
PM Fasal Bima Yojana : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2026 के तहत मुआवजा राशि अभी पूरे राजस्थान के सभी किसानों को वितरित नहीं हुई है। राज्य में अभी भी बड़ी संख्या में किसानों के क्लेम लंबित बताए जा रहे हैं। राजस्थान सरकार ने खुद माना है कि कई बीमा कंपनियों ने तय समय पर भुगतान नहीं किया, जिसके कारण करोड़ों रुपए के दावे अटके हुए हैं। इसी वजह से सरकार ने कंपनियों पर 12% तक जुर्माना लगाने की कार्रवाई शुरू की है। हालांकि सवाई माधोपुर जिले में सवाई माधोपुर जिले में 51 हजार से अधिक किसानों को 47 करोड़ 33 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा 2025 में केंद्र सरकार ने राजस्थान के लाखों किसानों के खातों में फसल बीमा राशि ट्रांसफर की थी, लेकिन सभी जिलों और सभी पात्र किसानों का भुगतान एक साथ पूरा नहीं हुआ था।
Crop Damage Relief Rajasthan : राज्य सरकार लगातार बीमा कंपनियों पर दबाव बना रही है ताकि शेष भुगतान जल्द किया जा सके। कुछ जिलों में क्लेम राशि जारी हो चुकी है, जबकि कई किसानों के खाते में पैसा पहुंच चुका है। लेकिन पूरे राजस्थान में सभी लंबित क्लेम का भुगतान अभी पूर्ण रूप से नहीं हुआ है। उल्लेखनीय है कि खरीफ सीजन 2025 में अतिवृष्टि और लगातार बारिश के कारण हजारों किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं। खासकर बाजरा, उड़द और तिल जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। लेकिन अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को राहत मिलनी शुरू हो गई है।
योजना की खासियत
Crop Damage Relief Rajasthan : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देशभर के किसानों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में काम कर रही है। प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखा या अन्य कारणों से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। राजस्थान में भी यह योजना लगातार किसानों को राहत पहुंचा रही है। सवाई माधोपुर जिले में खरीफ-2025 सीजन के दौरान हुई भारी बारिश से फसलों को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा। इसके बाद जिला प्रशासन ने तुरंत सर्वे प्रक्रिया शुरू कर किसानों की मदद सुनिश्चित की।

सवाई माधोपुर में किसानों तक पहुंची राहत
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana : जिला प्रशासन, कृषि विभाग और बीमा कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से किए गए सर्वे और वैज्ञानिक आकलन के बाद किसानों के नुकसान का मूल्यांकन किया गया। कृषि विभाग के मुताबिक सवाई माधोपुर जिले में अब तक 51 हजार 370 किसानों के बैंक खातों में 46 करोड़ 28 लाख रुपए डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किए जा चुके हैं। प्रशासन का दावा है कि बाकी किसानों को भी जल्द भुगतान किया जाएगा। यह आर्थिक सहायता किसानों के लिए राहत का बड़ा जरिया बनी है। कई किसानों ने बताया कि इस राशि से वे अगली फसल की तैयारी कर पाएंगे और आर्थिक संकट से बाहर निकलने में मदद मिलेगी। पिछले वर्ष खरीफ-2024 में किसानों को करीब 35 करोड़ 44 लाख रुपए का मुआवजा मिला था, जबकि इस बार दावा राशि बढ़कर 47 करोड़ 33 लाख रुपए तक पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि प्रशासन ने इस बार नुकसान का अधिक सटीक आकलन किया और किसानों तक सहायता पहुंचाने में तेजी दिखाई। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर क्लेम मिलने से किसानों का भरोसा सरकारी योजनाओं पर मजबूत होता है। जिला कलेक्टर काना राम के निर्देशन में कृषि विभाग और बीमा कंपनी ने संयुक्त टीम बनाकर खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान फसल कटाई प्रयोग, उपज का आकलन और वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से नुकसान का मूल्यांकन किया गया। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीणा ने बताया कि जिले में बाजरा, उड़द और तिल की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा था। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किसानों के लिए रिकॉर्ड दावा राशि स्वीकृत की गई।

किसानों ने बताया योजना को लाभकारी
ग्राम कुश्तला निवासी किसान मेरवाल सिंह ने बताया कि उन्होंने केवल 5 हजार 315 रुपए का प्रीमियम जमा करवाया था, लेकिन फसल खराब होने के बाद उन्हें 1 लाख 81 हजार रुपए का क्लेम मिला। इसी तरह ग्राम खिजूरी के एक किसान को लगभग 3 हजार 800 रुपए प्रीमियम पर 1 लाख 6 हजार रुपए की राहत राशि प्राप्त हुई। किसानों का कहना है कि यह योजना प्राकृतिक आपदा के समय उनके लिए आर्थिक सुरक्षा कवच बनकर सामने आई है।
समय पर बीमा करवाने की अपील
Rajasthan Farmers Insurance News: भारतीय किसान संघ के संभागीय मंत्री एवं प्रगतिशील किसान गजानंद जाट ने किसानों से समय पर फसल बीमा करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कई किसान जानकारी के अभाव में बीमा नहीं करवाते, जिसके कारण नुकसान होने पर उन्हें आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने किसानों से फसल खराब होने की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को देने और सभी जरूरी दस्तावेज समय पर जमा कराने की भी सलाह दी।
खरीफ-2026 के लिए जुलाई में होंगे आवेदन
कृषि विभाग के अनुसार खरीफ-2026 सीजन के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आवेदन 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक किए जाएंगे। गैर-ऋणी किसानों को केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करवाना होगा। प्रशासन ने किसानों से समय रहते आवेदन करने और अपनी फसलों को बीमा सुरक्षा देने की अपील की है।
फसल बीमा योजना क्यों है जरूरी?
