Skip to content
March 12, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
jaivardhannews.com

jaivardhannews.com

Jaivardhan news

Nai Jindagi education Foundation

Connect with Us

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Primary Menu
  • Home
  • तकनीकी
    • ऑटो
    • मोबाइल
  • क्राइम/हादसे
    • अजब गजब
  • फाइनेंस
    • बैंक
    • कमाई टिप्स
    • सोना चांदी भाव
  • मौसम
    • स्वास्थ्य
  • बायोग्राफी
  • सरकारी योजना
    • शिक्षा
    • खेल
    • भर्ती
  • विविध
    • देश-दुनिया
    • इतिहास / साहित्य
    • Jaivardhan TV
  • वेब स्टोरी
  • राशिफल
    • धार्मिक
    • दिन विशेष
  • Privacy Policy
  • धार्मिक

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ का कितना पुराना है इसका इतिहास? जानें अद्भुत तथ्य और रोमांचक इतिहास

Jaivardhan News January 16, 2025 1 minute read

कुंभ मेला, भारतीय संस्कृति का एक अद्वितीय और महत्त्वपूर्ण हिस्सा, धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है। यह महोत्सव हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम है। कुंभ मेले की जड़ों का इतिहास और तथ्य इतने गहरे और प्राचीन हैं कि उन्हें जानने पर किसी का भी मन अचंभित हो सकता है।

Maha Kumbh Mela 2025 : कुंभ मेले की शुरुआत: वेदों और पुराणों में उल्लेख

Maha Kumbh Mela 2025 : कुंभ मेले का उल्लेख हमारे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। ऋग्वेद, यजुर्वेद, और अथर्ववेद जैसे ग्रंथों में ‘कुंभ’ शब्द का प्रयोग किया गया है। हालांकि इन ग्रंथों में ‘कुंभ’ का अर्थ घड़ा, जल-प्रवाह, या पात्र से है, लेकिन इस आयोजन की परंपरा का बीज इन्हीं में छिपा हुआ है। मत्स्य पुराण के अध्याय 103-112 में प्रयाग और अन्य पवित्र नदियों के किनारे त्योहारों और तीर्थ यात्रा का उल्लेख मिलता है।

महाभारत के तीर्थयात्रा पर्व में भी कुंभ स्नान का वर्णन किया गया है। यहां माघ महीने के दौरान प्रयाग में स्नान करने को मोक्ष का साधन बताया गया है। महाभारत में कहा गया है:

“हे भरतश्रेष्ठ! जो व्यक्ति दृढ़ व्रत का पालन करते हुए माघ के दौरान प्रयाग में स्नान करता है, वह निष्कलंक होकर स्वर्ग को प्राप्त करता है।”

इससे यह स्पष्ट होता है कि कुंभ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और मोक्ष की प्राप्ति का माध्यम है।

https://jaivardhannews.com/mahakumbha-2025-hitech-security-arrangements

Mahakumbh 2025 Facts : बौद्ध धर्म और कुंभ मेला

Mahakumbh 2025 Facts : बौद्ध धर्म के प्राचीन ग्रंथ पाली सिद्धांत में भी कुंभ मेले का उल्लेख मिलता है। मज्झिम निकाय के खंड 1.7 में प्रयाग में होने वाले स्नान और तीर्थ यात्रा का जिक्र है। यह इस बात का प्रमाण है कि कुंभ मेला केवल हिंदू धर्म तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका प्रभाव अन्य धर्मों पर भी पड़ा।

Kumbh Mela Prayagraj : इतिहास के प्रमाण: ह्वेनसांग का उल्लेख

Kumbh Mela Prayagraj : 7वीं शताब्दी में प्रसिद्ध चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपने यात्रा वृतांत में कुंभ मेले का उल्लेख किया है। उन्होंने प्रयाग में एक बड़े धार्मिक आयोजन का जिक्र किया, जहां हजारों की संख्या में साधु, संत, और श्रद्धालु एकत्र होते थे। ह्वेनसांग के विवरण से पता चलता है कि उस समय भी कुंभ मेला अपने विशाल स्वरूप और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध था।

