
नाथद्वारा। Panchayat Samiti Election : पंचायतीराज चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा की अंदरूनी नाराजगी नामांकन के अंतिम दिन मंगलवार को खुलकर सामने आ गई। नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र में जिला परिषद के वार्ड 7 और 10 के टिकटों को लेकर विधायक विश्वराजसिंह मेवाड़ नाराज नजर आए। वे दिनभर जनसुनवाई केंद्र पर बैठे रहे और नामांकन प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी। उनके समर्थन में पंचायत समिति के 11 भाजपा प्रत्याशी भी विधायक कार्यालय पहुंच गए। विवाद बढ़ने पर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजयकुमार को हस्तक्षेप करना पड़ा। टिकट वितरण का असर खमनोर पंचायत समिति के वार्ड 5, 17 और 18 में भी दिखाई दिया, जहां भाजपा की ओर से कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया।
भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी विधायक कार्यालय पहुंचे और नाराज प्रत्याशियों को मनाने का प्रयास किया। दोपहर 3 बजे नामांकन की समय सीमा समाप्त होने से करीब पांच मिनट पहले कार्यालय में मौजूद प्रत्याशी डाक बंगले से रवाना होकर तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपने आवेदन जमा कराए। वहीं, भाजपा जिला महामंत्री प्रदीप काबरा करीब पांच प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म लेकर निर्धारित समय समाप्त होने के बाद पहुंचे। इस पर रिटर्निंग अधिकारी ने आवेदन स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
खमनोर के तीन वार्डों में भाजपा का कोई नामांकन नहीं
BJP Candidate Nomination Controversy : खमनोर पंचायत समिति के वार्ड 5, 17 और 18 में भाजपा की ओर से किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। टिकट विवाद के चलते दावेदार दिनभर विधायक कार्यालय में ही बैठे रहे और नामांकन के लिए नहीं पहुंचे। वार्ड 5 में कांग्रेस की गंगा और वार्ड 17 में सुंदरबाई बलाई ने नामांकन दाखिल किया। वहीं, वार्ड 18 में कांग्रेस के दो प्रत्याशियों ने आवेदन किया है। ऐसे में नामांकन पत्रों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल इन तीनों वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन की संभावना जताई जा रही है। नाथद्वारा क्षेत्र में टिकट वितरण को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम ने भाजपा के स्थानीय संगठन के बीच समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले भी सामने आ चुका है पार्टी के भीतर असंतोष
Nathdwara BJP Ticket Distribution Dispute : निकाय चुनाव के दौरान विधायक विश्वराजसिंह मेवाड़ और सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ प्रदीप काबरा अपहरण प्रकरण को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने-प्रदर्शन में शामिल हुए थे। अब पंचायतीराज चुनाव में टिकट वितरण को लेकर असंतोष सामने आने से पार्टी की अंदरूनी खींचतान फिर चर्चा में आ गई है। जिला परिषद के वार्ड 7 की सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित होने पर कोठारिया मंडल अध्यक्ष हरदयालसिंह चौहान और होटल व्यवसायी मदनसिंह चौहान ने दावेदारी पेश की थी। सोमवार को प्रदेश कार्यालय में हरदयालसिंह का टिकट तय कर उनका नामांकन फॉर्म भी भरवा दिया गया था। हालांकि, देर रात जारी प्रत्याशियों की सूची में मदनसिंह चौहान को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। इसके बाद पार्टी के भीतर विरोध शुरू हो गया। इसी तरह वार्ड 10 में पूर्व जिलाध्यक्ष मानसिंह बारहठ के भाई संजयसिंह की पत्नी मंजूकुंवर की जगह दुर्गा गुर्जर को टिकट दिया गया। इससे भी असंतोष की स्थिति बनी। भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल ने बताया कि वार्ड 7 में टिकट को लेकर तीन-चार प्रत्याशी नाराज थे और नामांकन दाखिल नहीं कर रहे थे। समझाइश के बाद उन्हें मना लिया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मदनसिंह चौहान को प्रत्याशी बनाया है और हरदयालसिंह भी परिवार के सदस्य हैं। Vishvaraj Singh Mewar News
राजसमंद में वार्ड 19 के टिकट पर भी बदले समीकरण
Rajasthan Panchayati Raj Election 2026 राजसमंद में जिला परिषद के वार्ड 19 के टिकट को लेकर भी पार्टी में खींचतान देखने को मिली। शुरुआत में मंजू कलाल को टिकट दिया गया था, लेकिन बाद में नरहरीदेवसिंह राठौड़ को प्रत्याशी घोषित किए जाने से राजनीतिक समीकरण बदल गए। इसके बाद पूर्व प्रधान अरविंदसिंह राठौड़ की पत्नी नीलमकुंवर ने अंतिम समय में नामांकन दाखिल किया। अरविंदसिंह राठौड़ ने वार्ड 14 से दावेदारी जताई थी, जबकि वार्ड 19 उनका गृह वार्ड है। बताया जा रहा है कि विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने पार्टी पदाधिकारियों से बातचीत के बाद टिकट वितरण के समीकरणों में बदलाव करवाया।