PM Fasal Bima Yojana Rajasthan: राजस्थान जैसे राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता रहता है। कभी सूखा तो कभी अतिवृष्टि किसानों के लिए भारी नुकसान का कारण बनती है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान समय पर बीमा करवाएं और सही जानकारी दर्ज करें तो प्राकृतिक आपदा के समय उन्हें बड़ी राहत मिल सकती है।
pmfby : राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर 2026 में कई बड़े अपडेट सामने आए हैं। राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ने किसानों के लंबित क्लेम, बीमा कंपनियों की जवाबदेही और डिजिटल प्रक्रिया को लेकर सख्त कदम उठाए हैं।
PM फसल बीमा योजना में मुख्य बदलाव
1. क्लेम भुगतान प्रक्रिया पर सख्ती
- बीमा कंपनियों को तय समय में भुगतान करना होगा।
- देरी होने पर पेनल्टी लगेगी।
- जिला स्तर पर मॉनिटरिंग बढ़ाई गई है।
2. ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे की तैयारी
सरकार अब फसल नुकसान का आकलन ड्रोन और सैटेलाइट इमेजिंग से करने की तैयारी कर रही है। इससे नुकसान का सही आंकलन जल्दी हो सकेगा और क्लेम तेजी से पास होगा।
3. ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस सिस्टम मजबूत
किसान अब घर बैठे:
- आवेदन कर सकते हैं
- प्रीमियम चेक कर सकते हैं
- क्लेम स्टेटस देख सकते हैं
- शिकायत दर्ज कर सकते हैं
इसके लिए आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध है: PMFBY Portal (PMFBY)
राजस्थान में कौन-कौन सी फसलें कवर हैं?
राजस्थान कृषि विभाग के अनुसार योजना में खरीफ और रबी दोनों सीजन की कई फसलें शामिल हैं। (RajKisan)
खरीफ फसलें
- बाजरा
- मक्का
- मूंग
- ग्वार
- सोयाबीन
- धान
- कपास
- मूंगफली
रबी फसलें
- गेहूं
- चना
- सरसों
- जीरा
- धनिया
- मैथी
- जौ
- मसूर
किसानों को कितना प्रीमियम देना होता है?
योजना में किसानों को बहुत कम प्रीमियम देना पड़ता है।
| फसल प्रकार | किसान का प्रीमियम |
|---|---|
| खरीफ फसल | 2% |
| रबी फसल | 1.5% |
| बागवानी/वाणिज्यिक फसल | 5% |
बाकी राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देती हैं।
फसल खराब होने पर क्या करना जरूरी है?
अगर किसान की फसल खराब होती है तो:
- 72 घंटे के अंदर सूचना देना जरूरी है
- सूचना बीमा कंपनी, कृषि अधिकारी या पोर्टल पर दे सकते हैं
- देरी होने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है
क्लेम स्टेटस कैसे चेक करें?
किसान:
- PMFBY वेबसाइट खोलें
- “Farmer Corner” पर जाएं
- “Application Status” या “Claim Status” चुनें
- आधार नंबर या रसीद नंबर डालें
- स्टेटस देखें
राजस्थान सरकार की किसानों को सलाह
राज्य कृषि विभाग किसानों को ये बातें सुनिश्चित करने को कह रहा है:
- बैंक खाते की KYC पूरी रखें
- आधार लिंक होना चाहिए
- सही समय पर आवेदन करें
- फसल बुवाई प्रमाण पत्र रखें
- नुकसान की सूचना तुरंत दें
2026 में किसानों को क्या फायदा होगा?
2026 में योजना के तहत:
- क्लेम भुगतान तेज होने की उम्मीद
- डिजिटल सर्वे से पारदर्शिता बढ़ेगी
- कंपनियों की जवाबदेही तय होगी
- किसानों को प्राकृतिक आपदा में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान में लगातार बदलते मौसम और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए फसल बीमा अब किसानों के लिए बेहद जरूरी सुरक्षा कवच बन चुका है।