Maha Kumbh Mela’s History : गुप्त काल और हर्षवर्धन का योगदान

Maha Kumbh Mela’s History : इतिहासकारों के अनुसार, गुप्त काल के दौरान कुंभ मेला सुव्यवस्थित रूप से आयोजित किया जाने लगा। सम्राट हर्षवर्धन (617-647 ई.) के शासनकाल में इस आयोजन का विस्तार और प्रचार-प्रसार हुआ। उन्होंने कुंभ मेले को एक राजकीय आयोजन के रूप में मान्यता दी। यह भी कहा जाता है कि हर्षवर्धन ने प्रयाग के कुंभ मेले में अपना सारा धन और संपत्ति दान कर दिया था।

Maha Kumbh Mela Mythology : आदि शंकराचार्य और कुंभ मेला

Maha Kumbh Mela Mythology : आदि शंकराचार्य ने सनातन धर्म के पुनरुत्थान के लिए कुंभ मेले की महत्ता को पहचाना। उन्होंने अपने शिष्य सुरेश्वराचार्य के साथ मिलकर दसनामी संन्यासी अखाड़ों की स्थापना की। उन्होंने संगम तट पर स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था की, जिससे कुंभ मेला अधिक व्यवस्थित और समृद्ध हुआ।

कुंभ मेले का पौराणिक महत्व

कुंभ मेले की उत्पत्ति से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथा समुद्र मंथन की है। इस कथा के अनुसार, देवताओं और असुरों ने अमृत कलश (कुंभ) प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन किया। अमृत कलश को लेकर देवताओं और असुरों के बीच 12 दिनों तक संघर्ष हुआ। इन 12 दिनों को पृथ्वी के 12 वर्षों के बराबर माना जाता है।

इस दौरान अमृत की कुछ बूंदें चार स्थानों पर गिरीं:

  1. प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
  2. हरिद्वार (उत्तराखंड)
  3. उज्जैन (मध्य प्रदेश)
  4. नासिक (महाराष्ट्र)

इन्हीं स्थानों पर आज भी कुंभ मेला आयोजित होता है।

Mahakumbh 2025 : आस्था और अध्यात्म का महासंगम, 1 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी

कुंभ मेले का आयोजन चक्र

कुंभ मेला चार स्थानों पर प्रत्येक 12वें वर्ष आयोजित किया जाता है। इन चार स्थानों पर हर 3 वर्ष के अंतराल पर अर्धकुंभ और पूर्ण कुंभ आयोजित होते हैं। महाकुंभ, जो कुंभ का सबसे बड़ा रूप है, हर 144 वर्षों में एक बार प्रयागराज में आयोजित होता है।

कुंभ मेले का आयोजन चक्र ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। यह आयोजन तब होता है, जब सूर्य, चंद्रमा, और बृहस्पति की स्थिति विशेष रूप से अनुकूल होती है। इसका उद्देश्य इन ग्रहों की ऊर्जा का लाभ उठाकर आध्यात्मिक प्रगति करना है।

कुंभ मेला: एक सामाजिक समागम

कुंभ मेला न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और एकता का भी प्रतीक है। यहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। यह मेला दुनिया का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण जनसमागम है। यहां साधु-संतों से लेकर आम जनता तक सभी एक समान भाव से भाग लेते हैं।

2025 का कुंभ मेला: विशेषताएं और आयोजन

2025 का कुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा। इस मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। संगम, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन होता है, इस मेले का मुख्य आकर्षण है।

इस बार के कुंभ मेले में अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सरकार ने मेले के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम, डिजिटल पंजीकरण, और पर्यावरण संरक्षण के उपाय किए हैं। इसके साथ ही मेले में डिजिटल इंडिया की झलक भी देखने को मिलेगी।

