
राजसमंद। NABARD LEDP Training Program : ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। नाबार्ड द्वारा स्वीकृत आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (LEDP) के तहत भीम ब्लॉक में ग्रामीण महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस परियोजना का संचालन अर्पण सेवा संस्थान द्वारा किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत कूकड़ा, लसाडिया, बली जस्सा खेड़ा, टोगी, थानेटा और बालातो की गुवार गांवों की कुल 90 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। महिलाओं को 30-30 के तीन अलग-अलग बैचों में बांटकर 20 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को सिलाई, कटिंग, डिजाइनिंग, मशीन संचालन और परिधान निर्माण की बारीकियां सिखाई जाएंगी, ताकि वे भविष्य में खुद का रोजगार शुरू कर सकें। कार्यक्रम की शुरुआत फीता काटकर और स्वागत उद्बोधन के साथ की गई। इस दौरान नाबार्ड, बैंकिंग संस्थाओं और अर्पण सेवा संस्थान के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी, स्वरोजगार के अवसर, बैंकिंग सहयोग और वित्तीय समावेशन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना उद्देश्य

rural women sewing training Rajasthan : नाबार्ड राजसमंद के जिला विकास प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने महिलाओं को नियमित रूप से प्रशिक्षण में भाग लेने और प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं और सरकारी सहायता कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।

बैंकिंग और ऋण सुविधाओं की दी जानकारी
Bhim Rajsamand women self employment : लीड बैंक प्रबंधक प्रेम शंकर जीनगर ने महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, बचत योजनाओं, वित्तीय साक्षरता और स्वरोजगार ऋण से जुड़ी जानकारियां दीं। उन्होंने कहा कि बैंक स्तर पर महिलाओं को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया।
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर रहेगा फोकस
अर्पण सेवा संस्थान के प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. चंद्रशेखर मीणा ने बताया कि प्रशिक्षण पूरी तरह व्यावहारिक होगा। महिलाओं को सिलाई मशीन संचालन, कपड़ों की कटिंग, डिजाइनिंग और तैयार परिधान निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कौशल विकास नहीं बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे अपने परिवार की आय बढ़ाने में सहयोग कर सकें।
स्वरोजगार और माइक्रो एंटरप्राइज पर विशेष मार्गदर्शन
NABARD women empowerment scheme : कार्यक्रम के दौरान आयोजित पीएमआईसी बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी प्रशिक्षण बैच निर्धारित समयानुसार संचालित किए जाएंगे। साथ ही प्रतिभागी महिलाओं को वित्तीय साक्षरता, स्वरोजगार और माइक्रो एंटरप्राइज स्थापित करने से जुड़ी विशेष जानकारी और मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
महिलाओं ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
self employment training for women : ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में इस एलईडीपी परियोजना को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग लेते हुए भविष्य में स्वयं का रोजगार शुरू करने की इच्छा जताई। महिलाओं ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में संस्था प्रतिनिधि मीना सेन, उदय सिंह, झमकू देवी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में अर्पण सेवा संस्थान के महावीर शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।



