हरीश के बारे में कोई पता नहीं चल पाया। हरीश का पता नहीं चलने पर 5 जनवरी को आक्रोशित लोग जिला कलक्ट्री के द्वार पर धरने पर बैठ गए। बाद में राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी भी पहुंची और प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। परिजनों शंका के आधार पर पुलिस कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही थी, तभी हरीश जोशी का शव उदयपुर जिले के घासा थाना क्षेत्र में वाड़ा बावड़ी के कुएं में मिल गया। इस पर राजसमंद डीएसपी नेत्रपालसिंह उदयपर पहुंचे और परिजनाें की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम हो गया, मगर परिजन व सर्वसमाज मुआवजे की मांग पर अड़ गए। इस कारण फिलहाल शव उदयपुर के एमबी हॉस्पीटल में पड़ा है और आक्रोशित लोग बुधवार सुबह 11 बजे से ही जिला कलक्ट्री के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे हैं। आक्रोशित लोग जिला कलक्टर को मुख्य द्वार पर आने की बात पर अड़ गए।
Rajsamand news : फिर कलक्टर नीचे आए और लोगों की बात सुनी। उसके बाद प्रतिनिधि मंडल को कलक्टर के चैंबर में बुलाकर वार्ता की गई, मगर सभी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई। इस कारण लोगों का धरना जारी रहा। फिर दूसरे दौर में प्रतिनिधि मंडल वापस कलक्टर से मिला, मगर किसी भी मांग पर सहमति नहीं बन पाई। उसके बाद शाम करीब पांच बजे मावली के पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी पहुंचे और तीसरी बार प्रतिनिधि मंडल कलक्टर के चैंबर में पहुंचा, जहां कलक्टर अरुण कुमार हसीजा, एसपी ममता गुप्ता, एडीएम नरेश बुनकर, एएसपी महेंद्र पारीक, एसडीएम ब्रजेश गुप्ता की मौजूदगी में प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई। इस दौरान समाज की तरफ से पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी के साथ ब्रह्मशक्ति मेवाड़ अध्यक्ष योगेश पुरोहित, शंकरलाल पुराेहित, गोपालकृष्ण पालीवाल, विप्र फाउंडेशन के शांतिलाल पालीवाल, रमेश पालीवाल, गिरीश पालीवाल, जगदीश पालीवाल, हगामीलाल पालीवाल, भानु पालीवाल आदि मौजूद थे। उसके बाद प्रतिनिधि मंडल नीचे आया और आम लोगों के समक्ष प्रशासन से हुई समझौता वार्ता से अवगत कराया, मगर धरने पर बैठे लोग उस सहमति से राजी नहीं हुए।

IAS Arun Kumar Hasija : इस बीच उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी (Diya Kumari) ने जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा से मोबाइल पर बात की। साथ ही लोगों की मांग अनुसार उचित कार्रवाई कर लोगों को संतुष्ट करने के निर्देश दिए। इस तरह चौथी बार प्रतिनिधि मंडल की जिला कलक्टर से मुलाकात हुई। फिर जिला कलक्टर ने जांच अधिकारी एएसआई जलेसिंह को एपीओ करने व पुलिस लापरवाही की जांच एएसपी महेंद्र पारीक से करवाने के आदेश पर लोग शांत हो गए। इस तरह शाम करीब साढ़े छह बजे बाद लोग धरने से उठे और विवाद शांत हुआ।
भीड़ ने बाजार करवाए बंद
Rajsamand city : जिला कलक्ट्री में धरने के दौरान एक युवाओं की टोली सौ फीट रोड होते हुए कांकरोली की तरफ बाजार बंद करवाने निकल पड़ी। सौ फीट रोड पर टायर जलाए। फिर बाजार बंद करवाते हुए आक्रोशित युवा कांकरोली पुराना बस स्टैंड पर राठासेन माता मंदिर तक पहुंच गए। इस पर एएसपी महेंद्र पारीक पहुंचे और आक्रोशित युवाओं को समझाया। फिर सभी लोग वापस कलक्ट्री के द्वार पर पहुंच गए।

10 थानों का जाब्ता, वज्र वाहन भी पहुंचा
जिला कलक्ट्री घेराव के दौरान आक्रोशित लोगों को नियंत्रित करने के लिए राजनगर- कांकरोली थाने के अलावा 10 थानों का पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। कुंभलगढ़ डीएसपी ज्ञानेंद्रसिंह, डीएसपी रोहित, डीएसपी नेत्रपाल के अलावा आमेट, केलवा, कुंवारिया, रेलमगरा, देलवाड़ा, नाथद्वारा व चारभुजा थाने का जाब्ता भी तैनात रहा।पुलिस ने वज्र वाहन भी मंगवा लिया, ताकि हालात बेकाबू होने पर नियंत्रित किया जा सके।
सुबह ही हो गया पोस्टमार्टम, शव नहीं लाए
हरीश जोशी 30 दिसंबर से लापता था और 6 जनवरी को उदयपुर जिले के घासा थाना क्षेत्र के वाड़ा बावड़ी गांव के कुएं में शव मिला। घासा थाना पुलिस ने शव को उदयपुर के एमबी चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवा दिया था, जहां बुधवार सुबह ही शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया, लेकिन सर्वसमाज के आक्रोश और जिला कलक्ट्री में धरने के चलते शव को उदयपुर अस्पताल की मोर्चरी से नहीं लाए। आखिर में शाम करीब साढ़े 6 बजे सहमति बनने के बाद शव को राजसमंद शहर के धोइंदा में पैतृक आवास पर लाया गया।