कुंभ मेला और विश्व धरोहर

कुंभ मेले को 2017 में यूनेस्को ने ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ की सूची में शामिल किया। यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान है।

कुंभ मेला: विश्वास और आस्था का संगम

कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, और आस्था का जीवंत उदाहरण है। यह मेला हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और यह संदेश देता है कि आस्था और विश्वास के सहारे हम हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं।

कुंभ मेला भारतीय संस्कृति का ऐसा अध्याय है, जो हमें अतीत की गहराइयों से जोड़ता है। इसका इतिहास, परंपरा, और महत्त्व हमें यह समझने में मदद करता है कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर कितनी समृद्ध और अद्वितीय है। 2025 का कुंभ मेला न केवल एक धार्मिक आयोजन होगा, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं की वैश्विक प्रस्तुति भी बनेगा। अगर आप इस ऐतिहासिक मेले का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह आपके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव हो सकता है।

डिस्क्लेमर: महाकुंभ पर आधारित लेख केवल पाठकों की जानकारी के लिए हैं। Jaivardhan News इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है।

About the Author

Jaivardhan News

Administrator

जयवर्द्धन न्यूज डेस्क टीम। पांच से 15 वर्ष तक पत्रकारिता के अनुभवी एक्सपर्ट शामिल है, जो प्रत्येक कंटेंट का गहन अवलोकन के बाद मौजूदा स्थिति के अनुसार बेहतर, निष्पक्ष, सारगर्भित व पठनीय कंटेंट तैयार करते हैं। Jaivardhan News Desk Team

Visit Website View All Posts
Visitor Views : 485

Post navigation

Previous: Top Five Best Car : ड्राइविंग को बनाएं आसान : 10 लाख रुपये के अंदर की 5 बेहतरीन बजट-फ्रेंडली कारें
Next: REET Exam Update : 13 लाख से अधिक आवेदन, 41 जिलों में परीक्षा की तैयारी, दो दिन हो सकते हैं एग्जाम

Related Stories

STALE FOOD IN HINDU BELIEFS
  • धार्मिक

STALE FOOD IN HINDU BELIEFS : क्या बासी खाना सच में बढ़ाता है दुर्भाग्य? जानें धार्मिक मान्यता का बड़ा रहस्य

Parmeshwar Singh Chundwat March 9, 2026
Festival Calendar March 2026
  • धार्मिक
  • दिन विशेष

Festival Calendar March 2026 : मार्च 2026 में त्योहारों की बहार: होली, नवरात्र और शादी के शुभ मुहूर्त से सजेगा महीना

Parmeshwar Singh Chundwat February 27, 2026
Saint Lalitprabh
  • धार्मिक

Lalitprabh Maharaj pravachan : प्रतिकूलता में भी मुस्कुराओ — राष्ट्रसंत का ऐसा मंत्र, बदल जाएगी जिंदगी!

Parmeshwar Singh Chundwat February 26, 2026
  • Poltical
  • Web Stories
  • अजब गजब
  • इतिहास / साहित्य
  • ऑटो
  • कमाई टिप्स
  • क्राइम/हादसे
  • खेल
  • तकनीकी
  • दिन विशेष
  • देश-दुनिया
  • धार्मिक
  • फाइनेंस
  • बायोग्राफी
  • बैंक
  • बॉलीवुड
  • भर्ती
  • मोबाइल
  • मौसम
  • राशिफल
  • विविध
  • शिक्षा
  • समाचार
  • सरकारी योजना
  • सोना चांदी भाव
  • स्वास्थ्य

