
NFSA beneficiary : राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) में बड़ा घोटाला सामने आया है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की जांच में पता चला है कि करीब 29 लाख लोगों ने बिना ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी किए ही हर महीने मुफ्त गेहूं उठाया। इन लोगों के नाम अब योजना से हटाए जा रहे हैं और इसका प्रस्ताव खाद्य मंत्री सुमित गोदारा को भेजा गया है।
NFSA list removal : राज्य सरकार द्वारा NFSA योजना के तहत पात्र लाभार्थियों का आधार सत्यापन और ई-केवाईसी करवाने का निर्देश दिया गया था, जिसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 थी। लेकिन इस समय-सीमा तक 29 लाख 2 हजार 308 लोग ऐसे पाए गए, जिन्होंने न तो आधार से राशन कार्ड लिंक करवाया और न ही ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की। इसके बावजूद ये लोग प्रतिमाह औसतन 1 करोड़ 16 लाख किलो गेहूं उठा रहे थे।
10 साल से छोटे बच्चे और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को राहत
NFSA eligibility criteria : इस कार्रवाई के दौरान राज्य सरकार ने कुछ मानवीय निर्णय भी लिए हैं। 10 साल तक के बच्चों और 70 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को इस प्रक्रिया से फिलहाल छूट दी गई है, ताकि ज़रूरतमंद वंचित न हों। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि केवल योग्य लोगों को ही लाभ मिले और अपात्र लोग सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग न करें।
गिवअप अभियान से 16 लाख लोग खुद हटे
Give up ration scheme Rajasthan : राज्य सरकार द्वारा नवंबर 2024 से शुरू किया गया “गिव अप अभियान” अभी भी जारी है और इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2025 तय की गई है। इस अभियान के तहत सक्षम व्यक्तियों से स्वेच्छा से योजना से नाम हटाने की अपील की गई थी। अब तक 16 लाख से अधिक लोग अपने नाम स्वेच्छा से हटा चुके हैं, जिससे उन स्थानों पर वास्तविक ज़रूरतमंदों को योजना में शामिल किया गया है। वर्तमान में राजस्थान सरकार 4 करोड़ 46 लाख लोगों को NFSA योजना के तहत मुफ्त गेहूं उपलब्ध करवा रही है।

कलक्टर को मिला नाम जोड़ने व हटाने का अधिकार
food security scheme : राजस्थान सरकार ने योजना को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के लिए जिला कलेक्टरों को भी लाभार्थियों के नाम जोड़ने और हटाने का अधिकार दे दिया है। साथ ही, नागरिक अब विभागीय वेबसाइट पर भी आवेदन कर सकते हैं।
किन्हें अपात्र माना जाएगा? जिन परिवारों के किसी सदस्य की निम्नलिखित श्रेणियों में गिनती होती है, उन्हें अपात्र माना जाएगा-
- सरकारी, अर्ध-सरकारी, स्वायत्तशासी संस्थानों में नियमित कर्मचारी या अधिकारी
- एक लाख रुपए से अधिक वार्षिक पेंशन पाने वाले
- सभी सदस्यों की संयुक्त आय एक लाख रुपए वार्षिक से अधिक
- निजी चारपहिया वाहन मालिक
- आयकरदाता

अपात्र से 27 रुपए किलो की दर से वसूली
Ration Card : सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी ने 30 अप्रैल तक अपना नाम स्वेच्छा से नहीं हटाया, और वह अपात्र होने के बावजूद योजना का लाभ उठाता रहा, तो उससे 27 रुपए प्रति किलो गेहूं के हिसाब से शास्ति (penalty) और ब्याज सहित वसूली की जाएगी। इसके लिए लगातार आमजन को सचेत व अलर्ट किया जा रहा है। साथ ही उचित मूल्य दुकानदारों और ग्राम पंचायत के माध्यम से आमजन को जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि जिन लोगों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, उनके नाम हटाए जाएंगे। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि ऐसे लोग कौन हैं और उन्होंने अब तक किस तरह लाभ उठाया।
FAQs : खास प्रश्न और उत्तर
प्रश्न 1. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) क्या है?
