
mining transport new rules : राजसमंद जिले में खनिज परिवहन (Mining Transport) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए खान एवं पेट्रोलियम विभाग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग अब जिले में खनिज परिवहन की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और ट्रैकिंग आधारित सिस्टम से जोड़ने की तैयारी कर रहा है, ताकि परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और राजस्व चोरी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
नए नियमों के तहत जिले में संचालित सभी Weigh Bridge (वे-ब्रिज) को निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑटोमेटेड सिस्टम से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही खनिज परिवहन में लगे सभी वाहनों में GPS Tracking System लगाना भी जरूरी होगा। खनिज विभाग के अनुसार जिले के सभी वे-ब्रिज संचालकों को अपनी मशीनों को Automation System से जोड़कर विभागीय पोर्टल से लिंक करना होगा। एमई जिनेश हुम्मड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी संचालकों को 30 मई 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वे-ब्रिज मशीनों को ऑटोमेट कर विभागीय ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ना आवश्यक है, जिससे खनिज तौल और परिवहन से जुड़ी जानकारी रियल टाइम में रिकॉर्ड हो सके। यदि कोई संचालक तय समयसीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो संबंधित वे-ब्रिज को विभागीय पोर्टल से De-Link कर दिया जाएगा। इसके बाद ऐसे वे-ब्रिज से जारी होने वाले रवन्ना (Transit Pass) कन्फर्म नहीं हो सकेंगे, जिससे उनका संचालन प्रभावित होगा।
जिले में 150 वे-ब्रिज, कई अभी प्रक्रिया में
GPS mandatory for mining vehicles : विभागीय आंकड़ों के अनुसार राजसमंद जिले में कुल 150 Weigh Bridge संचालित हैं। इनमें से कुछ वे-ब्रिज पहले ही ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं, जबकि बाकी वे-ब्रिजों पर काम अभी जारी है। विभाग ने बताया कि 30 अप्रैल 2026 तक कुछ वे-ब्रिज को ऑनबोर्ड करने का लक्ष्य रखा गया था। शेष 103 वे-ब्रिज को चरणबद्ध तरीके से 30 मई 2026 तक ऑटोमाइजेशन प्रक्रिया पूरी कर पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद विभाग के पास जिले में खनिज परिवहन की डिजिटल मॉनिटरिंग आसान हो जाएगी।
समयसीमा नहीं मानी तो बंद हो जाएगा संचालन
Rajsamand weigh bridge automation : विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं करने वाले वे-ब्रिज संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जो संचालक 30 मई तक मशीनों को ऑटोमेट नहीं करेंगे, उनके वे-ब्रिज विभागीय पोर्टल से हटा दिए जाएंगे। पोर्टल से हटने के बाद वहां से जारी किसी भी खनिज परिवहन दस्तावेज की वैधता प्रभावित हो सकती है। इससे खनिज व्यवसायियों और परिवहनकर्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए विभाग ने सभी संचालकों को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
30 जून के बाद बिना GPS वाहन पूरी तरह बंद
Rajasthan mining GPS rule 2026 : केवल वे-ब्रिज ही नहीं, बल्कि खनिज परिवहन में लगे वाहनों के लिए भी विभाग ने नई अनिवार्यता लागू की है। अब सभी खनिज परिवहन वाहनों में VTS (Vehicle Tracking System) यानी GPS Tracking Device होना जरूरी होगा। जिन वाहनों में पहले से GPS डिवाइस लगा हुआ है, उन्हें भी विभागीय वेबसाइट minesportal.rajasthan.gov.in पर ऑनबोर्ड कर 30 जून 2026 तक लाइव करना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 30 जून 2026 के बाद बिना GPS वाले वाहनों से खनिज परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। अर्थात, जिन वाहनों में GPS नहीं होगा, वे माइनिंग सामग्री जैसे मार्बल, ग्रेनाइट, पत्थर, बजरी या अन्य खनिज सामग्री का परिवहन नहीं कर सकेंगे।

ऑनलाइन ट्रैकिंग से होगी पूरी निगरानी
Rajsamand mining news today : खनिज विभाग का उद्देश्य खनिज परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और ट्रैकिंग आधारित बनाना है। GPS और Automated Weigh Bridge के जरिए विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कौन-सा वाहन किस स्थान से खनिज लेकर निकला, किस मार्ग से गुजरा और किस स्थान तक पहुंचा। इससे अवैध खनन, गलत तौल, फर्जी रवन्ना और टैक्स चोरी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकेगी।
राजस्व चोरी रोकना मुख्य लक्ष्य
विभागीय अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था लागू होने के बाद खनिज परिवहन की मॉनिटरिंग पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो जाएगी। ऑनलाइन सिस्टम के जरिए हर वाहन की लोकेशन और हर वे-ब्रिज का डेटा रिकॉर्ड होगा। इससे खनिज विभाग को वास्तविक परिवहन गतिविधियों की जानकारी मिल सकेगी और राजस्व नुकसान को कम किया जा सकेगा।
व्यवसायियों और वाहन मालिकों को दी सलाह
विभाग ने सभी खनिज व्यवसायियों, वाहन मालिकों और वे-ब्रिज संचालकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपने सिस्टम अपडेट कर लें। समयसीमा पूरी होने के बाद यदि कोई वाहन या वे-ब्रिज नियमों का पालन नहीं करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राजसमंद जिले में खनिज परिवहन पहले से अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।