Jaivardhan TV

YouTube Video UCkaBxhzSvuqEmluN5aAXxtA_7AgOE2wvaQ8 राजसमंद में महिला की अधजली लाश... मौत के कारण स्पष्ट नहीं, रिश्ते पर सवाल #rajsamandnews #jaivardhannews  #rajsamandpolice
राजसमंद जिले में केलवाड़ा थाना क्षेत्र के दादर का भीलवाड़ा (कड़िया) गांव के एक मकान में महिला की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। केलवाड़ा थाना पुलिस के बाद बुधवार दोपहर बाद उदयपुर से फोरेंसिक टीम व राजसमंद से एमओबी टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। महिला के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दी। कमरे में कपड़ो व बिस्तर में लाश जलते मिली और धुआं उठता देख ग्रामवासी पहुंचे तो घटना का पता चला। पुष्पा (40) पत्नी हिम्मतलाल नंगारची का शव किराए के कमरे में जलता हुआ मिला। सूचना पर केलवाड़ा थाना प्रभारी मनमंथसिंह मौके पर पहुंचे।
Rajsamand police
Kumbhalgarh news
women death
kelwara police stationOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में महिला की अधजली लाश... मौत के कारण स्पष्ट नहीं, रिश्ते पर सवाल #rajsamandnews #jaivardhannews  #rajsamandpolice
राजसमंद जिले में केलवाड़ा थाना क्षेत्र के दादर का भीलवाड़ा (कड़िया) गांव के एक मकान में महिला की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। केलवाड़ा थाना पुलिस के बाद बुधवार दोपहर बाद उदयपुर से फोरेंसिक टीम व राजसमंद से एमओबी टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। महिला के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दी। कमरे में कपड़ो व बिस्तर में लाश जलते मिली और धुआं उठता देख ग्रामवासी पहुंचे तो घटना का पता चला। पुष्पा (40) पत्नी हिम्मतलाल नंगारची का शव किराए के कमरे में जलता हुआ मिला। सूचना पर केलवाड़ा थाना प्रभारी मनमंथसिंह मौके पर पहुंचे।
Rajsamand police
Kumbhalgarh news
women death
kelwara police stationOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में महिला की अधजली लाश... मौत के कारण स्पष्ट नहीं, रिश्ते पर सवाल #rajsamandnews
राजसमंद में कुंभलगढ़ के एक घर में महिला की अधजली लाश, मौत के कारण स्पष्ट नहीं
#kumbhalgarhnews #rajsamandpolice #womendeath #rajsamandnews  #jaivardhannews #rajsamand
राजसमंद जिले में केलवाड़ा थाना क्षेत्र के दादर का भीलवाड़ा (कड़िया) गांव के एक मकान में महिला की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। केलवाड़ा थाना पुलिस के बाद बुधवार दोपहर बाद उदयपुर से फोरेंसिक टीम व राजसमंद से एमओबी टीम ने घटना स्थल का मुआयना किया। महिला के पिता ने हत्या की रिपोर्ट दी। कमरे में कपड़ो व बिस्तर में लाश जलते मिली और धुआं उठता देख ग्रामवासी पहुंचे तो घटना का पता चला।
Rajsamand news
Kumbhalgarh news
Kelwara police station
Rajsamand policeOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
राजसमंद में कुंभलगढ़ के एक घर में महिला की अधजली लाश, मौत के कारण स्पष्ट नहीं #kumbhalgarhnews
#jaivardhannews
#rajsamandOwner : Laxman Singh Rathor, Senior JournalistFacebook Page : Jaivardhannews9
Facebook Page : Liverajsamand
Website: https://jaivardhannews.com
X : jaivardhannews
Instagram : jaivardhannews
Theards : jaivardhannews
Business Inquiry Email : businessjaivardhannews@gmail.com
Mobile : 9672980901
जयवर्द्धन E Paper (PDF) के लिए वेबसाइट विजिट jaivardhannews.comकिसी भी वीडियो से किसी व्यक्ति को आघात पहुंचाना ध्येय नहीं है। फिर भी कोई ऐसी तथ्यात्मक त्रुटि या गलती लगे, तो तत्काल ई मेल व कॉल करें। उचित सुधार व समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
15 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव होंगे या नहीं? #electioncommission #rajasthanelections
Subscribe

वेब स्टोरी

  • Facebook
  • Twitter
  • Threads
  • Linkedin
  • Youtube
  • Instagram
Go to mobile version