उत्तर: यह एक केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को कम कीमत या मुफ्त में खाद्यान्न (गेहूं, चावल आदि) उपलब्ध कराया जाता है।
प्रश्न 2. राजस्थान में इस योजना के तहत कितने लोगों को लाभ मिल रहा है?
उत्तर: वर्तमान में राजस्थान में लगभग 4 करोड़ 46 लाख लोग NFSA योजना के तहत लाभान्वित हो रहे हैं।
प्रश्न 3. ई-केवाईसी क्या है और क्यों जरूरी है?
उत्तर: ई-केवाईसी यानी इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर, एक प्रक्रिया है जिसमें लाभार्थी का आधार कार्ड और अन्य विवरण डिजिटल रूप से वेरीफाई किया जाता है। यह फर्जी लाभार्थियों की पहचान रोकने के लिए जरूरी है।
प्रश्न 4. ई-केवाईसी की अंतिम तिथि क्या थी?
उत्तर: ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 निर्धारित की गई थी।
प्रश्न 5. कितने लोगों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई है?
उत्तर: लगभग 29 लाख 2 हजार 308 लोगों ने समय रहते ई-केवाईसी नहीं करवाई।
प्रश्न 6. क्या ऐसे सभी लोगों के नाम योजना से हटा दिए जाएंगे?
उत्तर: हां, जिन लोगों ने ई-केवाईसी नहीं करवाई, उनके नाम योजना से हटाए जाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
प्रश्न 7. किन लोगों को योजना से राहत दी गई है?
उत्तर: 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को ई-केवाईसी से फिलहाल छूट दी गई है।
प्रश्न 8. “गिव अप” अभियान क्या है?
उत्तर: यह एक स्वैच्छिक अभियान है जिसमें सक्षम व्यक्ति खुद ही योजना से बाहर होने का निर्णय ले सकते हैं। यह अभियान 30 अप्रैल 2025 तक जारी रहेगा।
प्रश्न 9. अब तक कितने लोगों ने योजना से खुद को हटाया है?
उत्तर: लगभग 16 लाख से अधिक लाभार्थी अब तक “गिव अप” अभियान के तहत खुद को योजना से बाहर कर चुके हैं।
प्रश्न 10. योजना से नाम हटाने या जोड़ने का अधिकार किसे है?
उत्तर: अब जिला कलेक्टरों को भी लाभार्थियों के नाम जोड़ने और हटाने का अधिकार दिया गया है।
प्रश्न 11. अगर कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ लेता रहा है तो क्या कार्रवाई होगी?
उत्तर: ऐसे लोगों से 27 रुपये प्रति किलो गेहूं की दर से शास्ति (पेनल्टी) वसूली जाएगी, जिसमें ब्याज भी शामिल होगा।
प्रश्न 12. योजना में अपात्र कौन माने जाएंगे?
उत्तर: जिनके परिवार में कोई सरकारी, अर्ध-सरकारी कर्मचारी हो, सालाना आय 1 लाख से ज्यादा हो, आयकरदाता हो, या चारपहिया वाहन हो, वे अपात्र माने जाएंगे।
प्रश्न 13. योजना में नाम हटाने या जोड़ने के लिए कहां आवेदन करें?
उत्तर: लाभार्थी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न 14. अगर ई-केवाईसी में गलती हो गई है तो उसे कैसे सुधारें?
उत्तर: आधार सेवा केंद्र या राशन कार्ड केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन कराकर सुधार किया जा सकता है।
प्रश्न 15. योजना से जुड़ी अधिक जानकारी कहां से प्राप्त की जा सकती है?
उत्तर: राज्य सरकार की खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाइट, संबंधित राशन डीलर, या जिला कलेक्टर कार्यालय से जानकारी ली जा सकती है।
